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इस बार कम चले पटाखे
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दीपावली पर सुरेन्द्र नगर स्थित घर पर फुलझड़ी जलाती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
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दिवाली शनिवार को हर्षोल्हास और धूमधाम से मनाई गई। हर घर और हर दर रोशन रहा। इमारतों की जगमगाहट देखने लायक थी। शनिवार दोपहर सवा दो बजे तक छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी रही और उसके बाद बड़ी दिवाली शुरू हो गई। दोपहर तक लोगों ने नरक चतुर्दशी की पूजा की और कुछ घंटे बाद शाम साढ़े सात बजे दिवाली का पूजन किया। लोगों ने माता महालक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना कर मिट्टी के दीपकों से दिवाली जलाई। इसके बाद व्यंजनों और पटाखों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस बार पिछले सालों के मुकाबले पटाखे कम ही चले। लोगों ने मोबाइल पर बधाई दी, तो कुछ लोगों पड़ोस में मिलने भी पहुंचे। कोरोना संक्रमण काल का ध्यान रखते हुए लोगों ने मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया। दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कोरोना मरीजों को बेहतर वातावरण देने के लिए वहां भी मोमबत्तियों से दिवाली रोशन की गई।
इधर, बाजारों में देर रात दस बजे तक खरीदारी होती रही। सर्वाधिक भीड़ मिठाई, पटाखा, जनरल स्टोर, सजावट के सामान, फूलों और फलों की दुकानों पर रही। वहीं कपड़ों, बर्तनों और अन्य सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों का जमावड़ा रहा। ऑटों शोरूमों में भी शाम तक डिलीवरी होती रही। इस बार दिवाली में मिट्टी के दीपक, मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की सर्वाधिक मांग रही। मांग के अनुसार मिट्टी से बने गणेश लक्ष्मी हर जगह उपलब्ध नहीं हो सके। जहां भी मिट्टी के गणेश लक्ष्मी उपलब्ध थे वह हाथोंहाथ ले लिए गए।
सुरक्षा इंतजाम
1- सात सेक्टर मजिस्ट्रेट, चार रिजर्व मजिस्ट्रेट के साथ एसीएम प्रथम एवं द्वितीय और सिटी मजिस्ट्रेट अभी भैया दूज के दिन तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
2-किसी भी घटना पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के साथ पुलिस लगभग दस मिनट में मौके पर पहुंचेंगे और कंट्रोल रूम को अलर्ट करेंगे।
3-सुबह से रात 11 बजे पुलिस की प्रथम पाली और इसके बाद दूसरे दिन सुबह तक दूसरी पाली की गश्त बनी रहेगी।
4-नगर निगम के कमांड कंट्रोल सेंटर पर तीन दरोगा शहर के सभी चौराहों पर कैमरों से नजर बनाए हुए हैं।
5-जिला प्रशासन ने आतिशबाजी चलाने के लिए रात आठ से दस बजे तक की अनुमति दी है। इसका असर दिख रहा है।
6-दो घंटे की आतिशबाजी के बाद भी वायु प्रदूषण में इजाफा हुआ और रविवार को पूरे दिन धुंध छायी रही। शाम को मौसम बदल गया।
7- रविवार सुबह से गोवर्धन के दिन मौसम ठंडा रहा, हल्की धूप रही। शाम को बूंदाबांदी से मौसम सर्द हो गया। जिससे गोर्वधन की पूजा भी प्रभावित रही।
भैया दूज का मुहूर्त आज दिन भर
भैया दूज सोमवार 16 नवंबर को 7: 07 बजे से भैया दूज का मुहूर्त दिन भर मान्य रहेगा। बहनें भाइयों की कुशलता के लिए टीका करेंगी।
निशीथ काल में लोगों ने सिद्धी पाठ किए
दिवाली के दिन रात में कर्क लग्न यानी निशीथ काल रात्रि 10:53 से प्रारंभ होकर रात 1:11 बजे तक रहा। निशीथ काल में समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी का प्रादुर्भाव हुआ था। इसलिए इस समय को सभी विद्वान आचार्य अत्यंत श्रेष्ठ मानते हैं। इसी समय में लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल सहत्रनाम, महालक्ष्मी, महाकाली, भगवान गणेश की वंदना कर पाठ किया। मंदिरों में भी इस समय कुछ लोगों ने अपने पाठ कराए।
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इधर, बाजारों में देर रात दस बजे तक खरीदारी होती रही। सर्वाधिक भीड़ मिठाई, पटाखा, जनरल स्टोर, सजावट के सामान, फूलों और फलों की दुकानों पर रही। वहीं कपड़ों, बर्तनों और अन्य सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों का जमावड़ा रहा। ऑटों शोरूमों में भी शाम तक डिलीवरी होती रही। इस बार दिवाली में मिट्टी के दीपक, मिट्टी के गणेश लक्ष्मी की सर्वाधिक मांग रही। मांग के अनुसार मिट्टी से बने गणेश लक्ष्मी हर जगह उपलब्ध नहीं हो सके। जहां भी मिट्टी के गणेश लक्ष्मी उपलब्ध थे वह हाथोंहाथ ले लिए गए।
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सुरक्षा इंतजाम
1- सात सेक्टर मजिस्ट्रेट, चार रिजर्व मजिस्ट्रेट के साथ एसीएम प्रथम एवं द्वितीय और सिटी मजिस्ट्रेट अभी भैया दूज के दिन तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
2-किसी भी घटना पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के साथ पुलिस लगभग दस मिनट में मौके पर पहुंचेंगे और कंट्रोल रूम को अलर्ट करेंगे।
3-सुबह से रात 11 बजे पुलिस की प्रथम पाली और इसके बाद दूसरे दिन सुबह तक दूसरी पाली की गश्त बनी रहेगी।
4-नगर निगम के कमांड कंट्रोल सेंटर पर तीन दरोगा शहर के सभी चौराहों पर कैमरों से नजर बनाए हुए हैं।
5-जिला प्रशासन ने आतिशबाजी चलाने के लिए रात आठ से दस बजे तक की अनुमति दी है। इसका असर दिख रहा है।
6-दो घंटे की आतिशबाजी के बाद भी वायु प्रदूषण में इजाफा हुआ और रविवार को पूरे दिन धुंध छायी रही। शाम को मौसम बदल गया।
7- रविवार सुबह से गोवर्धन के दिन मौसम ठंडा रहा, हल्की धूप रही। शाम को बूंदाबांदी से मौसम सर्द हो गया। जिससे गोर्वधन की पूजा भी प्रभावित रही।
भैया दूज का मुहूर्त आज दिन भर
भैया दूज सोमवार 16 नवंबर को 7: 07 बजे से भैया दूज का मुहूर्त दिन भर मान्य रहेगा। बहनें भाइयों की कुशलता के लिए टीका करेंगी।
निशीथ काल में लोगों ने सिद्धी पाठ किए
दिवाली के दिन रात में कर्क लग्न यानी निशीथ काल रात्रि 10:53 से प्रारंभ होकर रात 1:11 बजे तक रहा। निशीथ काल में समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी का प्रादुर्भाव हुआ था। इसलिए इस समय को सभी विद्वान आचार्य अत्यंत श्रेष्ठ मानते हैं। इसी समय में लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के गोपाल सहत्रनाम, महालक्ष्मी, महाकाली, भगवान गणेश की वंदना कर पाठ किया। मंदिरों में भी इस समय कुछ लोगों ने अपने पाठ कराए।

दीवाली पर परिवार के साथ फुलझड़ी चलाते सौरभ सिक्स संस।- फोटो : CITY OFFICE

दीपावली पर हिन्दू मुस्लिम भाई चारे की तहजीब मिशाल कायम करते। ऊपरकोट में अनार जलाकर दीपावली मनात?- फोटो : CITY OFFICE

दीपावली पर घरों में जगमगाए खुशियों के दीपक । सासनी गेट स्थित आवास विकास कॉलोनी में पत्नी पारुल ज?- फोटो : CITY OFFICE
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