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जांच रिपोर्ट तैयार: पूर्व विधायक पुत्र को इलाज देने वाला थेरेपी सेंटर अवैध, पुलिस को रिपोर्ट, मुकदमे की तैयारी
Wed, 24 Jul 2024 04:06 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 24 Jul 2024 04:06 AM IST
सार
निजी अस्पताल मामलों के प्रभारी एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कहा है कि यह हर्बल पद्धति है। यह चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि योग की श्रेणी मानी जाती है। इसका प्रमाण पत्र या पंजीकरण नहीं होता है। इस तरह का उपचार सिर्फ आर्थोपैडिक सर्जन के नर्सिंग होम में उनकी निगरानी में हो सकता है। यह पूरी तरह से अवैध पाया गया है।
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धौर्रामाफी में सील हॉस्पीटल
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ़ में धौर्रा इलाके का कथित शेरवानी फिजियोथेरेपी सेंटर (एसएस हरबल थैरेपी सेंटर) का संचालन अवैध पाया गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिकित्सा पद्धति, उसके प्रमाण पत्रों आदि की जांच कर रिपोर्ट तैयार की है और देर शाम उसे पुलिस को भेजा है। अब पुलिस स्तर से मुकदमा दर्ज किया जाएगा। बता दें कि इसी सेंटर में फिरोजाबाद के पूर्व विधायक पुत्र को उपचार के दौरान पैरालिसिस हुआ था। तभी से वह आगरा के अस्पताल में आईसीयू में है। सोमवार को इसकी लिखित शिकायत जिला पुलिस-प्रशासन से हुई थी।
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बता दें कि फिरोजाबाद के पूर्व विधायक शिव सिंह चक के बेटे सुमित को कुछ समय पहले चोट लगी थी। सुमित इस कथित शेरवानी फिजियोथेरेपी सेंटर में 9 जुलाई को उपचार के लिए पहुंचा। सेंटर संचालक आरिफ शेरवानी ने अपने बेटे के साथ उपचार किया। आरोप है कि उपचार के दौरान सुमित के हाथ-पैर आदि अंगों ने हिलना-डुलना बंद कर दिया। पूर्व विधायक की शिकायत पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर और बिल्डिंग सील कर दी। मुकदमे के लिए स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट तलब की गई। इस मामले में एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि प्रकरण में सीएमओ कार्यालय से जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही मुकदमा आदि विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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ये चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि योग की श्रेणी
निजी अस्पताल मामलों के प्रभारी एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कहा है कि यह हर्बल पद्धति है। यह चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि योग की श्रेणी मानी जाती है। इसका प्रमाण पत्र या पंजीकरण नहीं होता है। इस तरह का उपचार सिर्फ आर्थोपैडिक सर्जन के नर्सिंग होम में उनकी निगरानी में हो सकता है। यह पूरी तरह से अवैध पाया गया है। रिपोर्ट डीएम व एसएसपी को देर शाम भेज दी गई है। जिसमें कानूनी कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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रात को हटे कमला मल्टीस्पेशलिटी सेंटर के बैनर
22 जुलाई को एसीएम, एसीएमओ व पुलिस ने जिस साद कांप्लेक्स को सील किया है। उसके बाहर एक यूनीपोल पर कमला मल्टीस्पेशलिटी सेंटर के बैनर लगे थे। रात में बैनर वहां से हट गए हैं। अब इस सेंटर को भी जांच की जद में लिया गया है। एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि इसे भी जांच के आधार पर कार्रवाई में शामिल किया जाएगा।