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Aligarh News: श्री अक्रूर जी की शोभायात्रा में झांकियों ने मोहा मन
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अक्रूर जी महाराज के शोभायात्रा में शामिल झांकी। संवाद
अखिल भारतीय श्री वार्ष्णेय युवा संगठन एवं अक्रूर जी महाराज शोभायात्रा समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित श्री अक्रूर जी महाराज जयंती समारोह ने शहर में उत्साह की लहर पैदा कर दी। रसलगंज स्थित अक्रूर पार्क से शुरू हुआ यह उत्सव देर रात तक चलता रहा। शाम होते ही अक्रूर पार्क से शोभायात्रा निकाली गई, जिसकी झांकियों ने लोगों का दिल जीत लिया। आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि वार्ष्णेय समाज की एकता और सेवा संकल्प की नई मिसाल के रूप में भी दर्ज हुआ।
उत्सव का आगाज सुबह विधि-विधान से पूजन-अर्चन और हवन-यज्ञ के साथ हुआ। मंत्रोच्चार की गूंज के बीच समाज के कल्याण की कामना की गई। कार्यक्रम में एम्स के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश चन्द्र और उद्योगपति अनमोल रत्न बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। डॉ. चंद्र ने कहा कि एकजुटता और शिक्षा ही उन्नति की असली कुंजी है। हमें समाज के निम्न वर्ग का हाथ थामकर उन्हें मुख्यधारा में लाना होगा। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं और समाज के बुजुर्गों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया।
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शहर की सड़कों पर उतरा देवलोक
शाम होते ही अक्रूर पार्क से भगवान श्री अक्रूर जी का डोला जब नगर भ्रमण पर रवाना हुआ तो ऐसा लगा मानो सड़कों पर देवलोक उतर आया हो। आगरा, दिल्ली और मेरठ से आए बैंडों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते रहे। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती व मां दुर्गा की झांकियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां काली के स्वरूप और बारहसैनी समाज के घुड़सवार राजकुमारों का अंदाज सबसे निराला रहा। यात्रा रसलगंज से शुरू होकर कठपुला, सराय हकीम, पत्थर बाजार और मदारगेट होते हुए देर रात वार्ष्णेय मंदिर पर संपन्न हुई। मुख्य चौराहों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर अक्रूर जी के डोले का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व मेयर आशुतोष वार्ष्णेय, मनोज गुप्ता, अर्जुन देव और सुमित विद्यार्थी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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हेडिंग
वृंदावन के श्री अक्रूर धाम तक गूंजा जयघोष
प्वाइंटर
वार्ष्णेय पहल के पदाधिकारियों ने वृंदावन में किया पूजन
अलीगढ़। वार्ष्णेय पहल संगठन द्वारा अलीगढ़ से वृंदावन तक भक्ति और सेवा का अनूठा संगम पेश किया गया। संगठन के प्रतिनिधि विष्णु कुमार बंटी, अंकुश राजाजी और अर्जुन वार्ष्णेय वृंदावन स्थित श्री अक्रूर धाम पहुंचे। जहां उन्होंने उसी पवित्र स्थान पर पूजन-अर्चन किया, जहां भगवान कृष्ण ने चाचा अक्रूरजी को विराट स्वरूप के दर्शन दिए थे। पदाधिकारियों ने श्री गोपीनाथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित हवन में आहुति दी।
उत्सव की शुरुआत प्रातः काल संगठन के संस्थापक एवं प्रभारी विष्णु कुमार बंटी के नेतृत्व में हुई। पदाधिकारियों ने श्री अक्रूर पार्क, श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय और श्री वार्ष्णेय मंदिर पहुंचकर प्रतिमाओं की विधिवत सफाई की। इसके पश्चात शृंगार, माल्यार्पण और भोग अर्पण किया।
सायंकाल निकली 28वीं विशाल शोभायात्रा का रेलवे रोड स्थित अप्सरा सिनेमा पर स्वागत किया गया। संगठन के सदस्यों ने डोले की आरती उतारी और पुष्प वर्षा की। शीतल पेय के प्याऊ लगाए गए। झांकियों और बैंड दलों के प्रमुखों को स्मृति चिन्ह दिए गए। चेयरमैन गौरव पीतल, अध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता, अमित गुप्ता कोनार्क, अतुल राजाजी, गौरव काका, कान्हा वार्ष्णेय, पंकज, हिमांशु मौजूद रहे।
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उत्सव का आगाज सुबह विधि-विधान से पूजन-अर्चन और हवन-यज्ञ के साथ हुआ। मंत्रोच्चार की गूंज के बीच समाज के कल्याण की कामना की गई। कार्यक्रम में एम्स के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अवधेश चन्द्र और उद्योगपति अनमोल रत्न बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। डॉ. चंद्र ने कहा कि एकजुटता और शिक्षा ही उन्नति की असली कुंजी है। हमें समाज के निम्न वर्ग का हाथ थामकर उन्हें मुख्यधारा में लाना होगा। इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं और समाज के बुजुर्गों का सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया।
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शहर की सड़कों पर उतरा देवलोक
शाम होते ही अक्रूर पार्क से भगवान श्री अक्रूर जी का डोला जब नगर भ्रमण पर रवाना हुआ तो ऐसा लगा मानो सड़कों पर देवलोक उतर आया हो। आगरा, दिल्ली और मेरठ से आए बैंडों की धुन पर श्रद्धालु थिरकते रहे। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती व मां दुर्गा की झांकियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां काली के स्वरूप और बारहसैनी समाज के घुड़सवार राजकुमारों का अंदाज सबसे निराला रहा। यात्रा रसलगंज से शुरू होकर कठपुला, सराय हकीम, पत्थर बाजार और मदारगेट होते हुए देर रात वार्ष्णेय मंदिर पर संपन्न हुई। मुख्य चौराहों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारी और पुष्प वर्षा कर अक्रूर जी के डोले का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व मेयर आशुतोष वार्ष्णेय, मनोज गुप्ता, अर्जुन देव और सुमित विद्यार्थी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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वृंदावन के श्री अक्रूर धाम तक गूंजा जयघोष
प्वाइंटर
वार्ष्णेय पहल के पदाधिकारियों ने वृंदावन में किया पूजन
अलीगढ़। वार्ष्णेय पहल संगठन द्वारा अलीगढ़ से वृंदावन तक भक्ति और सेवा का अनूठा संगम पेश किया गया। संगठन के प्रतिनिधि विष्णु कुमार बंटी, अंकुश राजाजी और अर्जुन वार्ष्णेय वृंदावन स्थित श्री अक्रूर धाम पहुंचे। जहां उन्होंने उसी पवित्र स्थान पर पूजन-अर्चन किया, जहां भगवान कृष्ण ने चाचा अक्रूरजी को विराट स्वरूप के दर्शन दिए थे। पदाधिकारियों ने श्री गोपीनाथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित हवन में आहुति दी।
उत्सव की शुरुआत प्रातः काल संगठन के संस्थापक एवं प्रभारी विष्णु कुमार बंटी के नेतृत्व में हुई। पदाधिकारियों ने श्री अक्रूर पार्क, श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय और श्री वार्ष्णेय मंदिर पहुंचकर प्रतिमाओं की विधिवत सफाई की। इसके पश्चात शृंगार, माल्यार्पण और भोग अर्पण किया।
सायंकाल निकली 28वीं विशाल शोभायात्रा का रेलवे रोड स्थित अप्सरा सिनेमा पर स्वागत किया गया। संगठन के सदस्यों ने डोले की आरती उतारी और पुष्प वर्षा की। शीतल पेय के प्याऊ लगाए गए। झांकियों और बैंड दलों के प्रमुखों को स्मृति चिन्ह दिए गए। चेयरमैन गौरव पीतल, अध्यक्ष कन्हैया लाल गुप्ता, अमित गुप्ता कोनार्क, अतुल राजाजी, गौरव काका, कान्हा वार्ष्णेय, पंकज, हिमांशु मौजूद रहे।

अक्रूर जी महाराज के शोभायात्रा में शामिल झांकी। संवाद

अक्रूर जी महाराज के शोभायात्रा में शामिल झांकी। संवाद