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Aligarh News: डिस्को की चाहत में आतंक का अंत..दिल्ली से दूसरी बार बाहर निकलते ही मार गिराया जुबैर

Thu, 14 May 2026 03:02 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2026 03:02 AM IST
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The desire for a disco led to the end of terror. Zubair was shot dead as he left Delhi for the second time
जुबैर। - फोटो : File photo
मुनीर के राइट हैंड शूटर जुबैर व उसके भाइयों की धरपकड़ को अलीगढ़ पुलिस-एसटीएफ पिछले छह माह में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए थी। दिल्ली पुलिस से सहयोग न मिलने के कारण वह पकड़ से दूर रहा। इसी बीच कुछ ऐसे इनपुट मिले कि जुबैर किसी नई गर्लफ्रैंड व नए दोस्तों संग चोरी छिपे डिस्को पार्टियों में शामिल होता है। बस इसी इनपुट ने एसटीएफ को मंगलवार रात सफलता दिलाई।
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वह पिछले छह माह में दिल्ली से दूसरी बार बाहर आया और मार गिराया। पुलिस के पास सूचना थी कि जुबैर ने अपनी कोई नई गर्लफ्रैंड बना ली है। कुछ नए दोस्त भी उसके बन गए हैं। जो उसके साथ जेल रहे थे। उनके साथ कभी कभार ग्रुप में या भीड़ में वह डिस्को पार्टी में शामिल होने जाता है।
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पार्टी के बाद कभी-कभार इधर-उधर भी चोरी छिपे घूमने निकल जाता है। बस इसी इनपुट पर अलीगढ़ पुलिस व एसटीएफ की टीम लगातार काम करती रही। इसी प्रयास में करीब दो माह पहले उसके दिल्ली से जयपुर पहुंचने की खबर मिली थी। मगर जब तक टीम वहां पहुंचती, तब तक वह जयपुर से गायब हो गया। इसके बाद अब फिर से पिछले दस दिन से उसके डिस्को में जाने की खबरें मिलीं। दो टीमें दिल्ली में सक्रिय की गईं। इसी बीच मंगलवार रात में उसके दिल्ली से बाहर आने के इनपुट पर घेराबंदी कर मार गिराया गया।
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छह माह में 35 बार दिल्ली गई पुलिस टीम

अलीगढ़। अमीर निशा सिविल लाइंस के एएमयू एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम एएमयू परिसर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या की गई थी। एक जनवरी को हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने जुबैर व उसके दोनों भाइयों के मददगार राव दानिश के पड़ोसी सलमान कुर्ते वाले को जेल भेजा था। उसी दिन से पुलिस तीनों को तलाश रही थी। इस दौरान अलीगढ़ पुलिस ने अब तक करीब 35 बार दिल्ली पहुंचकर तीनों की खोज की।

इस दौरान करीब एक दर्जन पुराने व नए साथियों को खोज खोजकर उनसे पूछताछ की। मगर हर बार यही सुराग लगता कि उनका ठिकाना दिल्ली का शाहीन बाग, जामिया व ओखला में है। मगर आज तक कोई ऐसा करीबी नहीं मिला, जो यह बता सके कि उन्होंने इन तीनों का घर या परिवार के रहने वाला ठिकाना देखा है।


इसी बीच इनाम घोषित होने के बाद एसटीएफ भी अलीगढ़ पुलिस के इनके साथ तलाश में जुट गई। यह उजागर हुआ कि यह तीनों दिल्ली पुलिस के मददगार बन गए हैं। इसलिए दिल्ली पुलिस से भी मदद नहीं मिल पा रही है। जिन तीनों इलाकों में इनके छिपे होने का अंदेशा था, वहां तीनों जगह बिना दिल्ली पुलिस की मदद के बिना धरपकड़ करना संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए अब तक ये पकड़े नहीं गए। ब्यूरो




हर करीबी से पूछताछ, घर पर लगा था ताला

इन तीनों भाइयों की तलाश में लिए अलीगढ़ पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ ने अलीगढ़ में मुनीर के पकड़े जाने के समय सक्रिय रहे पुलिसकर्मियों से मदद ली। उनकी मदद से इन तीनों भाइयों के सभी पुराने संपर्क रखने वालों से पूछताछ की। इनके बरला नौशा स्थित पैतृक घर घर पर भी निगरानी बढ़ाई गई। मगर वहां लंबे समय से उस घर पर भी ताला लगा था। इसलिए वहां से भी कोई खासी मदद नहीं मिल पाई।

ये है इस गैंग के प्रमुख सदस्यों की प्रोफाइल

मुनीर मेहताब:-मृत--पूछताछ में कुल 27 अपराध स्वीकारे।
-चर्चित अपराध--

-4 बड़ी लूट-अलीगढ़ में 32 व 35 लाख की लूट, दिल्ली कमला नगर में एक करोड़ की लूट, धामपुर बिजनौर में 91 लाख की लूट आदि।
-5 पिस्टल लूट-अलीगढ़ में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर पिस्टल लूट सहित तीन पिस्टल लूट, दिल्ली-लखनऊ में पिस्टल की लूट प्रमुख।

-8 बड़ी हत्याएं-अलीगढ़ में एएमयू छात्र आलमगीर व कारोबारी फहद की हत्या, तंजील अहमद दंपती व अपने साथी सद्दाम की हत्याएं प्रमुख।
सद्दाम:-मृत--कुल 14 अपराध पुलिस रिकार्ड में
-एक हत्या सहित लूट, छिनैती व हमले के कुल 14 अपराध

जुबैर:-मृत--कुल 43 अपराध पुलिस रिकार्ड में
-3 हत्याएं:-दिल्ली में एक व दो हत्याएं अलीगढ़ में दर्ज
-23 लूट:-अलीगढ़ में 15 से ज्यादा लूट छिनैती व दिल्ली में भी कई लूट।

फहद:-भागा हुआ है --कुल 16 अपराध पुलिस रिकार्ड में
-1 हत्या:- सिविल लाइंस एक शनि नाम के युवक की हत्या
-बाकी लूट, रंगदारी व हमला आदि के अपराध दर्ज हैं।

यासिर:-भागा हुआ है--कुल 13 अपराध पुलिस रिकार्ड में
-1 हत्या:- सिविल लाइंस एक शनि नाम के युवक की हत्या
-बाकी लूट, रंगदारी व हमला आदि के अपराध दर्ज हैं
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