Aligarh: सात महीने के भीतर 72978 लोगों को कुत्तों ने काटा, बुजुर्ग-बच्चे अधिक, रात को दौड़ा देते हैं कुत्ते
अलीगढ़ में जनवरी से जुलाई तक 72000 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इनमें बुजुर्ग और बच्चों की संख्या ज्यादा है। यह आंकड़ा भी उन्हीं का है जिन्होंने जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया है।
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अलीगढ़ नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक महानगर में ही 60 हजार आवारा कुत्ते हैं। शहर की कोई गली, मुहल्ला या कालोनी ऐसी नहीं है जहां कुत्तों का झुंड़ नजर न आता हो। रात को तो यह कुत्ते लोगों को दूर तक दौड़ाते हैं। हमला कर देते हैं। जनवरी से जुलाई तक 72000 लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इनमें बुजुर्ग और बच्चों की संख्या ज्यादा है। यह आंकड़ा भी उन्हीं का है जिन्होंने जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के काटने के कारण रेबीज और मौतें होने की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को एक मामला शुरू किया है। कोर्ट ने कहा है कि शहर और उसके बाहरी इलाकों में हर दिन सैकड़ों कुत्तों के काटने की खबरें आ रही हैं। जिससे रेबीज हो रहा है। लोग इस भयानक बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अलीगढ़ में भी इस प्रकार के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। खास बात यह है कि कुत्तों की संख्या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। हालांकि नगर निगम दावा कर रहा है कि अप्रैल 2024 से 1 अप्रैल 2025 तक 10 हजार कुत्तों का बधियाकरण कराया जा चुका है। यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में है। जिला अस्पताल और डीडीयू अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी पर रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध है। पिछले तीन साल में एक भी रेबीज का केस जिले में नहीं मिला है।-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
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1.85 करोड़ से बना एबीसी सेंटर तीन दिन पहले ही हुआ हैंड ओवर
1.85 करोड़ रुपये से धौर्रामाफी में एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी सेंटर) का निर्माण सीएंडडीएस ने कराया है। इसमें शेल्टर होम की सुविधा है। इस सेंटर में कुत्तों का बधियाकरण और टीकाकरण का कार्य होगा। फरवरी माह से हैंड ओवर की चली आ रही प्रक्रिया जुलाई माह में समाप्त हुई। तीन दिन पहले सीएंडडीएस ने एबीसी सेंटर को हैंडओवर किया है। नगर निगम सेंटर को नए एबीसी सेंटर में शिफ्ट करा रहा है।
डीडीयू में खुला है रेबीज क्लीनिक
रेबीज क्लीनिक दीन दयाल अस्पताल में स्थापित है। जहां कुत्ता, बिल्ली बंदर के शिकार मरीजों का उपचार किया जाता है। क्लीनिक में घाव को धुलने के लिए वार्ड ब्वॉय, फार्मासिस्ट और चिकित्सक तैनात किए गए हैं। क्लीनिक में प्रतिदिन 35 से 40 नए मरीज और 45 से 50 पुराने उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल और सीएचसी पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या
- जनवरी-11,340
- फरवरी-10,930
- मार्च-11500
- अप्रैल-10,150
- मई-10,860
- जून-11,500
- जुलाई-9740 अब तक