Aligarh News: अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड का कार्यकाल जून तक, काम अभी भी हैं अधूरे
2017-18 में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी परियोजना मंजूर हुई थी। 2018 में काम शुरू हुए, जिसके तहत 42 विकास और निर्माण कार्य किया जाना तय हुआ। इन निर्माण कार्यों के समय से पूरा न होने के कारण अब हर शहरी की तरफ से एक ही सवाल उछल रहा है कि पता नहीं शहर कब स्मार्ट बनेगा।
विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा शहरी विकास के लिए शुरू की गई स्मार्ट सिटी परियोजना के परिणाम पर शहर भर में सवाल खड़े हो रहे हैं। आलम ये है कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए गठित की गई फर्म अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड का कार्यकाल जून में पूरा हो रहा है, मगर अभी तक आधा दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं और कुछ प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में हैं।
इस तरह कुल मिलाकर इस फर्म के पांच वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि सवालों के घेरे में है। सिविल लाइन इलाके को फोकस करते हुए 2017-18 में स्मार्ट सिटी परियोजना मंजूर हुई थी। 2018 में काम शुरू हुए, जिसके तहत 42 विकास और निर्माण कार्य किया जाना तय हुआ। इन निर्माण कार्यों के समय से पूरा न होने के कारण अब हर शहरी की तरफ से एक ही सवाल उछल रहा है कि पता नहीं शहर कब स्मार्ट बनेगा। कठपुला पार कर घंटाघर की ओर आते ही उखड़ी सड़कें, टूटे डिवाइडर, अस्त - व्यस्त चौराहे हैं। लालडिग्गी से अब्दुल्ला को जाने वाला अस्त-व्यस्त रोड। अचलताल का अधूरा सौंदर्यीकरण। नकवी पार्क के सौंदर्यीकरण आदि के काम ऐसे हैं जो परियोजना के परिणाम की ओर मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं।
अब उठ रहे भविष्य पर सवाल
इस परियोजना को पूरा करने के लिए बनाई गई फर्म का कार्यकाल आगामी जून में पूरा हो रहा है। विभागीय जानकार कहते हैं कि फर्म आगे कार्यरत रहेगी या नहीं..? यह तो केंद्र स्तर के निर्णय पर ही तय होगा, मगर इतना जरूर है कि जून तक परियोजना के कार्यों को धन मिलेगा। इसके बाद फर्म का भविष्य तय होने पर ही धन मिलेगा। इसके बाद जो काम शेष रह जाएंगे, बो होते रहेंगे। उनको संबंधित ठेका फर्म को पूरा कर देना होगा।
नगर आयुक्त ने ठेकेदारों को दी चेतावनी
शनिवार को नगर आयुक्त अमित आसेरी ने चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नकवी पार्क के काम में बहुत देरी होने पर ठेकेदार व अन्य छोटे छोटे काम शेष रहने पर अन्य ठेकेदारों को चेतावनी दी है। साथ में निगरानी कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
ये तीन काम अभी शुरू नहीं
- बारहद्वारी कांप्लैक्स में सिर्फ खुदाई हुई।
- नौरंगीलाल स्पोटर्स कांप्लेक्स अभी नक्शे में लंबित।
- ड्रेनेज सिस्टम का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ।
ये काम हुए पूरे
हेवीटेट सेंटर, वाटर ड्रेनेज के लिए नालों का निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हेल्थ एटीएम लगाने का काम अभी पूरा हुआ है।
यह सही है कि स्मार्ट सिटी कंपनी का कार्यकाल जून में पूरा होगा। इसके बाद शासन निर्देश पर ही आगे का काम होगा। जो काम जारी हैं, वे पूरे कराए जा रहे हैं और जल्द ही हस्तांतरित होंगे। हरेक काम की निगरानी हो रही है। नगर आयुक्त भी लगातार निर्देश दे रहे हैं। हेवीटेट सेंटर में निजी क्षेत्र से अलग अलग प्रस्ताव मांगे गए हैं। वहां जल्द शिफ्टिंग का काम होगा।
-सुरेश चंद्र, अधिशासी अभियंता/नोडल स्मार्ट सिटी
ये हैं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों की स्थिति-
- हैबीटेट सेंटर:-स्मार्ट सिटी मुख्यालय, आई ट्रिपल सी मुख्यालय, घूमने फिरने का स्थान, स्टार्टअप के लिए ऑफिस आदि बनकर तैयार। विभागीय काम के लिए अभी पटल बनाए जाने शेष।
- अचलताल:- शहर के प्रमुख धार्मिक स्थल अचल सरोवर का नवनिर्वाण/सौंदर्यीकरण। 14 जुलाई 2022 तक पूरा होना था। मगर अभी काम जारी।
- 14 चौराहों का सौंदर्यीकरण:- शहर के प्रमुख चौराहों में शामिल क्रमश: अब्दुल्ला चौराहा, रामलीला मैदान, अग्रसेन चौक, मसूदाबाद, गांधीपार्क, मधेपुरा, दुबे का पड़ाव, सब्जी मंडी, जामा मस्जिद, शमशाद मार्केट, मदार गेट, तहसील तिराहा, कबर कुत्ता, तस्वीर महल चौराहा का सौंदर्यीकरण 41.72 करोड़ रुपये से कराया जा रहा है, यह काम अक्तूबर 2022 में पूरा होना था। अब तक अधूरा।
- स्मार्ट रोड:- एएमयू सर्किल से घंटाघर तक स्मार्ट रोड 16.85 करोड़ रुपये से जून 2022 में बनकर तैयार होनी थी। अभी फिनिशिंग का काम बाकी।
- सड़क निर्माण:- 95.86 करोड़ रुपये से तस्वीर महल, घंटाघर, सेंटर प्वाइंट, जेल रोड, शमशाद रोड, दुबे पड़ाव, मैरिस रोड आदि इलाकों की आधा दर्जन से अधिक प्रमुख सड़कों का निर्माण दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। अभी कई जगह काम अधूरा।
- चार चौराहों का सौंदर्यीकरण:- 54.26 करोड़ रुपये की लागत से सारसौल, क्वार्सी, एटा चुंगी, सासनी गेट चौराहे का सौंदर्यीकरण दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। अभी अधूरा।
- नकवी पार्क:-17.53 करोड़ रुपये की लागत से पार्क का सौंदर्यीकरण अक्तूबर 2022 तक पूरा होना था। काम शेष।
- बारहद्वारी कांप्लेक्स:-49.92 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण एक अप्रैल से शुरू हुआ है और 30 अप्रैल 2023 तक पूरा होने का लक्ष्य है, मगर उम्मीद न के बराबर।
- स्पोटर्स कांप्लेक्स:- नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में इसका निर्माण जून 2022 से शुरू होकर अक्तूबर 2023 तक पूरा होने का लक्ष्य। मगर अभी काम ही शुरू नहीं हुआ।
- जलनिकासी व्यवस्था :-63 करोड़ की लागत से यह काम 2023 में पूरा होना प्रस्तावित।
- फसाड बाजार:- रसलगंज में एकरूपता वाला बाजार 25.31 करोड़ से जुलाई 2022 में पूरा होना था। मगर अभी काम जारी।
- कूड़ा प्रबंधन:-100 करोड़ का यह प्रोजेक्ट जुलाई 2022 में शुरू हुआ। मगर अभी पूरे शहर में लागू नहीं।