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शिक्षकों ने वेतन विसंगति पर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:34 AM IST
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कृष्णांजलि सभागार में हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सम्मेलन में सीनियर एवं जूनियर शिक्षकों की वेतन विसंगतियों का मुद्दा उठा। शिक्षक नेताओं ने कर्मचारियों की 20 सूत्रीय मांगे पूरी करने में टालमटोल कर रही प्रदेश सरकार को जमकर कोसा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक गिरजेश चौधरी ने किया। डाइट प्राचार्य डॉ. धर्मवीर सिंह, बीएसए संजय शुक्ल एवं वित्त एवं लेखाधिकारी प्रदीप यादव बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। संघ के जिला मंत्री नरेश चंद्रा ने कहा कि पदोन्नत होने वाले एवं सीधी भर्ती वाले शिक्षकों के वेतन में विसंगति है।
इसे दूर किया जाना चाहिए। अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने कहा कि 1 अप्रैल 2005 से पूर्व प्रभावी पेंशन योजना लागू होने चाहिए। उन्होंने गणित एवं विज्ञान के शिक्षकों के सत्यापन एवं तीन माह से वेतन को तरस रहे शिक्षा मित्र से पदोन्नत होकर शिक्षक बने कर्मचारियों के वेतन एवं एरियर का शीघ्र भुगतान की मांग की।
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उप मंत्री सत्यवीर सिंह ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को कहा। वक्ताओं ने शिक्षकों की प्रदेश स्तर पर चल रही 20 सूत्रीय मांगे पूरी न करने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष राजेद्र सिंह अत्री, संयुक्त मंत्री दिनेश सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मेघ सिंह लोधी, संरक्षक महिपाल सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् के अध्यक्ष नरेश कुमार, वरिष्ठ नेता उदयराज सिंह, डबल एओ अश्विनी कुमार समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक गिरजेश चौधरी ने किया। डाइट प्राचार्य डॉ. धर्मवीर सिंह, बीएसए संजय शुक्ल एवं वित्त एवं लेखाधिकारी प्रदीप यादव बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। संघ के जिला मंत्री नरेश चंद्रा ने कहा कि पदोन्नत होने वाले एवं सीधी भर्ती वाले शिक्षकों के वेतन में विसंगति है।
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इसे दूर किया जाना चाहिए। अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने कहा कि 1 अप्रैल 2005 से पूर्व प्रभावी पेंशन योजना लागू होने चाहिए। उन्होंने गणित एवं विज्ञान के शिक्षकों के सत्यापन एवं तीन माह से वेतन को तरस रहे शिक्षा मित्र से पदोन्नत होकर शिक्षक बने कर्मचारियों के वेतन एवं एरियर का शीघ्र भुगतान की मांग की।
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उप मंत्री सत्यवीर सिंह ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को कहा। वक्ताओं ने शिक्षकों की प्रदेश स्तर पर चल रही 20 सूत्रीय मांगे पूरी न करने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इस मौके पर कोषाध्यक्ष राजेद्र सिंह अत्री, संयुक्त मंत्री दिनेश सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मेघ सिंह लोधी, संरक्षक महिपाल सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद् के अध्यक्ष नरेश कुमार, वरिष्ठ नेता उदयराज सिंह, डबल एओ अश्विनी कुमार समेत अन्य शिक्षक मौजूद थे।