{"_id":"6215355701281830a35bcdd9","slug":"survey-completed-for-expansion-of-dhanipur-airport-aligarh-news-ali285726123","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : धनीपुर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए सर्वे पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : धनीपुर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए सर्वे पूरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धनीपुर हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वे पूर्ण हो गया है। अब तहसील कोल की टीम भूमि के सत्यापन में जुट गई है। इसकी रिपोर्ट बुधवार सायं तक आने की संभावना है।
धनीपुर हवाई अड्डा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनने जा रहा है। इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 300 एकड़ भूमि मांगी है। इसके अनुपालन में तहसील कोल की टीम ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम के निर्देश पर धनीपुर हवाई अड्डे से लगे गांव निजामतपुर बोरना, खानगढ़ी एवं अलहदादपुर की जमीन का सर्वे पूर्ण कर लिया है। कागजी माथापच्ची के बाद अब स्थलीय सत्यापन का काम शुरू करा दिया गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट एवं धनीपुर हवाई अड्डे के प्रभारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि तहसील के राजस्व रिकार्ड के हिसाब से कागजी सर्वे पूर्ण हो चुका है। अब इस सर्वे के आधार पर तीनों गांवों के स्थलीय सत्यापन का काम चल रहा है। देखा जा रहा है कि हवाई अड्डे के विस्तार के काम में तीनों गांवों में कितनी भूमि है। कितनी भूमि ग्राम समाज की है और कितनी भूमि काश्तकारों से लेनी है। यह भी गौर किया जा रहा है कि जिस काश्तकार से भूमि लेनी है, उसकी खतौनी उसके नाम है अथवा नहीं। सत्यापन का यह काम बुधवार सायं तक पूर्ण होने के आसार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
धनीपुर हवाई अड्डा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनने जा रहा है। इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 300 एकड़ भूमि मांगी है। इसके अनुपालन में तहसील कोल की टीम ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम के निर्देश पर धनीपुर हवाई अड्डे से लगे गांव निजामतपुर बोरना, खानगढ़ी एवं अलहदादपुर की जमीन का सर्वे पूर्ण कर लिया है। कागजी माथापच्ची के बाद अब स्थलीय सत्यापन का काम शुरू करा दिया गया है।
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट एवं धनीपुर हवाई अड्डे के प्रभारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि तहसील के राजस्व रिकार्ड के हिसाब से कागजी सर्वे पूर्ण हो चुका है। अब इस सर्वे के आधार पर तीनों गांवों के स्थलीय सत्यापन का काम चल रहा है। देखा जा रहा है कि हवाई अड्डे के विस्तार के काम में तीनों गांवों में कितनी भूमि है। कितनी भूमि ग्राम समाज की है और कितनी भूमि काश्तकारों से लेनी है। यह भी गौर किया जा रहा है कि जिस काश्तकार से भूमि लेनी है, उसकी खतौनी उसके नाम है अथवा नहीं। सत्यापन का यह काम बुधवार सायं तक पूर्ण होने के आसार हैं।
विज्ञापन