कैप्टन अब्बास के संपर्क में अंतिम समय तक थीं ममता बनर्जी
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कैप्टन अब्बास के संपर्क में अंतिम समय तक थीं ममता बनर्जी
हिमांशु गुप्ता
अलीगढ़। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के रहस्य से जुड़ीं 64 फाइलों के सार्वजनिक कराने में अलीगढ़ की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। इसके लिए टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, अलीगढ़ के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाले आजाद हिंद फौज के कैप्टन अब्बास अली के संपर्क में लंबे समय तक रहीं। उनसे लगातार जानने का प्रयास किया कि नेताजी की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई थीं। इस बात का खुलासा अमर उजाला ने13 अगस्त 2014 के अंक में किया था। उन्हाेंने ममता से नेता जी की मौत के रहस्य के बारे में लंबी बातचीत की थी। कैप्टन अब्बास अली का अक्तूबर 2014 में निधन हो चुका है। इससे दो महीना पहले यानी अगस्त में उन्होंने अमर उजाला को इंटरव्यू दिया था जिसमें बताया था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार उनके संपर्क में हैं। ममता बनर्जी कैप्टन को फोन कर नेताजी (सुभाष चंद्र बोस) के संबंध में वार्ता करती रहती थीं। कैप्टन ने उन्हें नेताजी की मौत से जुड़े रहस्य के बारे में बताया था। इसके बाद ममता ने उनसे वादा किया था कि नेताजी की मौत से पर्दा उठाने के लिए वह जल्द ही अहम कदम उठाएंगी। कैप्टन अब्बास के दावे पर यकीन करें तो नेताजी की मौत 18 अगस्त 1945 को प्लेन क्रैश में नहीं हुई थी। नेताजी ने 7 सितंबर 1945 को उन्हें और उनके साथियाें को सिंगापुर में संबोधित किया था। उनके वर्ष 1948 तक जीवित रहने के दस्तावेजी प्रमाण रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) में मौजूद हैं।