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Aligarh News: निराश्रित गोवंश को पकड़ने के लिए 31 मार्च तक विशेष अभियान, पकड़ कर भेजे जाएंगे गोशाला
Tue, 28 Mar 2023 02:05 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 28 Mar 2023 02:05 AM IST
सार
गभाना, अतरौली, इगलास, खैर एवं कोल तहसील में वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में घूम रहे निराश्रित गोवंश को राजस्व विभाग, नगर निगम, पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत एवं आमजन के सहयोग से निकटतम गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित कराया जा रहा है।
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गोवंश इधर-उधर घूमता हुआ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ शहर से लेकर देहात तक सड़कों और रास्तों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को गोशाला भेजा जाएगा। इसके लिए 31 मार्च तक विशेष अभियान चलेगा। प्रशासन की तरफ गठित कमेटी इनको पकड़वाएगी। निराश्रित गोवंश फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जिले में कुल 125 सरकारी गोशालाएं हैं। इनमें करीब 45 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश हैं।
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सरकार इन गोवंश के चारा-पानी के लिए रोजाना 30 रुपये प्रति गोवंश का खर्चा देती हैं। गांव, देहात की गोशालाओं की देखरेख का जिम्मा ग्राम पंचायतों को एवं नगर पंचायत में नगरीय निकाय के पास है। जिले की अधिकांश गोशालाओं में अव्यवस्थाएं हैं। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले की हर गोशाला के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति है।
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अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वह नियमित रूप से गोशालाओं में भ्रमण कर चारा, भूसा, पानी, साफ-सफाई आदि की समुचित व्यवस्था का भी ध्यान रखें। अगर कहीं कोई खामी है तो इसकी रिपोर्ट पशुपालन विभाग को सौंप दें। शासन ने बेसहारा पशुओं की समस्या के निदान के लिए गोआश्रय स्थलों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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गभाना, अतरौली, इगलास, खैर एवं कोल तहसील में वृहद गो संरक्षण केंद्रों की स्थापना की गई है। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में घूम रहे निराश्रित गोवंश को राजस्व विभाग, नगर निगम, पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत एवं आमजन के सहयोग से निकटतम गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित कराया जा रहा है। -डॉ. बीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी