बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र में दुर्घटना में जान गंवाने वाले सिपाही रवेंद्रपाल सिंह (32) का शव सोमवार शाम को उनके पैतृक गांव चैंडौला सुजानपुर पहुंचा तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। राजकीय सम्मान के साथ विदाई देकर अंतिम संस्कार किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि विजयपाल सिंह के तीन बेटे व चार बेटियों में सबसे छोटे रवेंद्रपाल की पुलिस में नौकरी वर्ष 2020 में लगी थी। उनकी शादी भी 14 महीने पहले ही हुई थी। उनकी तैनाती छतारी थाने में लैपर्ड गाड़ी पर थी। दो मई की शाम को सूचना मिलने पर वह बाइक से जा रहे थे, तभी छतारी के निकट पीछे से आ रहे वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे वह सामने खड़े ट्रैक्टर ट्रॉला में जा घुसे। गंभीर रूप से घायल हुए रवेंद्र पाल को जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ लाने के बाद नोएडा रेफर कर दिया गया। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। शव गांव में पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। तहसीलदार राजेश वर्मा, सीओ राजीव द्विवेदी, कोतवाल राजीव कुमार, जिपं सदस्य पुष्पेंद्र लोधी, डॉ.रवेंद्रपाल, यज्ञपाल लोधी समेत काफी संख्या में लोगों ने मौके पर पहुंचकर सिपाही को श्रद्धांजलि दी।