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सर सैयद ने रखी आधुनिक जीवनी की नींव : प्रो. अकील

Wed, 22 Mar 2023 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Mar 2023 01:09 AM IST
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Sir Syed laid the foundation of modern biography: Prof. Aqeel
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पुस्तक का विमोचन करते कुलपति प्रो. तारिक मंसूर। - फोटो : Samvad
एनसीपीयूएल दिल्ली के निदेशक प्रो. अकील अहमद ने कहा कि सर सैयद सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आधुनिक उर्दू गद्य की शुरुआत की और आधुनिक जीवनी की नींव रखी। खुतबात-ए-अहमदिया को आधुनिक शोध का मॉडल भी कहा जाता है।
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मंगलवार को एएमयू की सर सैयद एकेडमी के तत्वावधान में ‘सर सैयद, आधुनिक जीवनी के प्रणेता’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि वह बोल रहे थे। राइस यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज अमेरिका के प्रोफेसर क्रेग कंसीडीन ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि इस्लाम के पैगंबर ने धार्मिक सहिष्णुता, सद्भाव और भाईचारा सिखाया और जीवनभर इसे अपनाया। ईरान के प्रो. रजा शाकरी ने कहा कि मानव विज्ञान के इतिहास, भारतीय सभ्यता के इतिहास और सामाजिक सुधार में सर सैयद की सेवाएं अनुकरणीय हैं। वे बौद्धिक और वैज्ञानिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे।
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उन्होंने लंदन जाकर इस्लाम के पैगंबर के खिलाफ विलियम म्योर की किताब का जवाब लिखा, जिसके लिए उन्होंने अपनी बेशकीमती संपत्ति बेच दी। मुख्य वक्ता प्रो. अख्तरुल वासे ने कहा कि सर सैयद ने ‘खुत्बात-ए-अहमदिया’ पुस्तक लंदन में लिखी और वहीं से प्रकाशित की। प्रोफेसर अर्नोल्ड के अनुसार, इस पुस्तक को प्राथमिकता का दर्जा प्राप्त है कि इसने यूरोप में इस्लाम के प्रति आपत्तियों का जवाब दिया, जो कि ईसाई धर्म की हृदयभूमि है। केए निजामी कुरानिक स्टडीज सेंटर के मानद् निदेशक प्रो. एआर किदवई ने कहा कि सर सैयद ने खुत्बात-ए-अहमदिया के माध्यम से उर्दू में जीवनी का एक नया मानक स्थापित किया, जिसे बाद में अल्लामा शिबली नौमानी, सैयद सुलेमान नदवी आदि ने अपनाया। खुत्बात-ए-अहमदिया एक विद्वतापूर्ण और विश्लेषणात्मक कार्य है, जिसमें तुलनात्मक धर्मों के पहलू भी शामिल हैं।
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कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सर सैयद का व्यक्तित्व बहुआयामी था। खुत्बात-ए-अहमदिया में शामिल उनके व्याख्यान जीवनी पर उनके शोध और आधुनिक और प्राचीन स्रोतों का उपयोग करने की उनकी क्षमता को दर्शाते हैं। धर्मशास्त्र संकाय के डीन प्रो. तौकीर आलम, सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. अली मोहम्मद नकवी, सर सैयद अकादमी के उप निदेशक डॉ मोहम्मद शाहिद ने विचार व्यक्त किए। संचालन सैयद हुसैन हैदर ने किया। सर सैयद के भाषणों का सातवां खंड, जिसमें खुत्बात-ए-अहमदिया भी शामिल है, जिसका विमोचन भी किया गया।
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