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जहरीली शराब कांड : माफिया ऋषि के बेटे के ठेकों की 32.49 लाख सिक्योरिटी जब्त
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वर्ष 2021 में जिस जहरीली शराब कांड से 126 मौतों के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मचा था। उस कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल माफिया ऋषि शर्मा के बेटे कुनाल के दो ठेकों की जमानत राशि 32.49 लाख रुपये जब्त किए गए हैं। डीएम स्तर से यह कार्रवाई अब आकर कुनाल द्वारा दिए गए जमानत राशि वापस किए जाने संबंधी आवेदन को निरस्त करते हुए की है। बता दें कि इस कांड में आरोपी किसी ठेकेदार की जमानत राशि जब्त करने की यह पहली कार्रवाई है।
जिले में इस कांड की शुरुआत 27-28 मई 2021 से लोधा के गांव करसुआ, जवां के छेरत से हुई थी। कई दिन तक चले मौतों के क्रम में कुल 126 मौत जिले के दस थाना क्षेत्रों में हुईं। जिनमें से 106 शवों के पोस्टमार्टम कराए गए थे। इस कांड के मुख्य आरोपियों में जवां सिकंदरपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति ऋषि शर्मा के साथ-साथ उनके बेटे कुनाल भारद्वाज, बड़े भाई मनुीष शर्मा को भी जेल भेजा गया था। ऋषि पर रासुका तक की कार्रवाई की गई थी।
उसी समय आबकारी विभाग ने कुनाल के नाम से वर्ष 2020-21 में स्वीकृत जवां सिकंदरपुर व ग्रैंड मेलरोज की देसी शराब की दो दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए थे। लाइसेंस लेते समय कुनाल की ओर से दोनों दुकानों की जमानत राशि क्रमश:16,92,100 रुपये व 8,26,618 रुपये एफडीआर के रूप में जमा की थी। हालांकि कुनाल सहित सभी आरोपी धीरे-धीरे जमानत पर छूटकर रिहा हो गए। अब तीन माह पहले कुनाल की ओर से अपनी जमानत राशि वापस करने के लिए आवेदन आबकारी विभाग में दिया था। जिस पर विचार विमर्श करते हुए डीएम ने 16 जून को दोनों एफडीआर की अब तक ब्याज सहित परिपक्व हुई राशि 32,49,190 रुपये जब्त करने का आदेश जारी किया हैं। इसके बाद आबकारी विभाग ने राशि जब्त कर ली है।
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इन माफिया पर हुई थी आपराधिक कार्रवाई
अलीगढ़। शराब कांड जांच में कुनाल और उनके पिता ऋषि शर्मा की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए है। इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी हुई है। प्रशासन ने ऋषि कुमार शर्मा को शराब माफिया घोषित किया है। रासुका तक में निरुद्ध किया था। इसके अलावा घोषित माफिया में ऋषि के बड़े भाई मुनीष शर्मा, दरबर गोंडा के जिला पंचायत सदस्य पति अनिल चौधरी, उसके भाई सुधीर चौधरी, नकली शराब बनाने का कारखाना चलाने वाले विपिन उर्फ ओमवीर निवासी कुलदीप विहार, हरियाणा फरीदाबाद का मदनगोपाल आदि को भी शामिल किया गया था।
और भी ठेकेदारों की जमानत राशि लंबित
इस शराब कांड में मिथाइल मिलाने से मृत्यु होना उजागर होने पर डेढ़ दर्जन से अधिक शराब ठेकेदारों के ठेके निरस्त किए गए थे। उन सभी की जमानत राशि अभी तक लंबित है। अब यह आदेश आगे अन्य ठेकेदारों द्वारा जमानत राशि वापसी आवेदन पर नजीर बनेगा।
-शराब कांड में संलिप्त होने पर कुनाल भारद्वाज की दोनों शराब दुकानों के लाइसेंस को पहले ही रद्द किया जा चुका है। अब सिक्योरिटी राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया था। जिसे जिलाधिकारी के आदेश पर आज जब्त कर लिया गया है।-डीके गुप्ता, जिला आबकारी अधिकारी
पर माफिया मदनगोपाल पर गैंगस्टर हाईकोर्ट से रद्द
अलीगढ़। जहरीली शराब कांड में जेल गए फरीदाबाद हरियाणा के माफिया घोषित मदन गोपाल को अकराबाद के गैंगस्टर के एक मुकदमे में हाईकोर्ट से राहत मिली है। यह मुकदमा कुल 18 लोगों पर एक जनवरी 2024 को कराया गया था। जिसकी चार्जशीट व उस पर अपर सत्र न्यायालय द्वारा लिए संज्ञान को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
गैंगस्टर का यह मुकदमा अकराबाद थाना क्षेत्र में जहरीली शराब कांड के दो वर्ष बाद यानि 2023 में शराब पकड़े जाने पर किया गया था। जिसमें फरीदाबाद के मदनगोपाल सहित कुल 18 आरोपी बनाए गए थे। इनमें से एक आरोपी मुकेश यादव की ओर हाईकोर्ट में चार्जशीट व उस पर अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द करने की अपील की गई। तर्क रखा गया कि गैंगस्टर के नियम के अनुसार डीएम-एसएसपी व एसओ की बिना संयुक्त मीटिंग के गैंगस्टर लगाया गया। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार कर आदेश किया है। इस आदेश से सभी आरोपियों को रहात मिली है।
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जिले में इस कांड की शुरुआत 27-28 मई 2021 से लोधा के गांव करसुआ, जवां के छेरत से हुई थी। कई दिन तक चले मौतों के क्रम में कुल 126 मौत जिले के दस थाना क्षेत्रों में हुईं। जिनमें से 106 शवों के पोस्टमार्टम कराए गए थे। इस कांड के मुख्य आरोपियों में जवां सिकंदरपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पति ऋषि शर्मा के साथ-साथ उनके बेटे कुनाल भारद्वाज, बड़े भाई मनुीष शर्मा को भी जेल भेजा गया था। ऋषि पर रासुका तक की कार्रवाई की गई थी।
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उसी समय आबकारी विभाग ने कुनाल के नाम से वर्ष 2020-21 में स्वीकृत जवां सिकंदरपुर व ग्रैंड मेलरोज की देसी शराब की दो दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए थे। लाइसेंस लेते समय कुनाल की ओर से दोनों दुकानों की जमानत राशि क्रमश:16,92,100 रुपये व 8,26,618 रुपये एफडीआर के रूप में जमा की थी। हालांकि कुनाल सहित सभी आरोपी धीरे-धीरे जमानत पर छूटकर रिहा हो गए। अब तीन माह पहले कुनाल की ओर से अपनी जमानत राशि वापस करने के लिए आवेदन आबकारी विभाग में दिया था। जिस पर विचार विमर्श करते हुए डीएम ने 16 जून को दोनों एफडीआर की अब तक ब्याज सहित परिपक्व हुई राशि 32,49,190 रुपये जब्त करने का आदेश जारी किया हैं। इसके बाद आबकारी विभाग ने राशि जब्त कर ली है।
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इन माफिया पर हुई थी आपराधिक कार्रवाई
अलीगढ़। शराब कांड जांच में कुनाल और उनके पिता ऋषि शर्मा की संलिप्तता पाए जाने पर उनके खिलाफ 21 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए है। इन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी हुई है। प्रशासन ने ऋषि कुमार शर्मा को शराब माफिया घोषित किया है। रासुका तक में निरुद्ध किया था। इसके अलावा घोषित माफिया में ऋषि के बड़े भाई मुनीष शर्मा, दरबर गोंडा के जिला पंचायत सदस्य पति अनिल चौधरी, उसके भाई सुधीर चौधरी, नकली शराब बनाने का कारखाना चलाने वाले विपिन उर्फ ओमवीर निवासी कुलदीप विहार, हरियाणा फरीदाबाद का मदनगोपाल आदि को भी शामिल किया गया था।
और भी ठेकेदारों की जमानत राशि लंबित
इस शराब कांड में मिथाइल मिलाने से मृत्यु होना उजागर होने पर डेढ़ दर्जन से अधिक शराब ठेकेदारों के ठेके निरस्त किए गए थे। उन सभी की जमानत राशि अभी तक लंबित है। अब यह आदेश आगे अन्य ठेकेदारों द्वारा जमानत राशि वापसी आवेदन पर नजीर बनेगा।
-शराब कांड में संलिप्त होने पर कुनाल भारद्वाज की दोनों शराब दुकानों के लाइसेंस को पहले ही रद्द किया जा चुका है। अब सिक्योरिटी राशि वापस लेने के लिए आवेदन किया था। जिसे जिलाधिकारी के आदेश पर आज जब्त कर लिया गया है।-डीके गुप्ता, जिला आबकारी अधिकारी
पर माफिया मदनगोपाल पर गैंगस्टर हाईकोर्ट से रद्द
अलीगढ़। जहरीली शराब कांड में जेल गए फरीदाबाद हरियाणा के माफिया घोषित मदन गोपाल को अकराबाद के गैंगस्टर के एक मुकदमे में हाईकोर्ट से राहत मिली है। यह मुकदमा कुल 18 लोगों पर एक जनवरी 2024 को कराया गया था। जिसकी चार्जशीट व उस पर अपर सत्र न्यायालय द्वारा लिए संज्ञान को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
गैंगस्टर का यह मुकदमा अकराबाद थाना क्षेत्र में जहरीली शराब कांड के दो वर्ष बाद यानि 2023 में शराब पकड़े जाने पर किया गया था। जिसमें फरीदाबाद के मदनगोपाल सहित कुल 18 आरोपी बनाए गए थे। इनमें से एक आरोपी मुकेश यादव की ओर हाईकोर्ट में चार्जशीट व उस पर अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द करने की अपील की गई। तर्क रखा गया कि गैंगस्टर के नियम के अनुसार डीएम-एसएसपी व एसओ की बिना संयुक्त मीटिंग के गैंगस्टर लगाया गया। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिका स्वीकार कर आदेश किया है। इस आदेश से सभी आरोपियों को रहात मिली है।