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गोंडा में तोड़ा एसबीआई का शटर, जिले भर में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2016 01:38 AM IST
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गोंडा में तोड़ा एसबीआई का शटर, जिले भर में हंगामा
- फोटो : Amar Ujala
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रुपयों के लिए परेशान जनता के सब्र का पैमाना अब छलकने लगा है। मंगलवार को गोंडा में सुबह से ही बैंक के बाहर लाइन में लगे लोगों का धैर्य इस कदर जवाब दे गया कि दस बजने से पहले ही स्टेट बैंक का शटर तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को किसी तरह बेकाबू लोगों को समझाकर शांत करने में मशक्कत करनी पड़ी।
जिले भर में बैंकों के बाहर जमा भीड़ ने रुपये न मिलने पर हंगामा काटा।
सोमवार की बंदी के बाद मंगलवार को बैंक सुबह 10 बजे खुली, जबकि इससे पहले सुबह आठ बजे बैंक खुल रहे थे। सुबह छह बजे से ही लोगों की लाइन लग चुकी थी। साढ़े नौ बजे भीड़ का दबाव बढ़ गया। बैंक न खुलने से टेंशन में आए लोगों ने बैंक का शटर क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत थी कि कोई बैंक कर्मी नहीं था नहीं तो उसके साथ भी मारपीट हो सकती थी।
मिस्त्री बुलवाकर शटर ठीक करवाया गया जिसके बाद बैंक खुला। इससे एक घंटे और देरी से काम शुरू हो सका।
गंगीरी प्रतिनिधि के अनुसार दादों स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में मंगलवार को लेनदेन नहीं होता। इसी वजह से बैंक ने लेनदेन से मना किया तो भीड़ भड़क उठी। हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद बैंक मैनेजर ने रुपये जमा कराए। खैर प्रतिनिधि के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक मैनेजर पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया।
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महिलाओं की स्टाफ से काफी नोकझोंक हुई। दो महिलाएं सीढ़ियों से गिरकर चुटहिल हो गईं। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में दोपहर बारह बजे ही कैश समाप्त हो गया।
पिसावा प्रतिनिधि के अनुसार शाम तक बैंकों के बाहर लंबी लाइनेें लगी रहीं। लोगों को सिर्फ दो हजार के नए नोट ही मिले। मंगलवार को भी एटीएम बंद रहे। अतरौली प्रतिनिधि के अनुसार सुबह छह बजे से ही ग्राहकों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। लोगों को दिन भर बैंकों के बाहर धक्का मुक्की सहनी पड़ी।
जवां प्रतिनिधि के अनुसार सुबह 10.30 बजे के बाद बैंक खुले जबकि एटीएम बंद रहे। लोग परेशान रहे। इसके साथ ही गभाना, हरदुआगंज, जट्टारी, चंडौस, अकराबाद, जलाली आदि जगहों में भी मंगलवार को लोग बैंक और एटीएम से रुपये न मिलने के कारण परेशान रहे। कुछ जगह पर सर्वर ही डाउन रहा। एटीएम तो ग्रामीण क्षेत्रों में चले ही नहीं।
बैंकों में लंबी लाइनों में लगने के बावजूद कैश समाप्त होने के चलते लोगों को मायूस होकर घरों के लिए लौटना पड़ा।
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जिले भर में बैंकों के बाहर जमा भीड़ ने रुपये न मिलने पर हंगामा काटा।
सोमवार की बंदी के बाद मंगलवार को बैंक सुबह 10 बजे खुली, जबकि इससे पहले सुबह आठ बजे बैंक खुल रहे थे। सुबह छह बजे से ही लोगों की लाइन लग चुकी थी। साढ़े नौ बजे भीड़ का दबाव बढ़ गया। बैंक न खुलने से टेंशन में आए लोगों ने बैंक का शटर क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत थी कि कोई बैंक कर्मी नहीं था नहीं तो उसके साथ भी मारपीट हो सकती थी।
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मिस्त्री बुलवाकर शटर ठीक करवाया गया जिसके बाद बैंक खुला। इससे एक घंटे और देरी से काम शुरू हो सका।
गंगीरी प्रतिनिधि के अनुसार दादों स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में मंगलवार को लेनदेन नहीं होता। इसी वजह से बैंक ने लेनदेन से मना किया तो भीड़ भड़क उठी। हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद बैंक मैनेजर ने रुपये जमा कराए। खैर प्रतिनिधि के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक मैनेजर पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा किया।
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महिलाओं की स्टाफ से काफी नोकझोंक हुई। दो महिलाएं सीढ़ियों से गिरकर चुटहिल हो गईं। ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में दोपहर बारह बजे ही कैश समाप्त हो गया।
पिसावा प्रतिनिधि के अनुसार शाम तक बैंकों के बाहर लंबी लाइनेें लगी रहीं। लोगों को सिर्फ दो हजार के नए नोट ही मिले। मंगलवार को भी एटीएम बंद रहे। अतरौली प्रतिनिधि के अनुसार सुबह छह बजे से ही ग्राहकों की लाइन लगनी शुरू हो गई थी। लोगों को दिन भर बैंकों के बाहर धक्का मुक्की सहनी पड़ी।
जवां प्रतिनिधि के अनुसार सुबह 10.30 बजे के बाद बैंक खुले जबकि एटीएम बंद रहे। लोग परेशान रहे। इसके साथ ही गभाना, हरदुआगंज, जट्टारी, चंडौस, अकराबाद, जलाली आदि जगहों में भी मंगलवार को लोग बैंक और एटीएम से रुपये न मिलने के कारण परेशान रहे। कुछ जगह पर सर्वर ही डाउन रहा। एटीएम तो ग्रामीण क्षेत्रों में चले ही नहीं।
बैंकों में लंबी लाइनों में लगने के बावजूद कैश समाप्त होने के चलते लोगों को मायूस होकर घरों के लिए लौटना पड़ा।