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Aligarh: बलिदानी सचिन के भाई ने किया एलान, सर्जिकल स्ट्राइक कर बदला लेने तक नहीं हाेंगी अस्थियां प्रवाहित

Mon, 27 Nov 2023 12:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 27 Nov 2023 12:52 AM IST
सार

सचिन लौर के भाई विवेक लौर ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार सर्जिकल स्ट्राइक कर बदला नहीं ले लेती है, तब तक वह अस्थियां नहीं प्रवाहित करेंगे। जिस दिन उन्हें इसकी खबर मिलेगी। उसी दिन में अस्थियां बहाएंगे। तभी सचिन की आत्मा को शांति मिलेगी।
 

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Sachin lour brother announced Bones not flow until surgical strike
गमगीन हालत में बैठा सचिन लौर का भाई विवेक लौर - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के रजोरी में आतंकियों से लड़ते हुए बलिदान देने वाले टप्पल क्षेत्र के गांव नगलिया गौरौला निवासी सचिन लौर के भाई ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार सर्जिकल स्ट्राइक कर बदला नहीं ले लेती है, तब तक वह अस्थियां नहीं प्रवाहित करेंगे। जिस दिन उन्हें इसकी खबर मिलेगी। उसी दिन में अस्थियां बहाएंगे। तभी सचिन की आत्मा को शांति मिलेगी।

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26 नवंबर शाम को अमर उजाला से बातचीत करते हुए सचिन के भाई विवेक लौर ने कहा कि एक तरफ उन्हें अपने भाई के बलिदान पर गर्व है कि उसने भारत माता की सेवा के लिए अपना फर्ज पूरा किया, लेकिन वह अंदर से पूरी तरह से टूट गए हैं। कोई उनके भाई को वापस नहीं ला सकता, लेकिन उसके बलिदान का बदला जरूर लिया जा सकता है। विवेक ने कहा कि अब समय आ गया है कि मोदी सरकार एक बार फिर आतंकियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर सैनिकों के बलिदान का बदला ले।
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वहीं घटना के चौथे दिन भी गांव नगलिया गौरौला में सचिन के परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। रविवार को सपा नेता प्रोफेसर रिचपाल, कांग्रेस नेता विवेक बंसल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौधरी शशि सिंह, जगवीर सिंह, सतवीर सिंह, चौधरी सतेन्द्र सिंह, योगेश प्रधान, ललित प्रधान सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ ही पूर्व सैनिकों संगठन के तहसील अध्यक्ष सूबेदार राजेन्द्र सिंह ने भी सचिन के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। परिजनों को सांत्वना भी दी।
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एक दिन पहले ही लगाया था तिरंगा
गांव नगलिया गौरौला निवासी सचिन के गहरे दोस्त विवेक ने बताया कि सचिन ने घटना से दो दिन पहले 21 नवंबर दोपहर करीब दो बजे उसे वीडियो कॉल कर कहा था कि तुम बाजार से एक तिरंगा और दो पौधे सहित गमले लाकर मेरे घर पर लगा दो। इसके अगले ही दिन 22 नवंबर की शाम करीब 4 बजे दोस्त विवेक ने सचिन के घर की छत पर एक तिरंगा और घर की दीवार पर दो गमले लाकर रख दिए थे, लेकिन अगली ही सुबह सचिन के बलिदान होने की खबर गांव में आ गई। विवेक ने बताया कि सचिन जब भी किसी आतंकी को मार गिराता था तो उसे वीडियो कॉल से बताता था। वह हमेशा ही ऑपरेशन टीम में जाने के लिए तैयार रहता था। 

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