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रोडवेज बसों की टक्कर ... धमाके संग दूर तक गूंजी चीख पुकार
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लोधा थाना क्षेत्र रोडवेज बस हादसे में घायलों को देखने मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे डीएम चन्द्?
- फोटो : CITY OFFICE
कोई घर से रिश्तेदारी में जा रहा था तो कोई किसी काम से निकला था। कोई अपने घर लौट रहा था। मगर किसी को न पता था कि रोडवेज बस की तेज रफ्तार का यह सफर मौत का सफर होगा। अनियंत्रित गति से दौड़ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस का जब टायर फटा और वह उछलकर डिवाइडर पार करते हुए रॉग साइड पहुंची तो सामने से उसी गति से दूसरी बस आ रही थी।
दोनों में हुई जबरदस्त भिड़ंत और उसके बाद मची चीखपुकार की गूंज दूर तक सुनी गई। कुछ देर को तो आसपास के लोग हिल गए। पीछे-पीछे खैर की ओर से आ रही पीआरवीकर्मी भी एकाएक तेज धमाका सुन कांप गए। मगर जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक दुर्घटनास्थल की ओर लोगों की भीड़ दौड़ने लगी थी। वे माजरा भांप गए और खबर देकर पुलिस के साथ-साथ लोधा, खैर, गोंडा आदि जगहों से एंबुलेंसों को भेजने के लिए संदेश प्रसारित कर दिया।
निजी वाहनों से भेजे गए यात्री, दो की मौके पर मौत
दुर्घटना के बाद पुलिस ने बसों में फंसे और करुण पुकार कर रहे यात्रियों को बमुश्किल निकाला। सभी को निकालने में करीब आधे घंटे का समय लग गया। इस बीच कई प्राइवेट वाहन भी पब्लिक व पुलिस ने सड़क पर रुकवा लिए और उन्हीं से घायलों को जिला अस्पताल भेजा जाने लगा। इस बीच एंबुलेंस भी पहुंच गईं और बाद में बचे यात्रियों को एंबुलेंसों की मदद से भेजा गया। इस दौरान दो लोगों को तो एंबुलेंस स्टाफ ने देखते ही मौके पर मृत घोषित कर दिया था।
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16 घंटे बाद दूसरी दुर्घटना पर प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
रात को जवां में हुई दुर्घटना के घायलों का जिला अस्पताल व दीनदयाल में इलाज चल रहा था। इसी बीच दोपहर में इस दुर्घटना की खबर पर डीएम-एसएसपी ने तत्काल सभी प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट जारी करते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा। एडीएम सिटी व एसपी सिटी जिला अस्पताल में कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए और व्यवस्थाएं दिखवाने लगे।
एसीएम रंजीत सिंह व सीओ तृतीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। एडीएम वित्त दीनदयाल अस्पताल पहुंच गए। सीएमओ, सीएमएस आदि अधिकारियों से तत्काल व्यवस्थाएं कराई गईं। जरूरत के अनुसार निजी अस्पतालों में भी वार्ता की। मौके पर डीएम, एसएसपी के अलावा एसपी देहात सहित लोधा, खैर, गोंडा, मडराक, गभाना टप्पल आदि थानों का फोर्स पहुंच गया। बाद में डीएम-एसएसपी अस्पतालों में भी घायलों को देखने पहुंचे।
देर शाम तक घायलों के नाम पते न हो पाए पुष्ट
घटनास्थल पर देखने से लगा था कि 50 से अधिक यात्री जख्मी हुए होंगे। मगर उसमें से काफी ऐसे थे, जिन्हें हल्की फुल्की चोटें आईं और वे मौके से ही दूसरे वाहनों से घर चले गए। या खुद इलाज कराने चले गए। लेकिन 32 घायलों को पुलिस ने अस्पतालों में भिजवाया। कई ऐसे थे, जो गंभीर चोटें होने के कारण नाम पता नहीं बता पा रहे थे। इस कारण देर शाम तक घायलों के नाम पते पुष्ट करने में पुलिस की दो टीमें लगी रहीं।
मां की मौत और बेटे की हालत नाजुक है
इस दुर्घटना में एटा कोतवाली देहात क्षेत्र की महिला बेबी की मौत हुई है। देर शाम तक उस महिला की पहचान नहीं हो पा रही थी। किसी तरह उसके बैग में मोबाइल मिला, जब उसके परिवार से बात हुई तो पता चला कि वह अपने बेटे शिवम के साथ घर से फरीदाबाद जाने के लिए निकली थी। इस खबर पर एटा से महिला का परिवार यहां के लिए रवाना हो गया था। बेटे शिवम की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन ने लोधा-जवां हादसे की रिपोर्ट शासन को भेजी
जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार की रात को जवां नहर के पास हुए हादसे में तीन मृतकों व 31 घायलों के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही शनिवार सुबह लोधा इलाके के खैर रोड पर हुए हादसे में पांच लोगों की मौत और 25 से अधिक घायलों की रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई है। डीएम ने बताया कि जिला स्तर से शासन को जवां और लोधा हादसे की रिपोर्ट भेजी गई है।
दोनों घटनाओं की मजिस्ट्रेटी जांच भी होगी। मृतकों व घायलों को शासन की ओर से जो भी मदद देना तय किया जाएगा, वह मदद प्रशासन अवश्य देगा। साथ ही घटना स्थल पर ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग व जिला पुलिस सहित अन्य संबंधित विभाग पहुंचे। वहां उन्होंने घटना की पूरी डिटेल आई रेड एप पर फीड की। इससे घटना का मूल कारण बेहद बारीकी से जाना जाएगा, जिससे की भविष्य में इस प्रकार की हादसे फिर से घटित न हों।
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दोनों में हुई जबरदस्त भिड़ंत और उसके बाद मची चीखपुकार की गूंज दूर तक सुनी गई। कुछ देर को तो आसपास के लोग हिल गए। पीछे-पीछे खैर की ओर से आ रही पीआरवीकर्मी भी एकाएक तेज धमाका सुन कांप गए। मगर जब तक वे कुछ समझ पाते, तब तक दुर्घटनास्थल की ओर लोगों की भीड़ दौड़ने लगी थी। वे माजरा भांप गए और खबर देकर पुलिस के साथ-साथ लोधा, खैर, गोंडा आदि जगहों से एंबुलेंसों को भेजने के लिए संदेश प्रसारित कर दिया।
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निजी वाहनों से भेजे गए यात्री, दो की मौके पर मौत
दुर्घटना के बाद पुलिस ने बसों में फंसे और करुण पुकार कर रहे यात्रियों को बमुश्किल निकाला। सभी को निकालने में करीब आधे घंटे का समय लग गया। इस बीच कई प्राइवेट वाहन भी पब्लिक व पुलिस ने सड़क पर रुकवा लिए और उन्हीं से घायलों को जिला अस्पताल भेजा जाने लगा। इस बीच एंबुलेंस भी पहुंच गईं और बाद में बचे यात्रियों को एंबुलेंसों की मदद से भेजा गया। इस दौरान दो लोगों को तो एंबुलेंस स्टाफ ने देखते ही मौके पर मृत घोषित कर दिया था।
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16 घंटे बाद दूसरी दुर्घटना पर प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
रात को जवां में हुई दुर्घटना के घायलों का जिला अस्पताल व दीनदयाल में इलाज चल रहा था। इसी बीच दोपहर में इस दुर्घटना की खबर पर डीएम-एसएसपी ने तत्काल सभी प्रशासनिक अधिकारियों व स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट जारी करते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा। एडीएम सिटी व एसपी सिटी जिला अस्पताल में कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए और व्यवस्थाएं दिखवाने लगे।
एसीएम रंजीत सिंह व सीओ तृतीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। एडीएम वित्त दीनदयाल अस्पताल पहुंच गए। सीएमओ, सीएमएस आदि अधिकारियों से तत्काल व्यवस्थाएं कराई गईं। जरूरत के अनुसार निजी अस्पतालों में भी वार्ता की। मौके पर डीएम, एसएसपी के अलावा एसपी देहात सहित लोधा, खैर, गोंडा, मडराक, गभाना टप्पल आदि थानों का फोर्स पहुंच गया। बाद में डीएम-एसएसपी अस्पतालों में भी घायलों को देखने पहुंचे।
देर शाम तक घायलों के नाम पते न हो पाए पुष्ट
घटनास्थल पर देखने से लगा था कि 50 से अधिक यात्री जख्मी हुए होंगे। मगर उसमें से काफी ऐसे थे, जिन्हें हल्की फुल्की चोटें आईं और वे मौके से ही दूसरे वाहनों से घर चले गए। या खुद इलाज कराने चले गए। लेकिन 32 घायलों को पुलिस ने अस्पतालों में भिजवाया। कई ऐसे थे, जो गंभीर चोटें होने के कारण नाम पता नहीं बता पा रहे थे। इस कारण देर शाम तक घायलों के नाम पते पुष्ट करने में पुलिस की दो टीमें लगी रहीं।
मां की मौत और बेटे की हालत नाजुक है
इस दुर्घटना में एटा कोतवाली देहात क्षेत्र की महिला बेबी की मौत हुई है। देर शाम तक उस महिला की पहचान नहीं हो पा रही थी। किसी तरह उसके बैग में मोबाइल मिला, जब उसके परिवार से बात हुई तो पता चला कि वह अपने बेटे शिवम के साथ घर से फरीदाबाद जाने के लिए निकली थी। इस खबर पर एटा से महिला का परिवार यहां के लिए रवाना हो गया था। बेटे शिवम की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रशासन ने लोधा-जवां हादसे की रिपोर्ट शासन को भेजी
जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार की रात को जवां नहर के पास हुए हादसे में तीन मृतकों व 31 घायलों के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही शनिवार सुबह लोधा इलाके के खैर रोड पर हुए हादसे में पांच लोगों की मौत और 25 से अधिक घायलों की रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई है। डीएम ने बताया कि जिला स्तर से शासन को जवां और लोधा हादसे की रिपोर्ट भेजी गई है।
दोनों घटनाओं की मजिस्ट्रेटी जांच भी होगी। मृतकों व घायलों को शासन की ओर से जो भी मदद देना तय किया जाएगा, वह मदद प्रशासन अवश्य देगा। साथ ही घटना स्थल पर ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग व जिला पुलिस सहित अन्य संबंधित विभाग पहुंचे। वहां उन्होंने घटना की पूरी डिटेल आई रेड एप पर फीड की। इससे घटना का मूल कारण बेहद बारीकी से जाना जाएगा, जिससे की भविष्य में इस प्रकार की हादसे फिर से घटित न हों।