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दुल्हन की चाह: शादी मंडप में चश्मे के साथ नहीं करनी एंट्री, हटवाना है चश्मा, बढ़ रही लेजर सर्जरी की डिमांड
Sat, 13 Jun 2026 05:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 13 Jun 2026 05:30 PM IST
सार
मानसी (बदला हुआ नाम) की शादी अगले महीने है। वह पिछले छह वर्षों से माइनस 4.5 नंबर का चश्मा पहन रही थीं। मानसी के अनुसार, शादी के दिन लहंगा और भारी ज्वेलरी के साथ चश्मा असहज लगता है, वहीं कांटेक्ट लेंस को लेकर भी डर था। इसलिए उन्होंने लेजर सर्जरी कराई और अब उनकी नजर सामान्य हो गई है।
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दुल्हन सांकेतिक
- फोटो : AI
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विस्तार
अलीगढ़ शहर में युवतियों के बीच शादी से पहले चश्मा हटवाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ गया है। दुल्हनें अब शादी के मंडप में चश्मे के साथ एंट्री नहीं करना चाहतीं, जिसके चलते आई क्लीनिक और नेत्र चिकित्सालयों में लेजर और लासिक सर्जरी कराने वाली युवतियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
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नेत्र विशेषज्ञों के अनुसार पहले जहां लोग लेजर सर्जरी से हिचकिचाते थे, वहीं अब यह तकनीक अधिक सुरक्षित और लोकप्रिय हो गई है। मात्र 10 से 15 मिनट में होने वाली इस प्रक्रिया के बाद मरीज जल्द ही सामान्य जीवन शुरू कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शादी से 1-2 महीने पहले यह प्रक्रिया कराना बेहतर रहता है, ताकि आंखें पूरी तरह ठीक हो सकें।
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केस 1: कांटेक्ट लेंस से डर कर चुना लेजर ऑपरेशन
महानगर की 24 वर्षीय मानसी (बदला हुआ नाम) की शादी अगले महीने है। वह पिछले छह वर्षों से माइनस 4.5 नंबर का चश्मा पहन रही थीं। मानसी के अनुसार, शादी के दिन लहंगा और भारी ज्वेलरी के साथ चश्मा असहज लगता है, वहीं कांटेक्ट लेंस को लेकर भी डर था। इसलिए उन्होंने लेजर सर्जरी कराई और अब उनकी नजर सामान्य हो गई है।
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केस 2: आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हटाया चश्मा
26 वर्षीय अंजलि (बदला हुआ नाम) का रिश्ता तय होने के बाद उन्होंने भी लेजर प्रक्रिया का सहारा लिया। उनका कहना है कि वे ससुराल में शुरुआती दिनों में कमजोर नजर का टैग नहीं चाहती थीं। सर्जरी के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे बिना चश्मे के सहज महसूस करती हैं।
क्या कहते हैं नेत्र विशेषज्ञ
वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. अनुज गोगी के अनुसार, लेजर तकनीक अब सुरक्षित और दर्द रहित है। हालांकि, उन्होंने सलाह दी कि किसी भी सर्जरी से पहले आंखों की पूरी जांच जरूरी है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि ने भी कहा कि हर मरीज की आंखों की स्थिति देखकर ही प्रक्रिया करनी चाहिए। नेत्र चिकित्सकों का कहना है कि शादी से पहले चश्मा हटाने का यह बढ़ता ट्रेंड ब्यूटी के साथ-साथ आत्मविश्वास और जीवनशैली जागरूकता का भी संकेत है।