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Aligarh News: राष्ट्र सेविका समिति लड़कियों को बना रही आत्मनिर्भर
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निशा शर्मा
- फोटो : samvad
राष्ट्र सेविका समिति समाज में महिलाओं की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करती है जो सकारात्मक सामाजिक सुधार के सूत्रधार हैं। समिति के तीन आदर्श हैं। इसमें मातृत्व का आदर्श जीजाबाई, कर्तव्य का आदर्श अहिल्याबाई होल्कर और नेतृत्व का आदर्श झांसी की रानी लक्ष्मी बाई को मानती हैं।
अपने तीन आदर्शों के तहत महिलाओं में यह तीनों गुण विकसित करने का प्रयास करती हैं। सारसौल बापू धाम निवासी ब्रज प्रांत सह कार्यवाहिका निशा शर्मा ने बताया कि सभी महिलाओं में अपने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भांति समिति के शिक्षा वर्ग भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। विद्यालय और महाविद्यालय में जब ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। उस समय में युवतियों को समिति की कार्य विधि से परिचय कराने के लिए प्रतिवर्ष समिति शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जाता है।
राष्ट्र सेविका समिति के वर्गों में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाना जिसमें उन्हें दंड चलाना, शारीरिक, बौद्धिक क्षमता का विकास आदि पर ध्यान केंद्रित करके उन्हें अपने राष्ट्र, स्वधर्म और स्व संस्कृति की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाता है। साथ ही महिलाओं के पारिवारिक तथा राष्ट्रीय उत्तरदायित्व के बारे में उन्हें सजग किया जाता है। विभिन्न स्थानों से आई सेविकाएं शिक्षार्थी रूप में भाग लेती हैं। इनके साथ सह कार्य वाहिका सुलक्षणा शर्मा, सह कार्य वाहिका रूची गोटेवाल, राधा चौहान, आरती वार्ष्णेय प्रशिक्षण में मौजूद रहती हैं।
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अपने तीन आदर्शों के तहत महिलाओं में यह तीनों गुण विकसित करने का प्रयास करती हैं। सारसौल बापू धाम निवासी ब्रज प्रांत सह कार्यवाहिका निशा शर्मा ने बताया कि सभी महिलाओं में अपने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भांति समिति के शिक्षा वर्ग भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। विद्यालय और महाविद्यालय में जब ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। उस समय में युवतियों को समिति की कार्य विधि से परिचय कराने के लिए प्रतिवर्ष समिति शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जाता है।
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राष्ट्र सेविका समिति के वर्गों में महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाना जिसमें उन्हें दंड चलाना, शारीरिक, बौद्धिक क्षमता का विकास आदि पर ध्यान केंद्रित करके उन्हें अपने राष्ट्र, स्वधर्म और स्व संस्कृति की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाता है। साथ ही महिलाओं के पारिवारिक तथा राष्ट्रीय उत्तरदायित्व के बारे में उन्हें सजग किया जाता है। विभिन्न स्थानों से आई सेविकाएं शिक्षार्थी रूप में भाग लेती हैं। इनके साथ सह कार्य वाहिका सुलक्षणा शर्मा, सह कार्य वाहिका रूची गोटेवाल, राधा चौहान, आरती वार्ष्णेय प्रशिक्षण में मौजूद रहती हैं।
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