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बिटिया को इंसाफ के लिए बंद रहा हरदुआगंज
अलीगढ़
Updated Sat, 26 Dec 2015 02:26 AM IST
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हरदुआगंज इलाके में बुधवार सुबह कोचिंग जा रही 11वीं की छात्रा से गैंगरेप करने के बाद गला दबा कर हत्या करने वालों का पुलिस तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा सकी। इंसाफ की लड़ाई में बिटिया को न्याय दिलाने के लिए कस्बे के लोगों के साथ-साथ व्यापारी भी कूद गए हैं। शुक्रवार को घटना के विरोध में हरदुआगंज कस्बा और बुढांसी गांव के बाजार बंद रखे गए। शोरूम से लेकर चाय-पान की दुकानें तक बंद रहीं।
घटना को लेकर फेरी वालों ने भी अपनी रोजी रोटी की चिंता किए बिना न्याय की इस लड़ाई में आहुति दी। स्थिति यह थी गली मोहल्ले में घरों में छोटी-छोटी दुकानें भी नहीं खुली। व्यापारियों ने जवाहर चौक पर एकत्र होकर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की।
उनका कहना था कि हरदुआगंज पुलिस जनता के बीच अपना विश्वास खो चुकी है। अगर रविवार तक खुलासा नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतर आएंगे। पुलिस केवल वसूली और प्रभावशाली लोगों का हुक्का भरने में लगी है। कानून में विश्वास करने वालों की उसे चिंता नहीं है।
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व्यापारियों ने चंदा कर पीड़ित परिवार को 57 हजार रुपये की सांत्वना राशि भी सौंपी। इलाके के लोगों ने भी बंदी को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लोगों ने नारेबाजी कर पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
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घटना को लेकर फेरी वालों ने भी अपनी रोजी रोटी की चिंता किए बिना न्याय की इस लड़ाई में आहुति दी। स्थिति यह थी गली मोहल्ले में घरों में छोटी-छोटी दुकानें भी नहीं खुली। व्यापारियों ने जवाहर चौक पर एकत्र होकर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की।
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उनका कहना था कि हरदुआगंज पुलिस जनता के बीच अपना विश्वास खो चुकी है। अगर रविवार तक खुलासा नहीं हुआ तो लोग सड़कों पर उतर आएंगे। पुलिस केवल वसूली और प्रभावशाली लोगों का हुक्का भरने में लगी है। कानून में विश्वास करने वालों की उसे चिंता नहीं है।
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व्यापारियों ने चंदा कर पीड़ित परिवार को 57 हजार रुपये की सांत्वना राशि भी सौंपी। इलाके के लोगों ने भी बंदी को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लोगों ने नारेबाजी कर पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।