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Aligarh News: सपा में चरम पर राज..आमरण अनशन पर बैठे दावेदार
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निकाय चुनाव की टिकट घोषणा के बीच सपा में रार इन दिनों चरम पर है। टिकट वितरण में अपना तेरी से लेकर अन्य तरह के आरोप लगाते हुए एक पार्षद दावेदार तो परिवार व समर्थकों संग शुक्रवार शाम जिला कार्यालय पर आमरण अनशन पर बैठ गए। उन्होंने ऐलान कर दिया है कि जब तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष उन्हें संतुष्ट नहीं करेंगे, वे धरने से नहीं हटेंगे।
साथ में ऐलान है कि अगर 24 अप्रैल तक उन्हें टिकट न मिली तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इसी तरह निगम पार्षद की आधा दर्जन अन्य सीटों व जिले की अन्य निकायों को लेकर भी कलह बरकरार है। सूत्रों के अनुसार इसी विवाद को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को होने वाली शेष घोषणा व घोषित पार्षद दावेदारों को बी-फार्म देने की प्रक्रिया रोक दी गई है और अब शनिवार को ईद की नमाज के बाद यह प्रक्रिया की जाएगी। समाजवादी पार्टी में पार्षद की टिकट को लेकर पुराने पार्षदों में यामीन खां अब्बासी, अफजाल हमीद, नईम अख्तर के अलावा पार्टी के पदाधिकारी शान मियां आदि तमाम नेता खफा हैं।
कोई खुद के लिए टिकट मांग रहा है तो कोई परिवार के लिए। मगर पार्टी स्तर से सुनवाई न होने पर उनके द्वारा शीर्ष नेतृत्व से अपनी सिफारिश में फोन कराए जा रहे हैं। बावजूद इसके टिकट घोषित न होने पर यामीन खां अब्बासी ने शाम को पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। पार्टी की दलील है कि पिछला चुनाव वे हारे थे। उनके सामने दूसरा जिताऊ प्रत्याशी मिलने पर उनका टिकट काटा गया है। मगर उनका अपना आरोप है कि चंद नेताओं ने पार्टी को अपने कब्जे में लेकर मनमर्जी तरीके से अपना तेरी करते हुए और अन्य वजहों से टिकट वितरण किया है। कुछ शीटों पर तो धन बल तक का आरोप लगाया है। उनके आमरण अनशन पर कुछ परिजन व कुछ परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। इस दौरान बाहर से उन्हें वे पार्षद दावेदार भी समर्थन दे रहे हैं, जिनका टिकट कटा है। इसी में चार बार के पार्षद अफजाल हमीद का भी अपना आरोप है। उन्हें हारने वाली सीट पर टिकट दिया जा रहा है, जबकि पिछली बार के मांगे जाने के अनुसार केला नगर से टिकट नहीं दिया जा रहा। इधर, यामीन खां के धरने पर बैठने की खबर पर पुलिस व सपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर उन्हें समझाया। मगर वे अपनी जिद पर अड़े रहे।
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पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को पत्र भेजा है और कहा है कि मेयर की टिकट में उनका नाम पैनल में दावेदारी के बावजूद शामिल नहीं किया। अब पार्षद का टिकट भी काट दिया। जब तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष उन्हें संतुष्ट नहीं करेंगे या फिर उनका टिकट नहीं होगा। वे आमरण अनशन पर हैं और 24 अप्रैल को आत्मदाह कर लेंगे। इस विषय में जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर का कहना है कि यह पार्टी कार्यालय कार्यकर्ता का मंदिर है। जहां सभी को आने की अनुमति है। रहा सवाल धरने या गुस्से की तो परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होता है। उन्हें मनाने समझाने का प्रयास जारी है। वहीं संकेत मिले हैं कि जिले के शेष निकाय व पार्षद के बी फार्म वितरण रोक दिए गए हैं।
जलाली पर दूसरे सपा प्रत्याशी आए सामने
पार्टी जिलाध्यक्ष ने जलाली पर किसी अन्य को प्रत्याशी बनाने का मन बनाया था। मगर यहां शुक्रवार को दूसरे प्रत्याशी फार्म बी लेकर नामांकन कर आए हैं। जानकारी मिली है कि यह प्रत्याशी प्रदेश कार्यालय से अपने लिए फार्म बी लेकर आए हैं। ऐसे में शोर मच रहा है कि जब कोई सीधे प्रदेश कार्यालय से फार्म बी ला सकता है तो और लोग भी वहां अपनी दावेदारी के लिए जा सकते हैं।
भाजपा, बसपा, कांग्रेस में अभी तक चल रहा है घोषणा का इंतजार
अलीगढ़। निकाय चुनाव में सभी दलों का अपनी अपनी जीत का दावा है। मगर प्रत्याशी घोषित करने में सभी दल पीछे हैं। भाजपा व कांग्रेस तो ऐसे दल हैं, जिनमें अभी तक मेयर या पार्षद किसी का प्रत्याशी घोषित नहीं हैं। बसपा में भी पार्षद के प्रत्याशी घोषित नहीं हैं। कांग्रेस की ओर से खबर है कि शनिवार दोपहर में मेयर व पार्षद के प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। इसी तरह बसपा के स्तर से सपा में विवाद और प्रत्याशी घोषणा का इंतजार है। भाजपा के विषय में खबर है कि प्रदेश हाईकमान स्तर पर पहुंचे पैनलों पर मंथन का काम चल रहा है। जहां से शनिवार शाम या रविवार सुबह तक घोषणा हो सकती है। कुल मिलाकर नामांकन प्रक्रिया में दो दिन शेष हैं। ऐसे में प्रत्याशी को नामांकन के बाद प्रचार के लिए कितना समय मिलेगा और दलों के स्तर से किया जा रहा जीत का दावा कैसे पूरा होगा। ये आने वाला वक्त की बताएगा।
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साथ में ऐलान है कि अगर 24 अप्रैल तक उन्हें टिकट न मिली तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इसी तरह निगम पार्षद की आधा दर्जन अन्य सीटों व जिले की अन्य निकायों को लेकर भी कलह बरकरार है। सूत्रों के अनुसार इसी विवाद को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को होने वाली शेष घोषणा व घोषित पार्षद दावेदारों को बी-फार्म देने की प्रक्रिया रोक दी गई है और अब शनिवार को ईद की नमाज के बाद यह प्रक्रिया की जाएगी। समाजवादी पार्टी में पार्षद की टिकट को लेकर पुराने पार्षदों में यामीन खां अब्बासी, अफजाल हमीद, नईम अख्तर के अलावा पार्टी के पदाधिकारी शान मियां आदि तमाम नेता खफा हैं।
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कोई खुद के लिए टिकट मांग रहा है तो कोई परिवार के लिए। मगर पार्टी स्तर से सुनवाई न होने पर उनके द्वारा शीर्ष नेतृत्व से अपनी सिफारिश में फोन कराए जा रहे हैं। बावजूद इसके टिकट घोषित न होने पर यामीन खां अब्बासी ने शाम को पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। पार्टी की दलील है कि पिछला चुनाव वे हारे थे। उनके सामने दूसरा जिताऊ प्रत्याशी मिलने पर उनका टिकट काटा गया है। मगर उनका अपना आरोप है कि चंद नेताओं ने पार्टी को अपने कब्जे में लेकर मनमर्जी तरीके से अपना तेरी करते हुए और अन्य वजहों से टिकट वितरण किया है। कुछ शीटों पर तो धन बल तक का आरोप लगाया है। उनके आमरण अनशन पर कुछ परिजन व कुछ परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। इस दौरान बाहर से उन्हें वे पार्षद दावेदार भी समर्थन दे रहे हैं, जिनका टिकट कटा है। इसी में चार बार के पार्षद अफजाल हमीद का भी अपना आरोप है। उन्हें हारने वाली सीट पर टिकट दिया जा रहा है, जबकि पिछली बार के मांगे जाने के अनुसार केला नगर से टिकट नहीं दिया जा रहा। इधर, यामीन खां के धरने पर बैठने की खबर पर पुलिस व सपा के वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर उन्हें समझाया। मगर वे अपनी जिद पर अड़े रहे।
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पार्टी प्रदेशाध्यक्ष को पत्र भेजा है और कहा है कि मेयर की टिकट में उनका नाम पैनल में दावेदारी के बावजूद शामिल नहीं किया। अब पार्षद का टिकट भी काट दिया। जब तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष उन्हें संतुष्ट नहीं करेंगे या फिर उनका टिकट नहीं होगा। वे आमरण अनशन पर हैं और 24 अप्रैल को आत्मदाह कर लेंगे। इस विषय में जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर का कहना है कि यह पार्टी कार्यालय कार्यकर्ता का मंदिर है। जहां सभी को आने की अनुमति है। रहा सवाल धरने या गुस्से की तो परिवार के सदस्यों के बीच विवाद होता है। उन्हें मनाने समझाने का प्रयास जारी है। वहीं संकेत मिले हैं कि जिले के शेष निकाय व पार्षद के बी फार्म वितरण रोक दिए गए हैं।
जलाली पर दूसरे सपा प्रत्याशी आए सामने
पार्टी जिलाध्यक्ष ने जलाली पर किसी अन्य को प्रत्याशी बनाने का मन बनाया था। मगर यहां शुक्रवार को दूसरे प्रत्याशी फार्म बी लेकर नामांकन कर आए हैं। जानकारी मिली है कि यह प्रत्याशी प्रदेश कार्यालय से अपने लिए फार्म बी लेकर आए हैं। ऐसे में शोर मच रहा है कि जब कोई सीधे प्रदेश कार्यालय से फार्म बी ला सकता है तो और लोग भी वहां अपनी दावेदारी के लिए जा सकते हैं।
भाजपा, बसपा, कांग्रेस में अभी तक चल रहा है घोषणा का इंतजार
अलीगढ़। निकाय चुनाव में सभी दलों का अपनी अपनी जीत का दावा है। मगर प्रत्याशी घोषित करने में सभी दल पीछे हैं। भाजपा व कांग्रेस तो ऐसे दल हैं, जिनमें अभी तक मेयर या पार्षद किसी का प्रत्याशी घोषित नहीं हैं। बसपा में भी पार्षद के प्रत्याशी घोषित नहीं हैं। कांग्रेस की ओर से खबर है कि शनिवार दोपहर में मेयर व पार्षद के प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे। इसी तरह बसपा के स्तर से सपा में विवाद और प्रत्याशी घोषणा का इंतजार है। भाजपा के विषय में खबर है कि प्रदेश हाईकमान स्तर पर पहुंचे पैनलों पर मंथन का काम चल रहा है। जहां से शनिवार शाम या रविवार सुबह तक घोषणा हो सकती है। कुल मिलाकर नामांकन प्रक्रिया में दो दिन शेष हैं। ऐसे में प्रत्याशी को नामांकन के बाद प्रचार के लिए कितना समय मिलेगा और दलों के स्तर से किया जा रहा जीत का दावा कैसे पूरा होगा। ये आने वाला वक्त की बताएगा।