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क्वार्सी थाने के मालखाने पर तीन साल से ताला
अभिषेक शर्मा
Updated Sun, 29 May 2016 01:44 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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अदालतों में न्यायिक अधिकारियों की कमी के साथ-साथ यूपी में पुलिसिया सिस्टम भी मुकदमों के निस्तारण में देरी को बड़ा जिम्मेवार है। हालात कुछ ऐसे हैं कि थाना स्तर पर मुकदमाती मालों के निस्तारण में दिलचस्पी नहीं ली जाती। कुछ ऐसा ही हाल महानगर के क्वार्सी थाने का बना है, जहां पिछले करीब तीन साल से मालखाने पर ताला लगा है और इन तीन सालों में नए माल के लिए अलग से मालखाना संचालित है। कई बार इस समस्या के समाधान के लिए कमेटियां बन गईं। मगर समस्या दूर नहीं हुई। अब आईजी जोन ने तीन साल पुराने मालखाना इंचार्ज हैड मुहर्रिर को फीरोजाबाद से क्वार्सी संबद्ध करने का आदेश दे दिया है। यह हैड मुहर्रिर जल्द ही यहां आकर मालखाने का चार्ज थाने के किसी अन्य मुंशी को देगा। तब मालखाना संचालित हो सकेगा।
वाकया करीब तीन साल पुराना है, जब यहां तैनात हैड मुहर्रिर महाराज सिंह का बॉर्डर स्कीम समाप्त होने पर एटा तबादला हो गया। उस समय महाराज सिंह पर ही थाने का चार्ज था। एटा से वह फीरोजाबाद स्थानांतरित हो गए और इन दिनों फीरोजाबाद के एका थाने में उनकी तैनाती है। मगर आज तक वह न तो क्वार्सी में किसी को चार्ज देकर गया और न क्वार्सी में कोई नया हैड मुहर्रिर तैनात ही हुआ है। इसके चलते 3 साल पुराने सभी मुकदमों के माल निस्तारण या मुकदमों से संबंधित माल को अदालत तक पहुंचाने में अक्सर दिक्कत होती है। आमतौर पर होता है कि अदालत की मदद से हैड मुहर्रिर को वायरलेस कराया जाता है, तब वह यहां आकर माल अपनी निगरानी में निकलवाते हैं और वह माल अदालत जाता है। इसके चलते तमाम महत्वपूर्ण मुकदमों के निस्तारण में भी देरी हो रही है।
कमेटी भी नहीं करा पाई निदान
पूर्व एसएसपी के सामने जब यह समस्या आई तो उन्होंने तय किया कि एक कमेटी बनाई जाए। वह कमेटी माल का चार्ज पूर्व हैड मुहर्रिर से ग्रहण कर लेगी। बाद में नए हैड मुहर्रिर को दे दिया जाएगा। मगर इस तरह से भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उस समय दिक्कत यह आई कि कोई हैड मुहर्रिर क्वार्सी में मालखाने का चार्ज लेने को तैयार न था।
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थाने के मालखाने का चार्ज अभी तक फीरोजाबाद में तैनात हैड मुहर्रिर के पास है। नए हैड मुहर्रिर की तैनाती नहीं हो पाई है। इसलिए चार्ज नहीं बदला गया। इसके चलते थाने के तमाम काम निपटाने व मुकदमों आदि में देरी हो रही है। इसके लिए अधिकारियों से अनुरोध पर आईजी जोन स्तर से महाराज सिंह को संबद्ध किया गया है। जल्द यहां आकर वह मालखाने का चार्ज हस्तांतरित करेंगे। नए हैड मुहर्रिर की पोस्टिंग कराने का अनुरोध भी किया गया है।
- रवींद्र बहादुर सिंह, एसओ क्वार्सी
मालखाने का नियम
पुलिस सेवा नियमावली के अनुसार थाने का प्रभारी एसओ होता है तो थाने के अंदर चलने वाले मालखाने का प्रभारी हैड मुहर्रिर होता है। मालखाने में रखी जाने वाली सूई से लेकर तोप जैसी किसी भी वस्तु का हिसाब-किताब और मालखाने की चाभी उसी के पास होती है। जब भी उसका तबादला होगा तो एक-एक वस्तु को नए हैड मुहर्रिर को वह हिसाब देकर जाएगा।
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वाकया करीब तीन साल पुराना है, जब यहां तैनात हैड मुहर्रिर महाराज सिंह का बॉर्डर स्कीम समाप्त होने पर एटा तबादला हो गया। उस समय महाराज सिंह पर ही थाने का चार्ज था। एटा से वह फीरोजाबाद स्थानांतरित हो गए और इन दिनों फीरोजाबाद के एका थाने में उनकी तैनाती है। मगर आज तक वह न तो क्वार्सी में किसी को चार्ज देकर गया और न क्वार्सी में कोई नया हैड मुहर्रिर तैनात ही हुआ है। इसके चलते 3 साल पुराने सभी मुकदमों के माल निस्तारण या मुकदमों से संबंधित माल को अदालत तक पहुंचाने में अक्सर दिक्कत होती है। आमतौर पर होता है कि अदालत की मदद से हैड मुहर्रिर को वायरलेस कराया जाता है, तब वह यहां आकर माल अपनी निगरानी में निकलवाते हैं और वह माल अदालत जाता है। इसके चलते तमाम महत्वपूर्ण मुकदमों के निस्तारण में भी देरी हो रही है।
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कमेटी भी नहीं करा पाई निदान
पूर्व एसएसपी के सामने जब यह समस्या आई तो उन्होंने तय किया कि एक कमेटी बनाई जाए। वह कमेटी माल का चार्ज पूर्व हैड मुहर्रिर से ग्रहण कर लेगी। बाद में नए हैड मुहर्रिर को दे दिया जाएगा। मगर इस तरह से भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उस समय दिक्कत यह आई कि कोई हैड मुहर्रिर क्वार्सी में मालखाने का चार्ज लेने को तैयार न था।
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थाने के मालखाने का चार्ज अभी तक फीरोजाबाद में तैनात हैड मुहर्रिर के पास है। नए हैड मुहर्रिर की तैनाती नहीं हो पाई है। इसलिए चार्ज नहीं बदला गया। इसके चलते थाने के तमाम काम निपटाने व मुकदमों आदि में देरी हो रही है। इसके लिए अधिकारियों से अनुरोध पर आईजी जोन स्तर से महाराज सिंह को संबद्ध किया गया है। जल्द यहां आकर वह मालखाने का चार्ज हस्तांतरित करेंगे। नए हैड मुहर्रिर की पोस्टिंग कराने का अनुरोध भी किया गया है।
- रवींद्र बहादुर सिंह, एसओ क्वार्सी
मालखाने का नियम
पुलिस सेवा नियमावली के अनुसार थाने का प्रभारी एसओ होता है तो थाने के अंदर चलने वाले मालखाने का प्रभारी हैड मुहर्रिर होता है। मालखाने में रखी जाने वाली सूई से लेकर तोप जैसी किसी भी वस्तु का हिसाब-किताब और मालखाने की चाभी उसी के पास होती है। जब भी उसका तबादला होगा तो एक-एक वस्तु को नए हैड मुहर्रिर को वह हिसाब देकर जाएगा।