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Aligarh News: ममता पर सवाल, झाड़ियों में मिली आठ दिन की बालिका
Thu, 26 Oct 2023 01:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Oct 2023 01:23 AM IST
सार
खैर में एक मई 2020 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। बिना गर्भनाल काटे ही हाल की जन्मी बालिका को कोई गोंदाली नहर पटरी पर डाल गया था। उस समय भी ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने उसे सकुशल बचा कर चाइल्ड केयर के सुपुर्द किया था।
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झाड़ियों में मिली नवजात
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
खैर में मां की ममता पर सवाल उठे हैं। रात के अंधेरे में कोई मां अपनी आठ दिन की नवजात बेटी को भोपा नगला के निकट झाड़ियोें में रख कर चली गई। सुबह सवेरे बालिका के रोने की आवाज ग्रामीणों ने सुनी तो पुलिस को सूचना दी गई। इस पर इंस्पेक्टर खैर महिला पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और बालिका को अपने साथ थाने ले गये। उसे स्वास्थ्य जांच के बाद वन स्टॉप सेंटर अलीगढ़ भेजा गए, लेकिन वहां के संचालक ने बालिका को रखने से इंकार कर दिया। बालिका को गांव के एक युवक के सुपुर्द किया गया है। उसे गांव भोपानगला निवासी अमित कुमार पुत्र शिवचरन लाल के सुपुर्द कर दिया गया।
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पुलिस ने इससे पहले बालिका के परिजनों की खोजबीन शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। सीएचसी में चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य की जांच कर उसे दूध पिलाया गया। बकौल इंस्पेक्टर बन स्टॉप सेंटर के संचालक ने पहले से ही चौदह बच्चे होने तथा इंतजामात ना होने का हवाला देकर बालिका को रखने से मना कर दिया। जिस पर पुलिस बालिका को वापस ले आई थी।
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अपनों ने छोड़ा तो गैरों ने बढ़ाए हाथ
कोई मां इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है? यही बात बच्ची को देखने पहुंचे लोगों की जुबां पर थी। बच्ची को गोद लेने के लिए थाने में दंपतियों की लाइन लग गई। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने उन्हें समझाया कि वह बालिका को वन स्टॉप सेंटर में छोड़ने जाएंगे। गोद लेने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष आवेदन कर विधिक प्रक्रिया अपनानी होगी। यह सुनकर कई दंपती वापस चले गये थे। बाद में वन स्टॉप संचालक ने ही बालिका को रखने में हाथ खड़े कर दिये। फिलहाल गांव के अमित को बालिका सुपुर्द की गई है। अमित को नौ साल से संतान की आस है। वह भी सुबह पत्नी के साथ गुहार लगाने थाने पहुंचा था।
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मई 2020 में बालिका मिली थी
खैर में एक मई 2020 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। बिना गर्भनाल काटे ही हाल की जन्मी बालिका को कोई गोंदाली नहर पटरी पर डाल गया था। उस समय भी ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने उसे सकुशल बचा कर चाइल्ड केयर के सुपुर्द किया था।