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मरीजों के मन से भय का भूत भगा रहे मनोविज्ञानी

Wed, 19 May 2021 11:22 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 11:22 PM IST
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Psychologists driving fear out of patients' minds
कौशल कुमार ओझा
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मनोविज्ञानी कोरोना मरीजों के मन से भय का भूत भगा रहे हैं। खास बात यह है कि दूसरी लहर की चपेट में आए मरीज तुलनात्मक रूप से पिछली लहर के रोगियों से ज्यादा भयभीत हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (एल-20) एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय (एल-1) में भर्ती मरीजों की काउंसलिंग के लिए मनोविज्ञानी की ड्यूटी लगाई गई है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मनोविज्ञानी डॉ. अंशु सोम एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में क्लीनिकल मनोविज्ञानी पूजा कुलश्रेष्ठ कार्य कर रही हैं। इनका कहना है कि तुलनात्मक रूप से दूसरी लहर में संक्रमित मरीज ज्यादा भयभीत हैं। भय का सबसे बड़ा कारण आसपास में हो रही मौत की घटनाएं हैं। इसके अतिरिक्त ऑक्सीजन लेवल गिरने की वजह से भी मरीज चिंतित हैं। मरीज के साथ-साथ परिवार के लोग इस बार ज्यादा भयभीत और तनाव में नजर आ रहे हैं। इसकी वजह से उनके व्यवहार में काफी परिवर्तन दिख रहा है।
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मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल में मनोविज्ञानी के अतिरिक्त फिजियोथैरेपिस्ट एवं डायटिशियन की सेवाएं ली जा रही हैं। काउंसलिंग से मरीजों को काफी लाभ हो रहा है और उनके मन से नकारात्मक चीजें निकल रही हैं।
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दूसरी लहर की चपेट में आए कोरोना मरीज ज्यादा भयभीत हैं। आसपास जो कुछ भी देख-सुन रहे हैं, उसका असर उनके मन पर पड़ रहा है। नींद की शिकायत है। मरीज एवं परिजनों के व्यवहार में भी परिवर्तन देखा जा रहा है।
- डॉ. अंशु सोम, मनोविज्ञानी
यह सही है कि कठिन समय है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम बेहतर जिंदगी की उम्मीद ही छोड़ दें। मरीजों को बताया जाता है कि कैसे खुश रहें। वार्ड के अन्य मरीजों से बातचीत करें। फोन पर रिश्तेदारों से बात करें। रात में पूरी नींद लें।
- पूजा कुलश्रेष्ठ, क्लीनिकल मनोविज्ञानी
केस - 1
एक प्रबुद्ध व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने के बाद पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती हुए थे। उनके बेड के बगल के दो मरीजों की मृत्यु हो गई। जब भी उनकी नजर खाली बेडों पर जाती, वह सहम जाते। इस घटना से वह काफी असहज हो गए थे।

केस - 2
गोंडा क्षेत्र का एक युवक पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के कोविड वार्ड में भर्ती हुआ था। बेचैनी बढ़ने पर असामान्य व्यवहार करने लगा। मनोविज्ञानी ने जब परिजनों से बात की तो हैरान रह गई। परिजनों का कहना था कि कोई ऊपरी चक्कर है।
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