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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावः सपा समर्थक सदस्यों को भी टूर पर भेजने की तैयारी
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद का मुकाबला रोचक होता जा रहा है। भाजपा ने अपने समर्थक सदस्यों को उत्तराखंड में ठहराया है तो सपा ने उससे बड़ा ऑफर निकाल कर समर्थक सदस्यों को गोवा भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। सपा समर्थक सदस्य सोमवार को गोवा या चंडीगढ़ के आलीशान टूर पर भेजे जा सकते हैं।
सपा के समर्थक सदस्यों को रविवार को मिठाई देकर मनाया गया और उनको बाहर चलने के लिए भी कहा गया। सपाई खेमा ऐसा इसलिए भी कर रहा है कि कहीं सत्ता के दबाव में उसके सदस्यों को परेशान न किया जाए। ऐसा होने पर पार्टी मतदान नहीं करा पाएगी, जबकि पार्टी हर हाल में मतदान कराकर अपनी इज्जत बचाना चाहती है। जिससे जनता के बीच ये संदेश जा सके कि वह भाजपा से मुकाबला करने में सक्षम में है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम ने नामांकन नहीं करा पाने वाले जिलाध्यक्षों की छुट्टी कर स्पष्ट संदेश दिया है कि जहां भी टीम कमजोर पड़ी वहां सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे में सपाई हरहाल में इस चुनाव में दमखम दिखाने में जुट गए हैं।
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सपा नेताओं की मानें तो वह रालोद के साथ मिल कर लगभग 22 सदस्यों का समर्थन जुटा रहे हैं। कुछ निर्दलीय भी उनके साथ हैं। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी 24 सदस्य उनके पास भी हो जाएंगे। जिसके बाद वह चुनाव जीतेंगे। सपा नेताओं के इस दावे में कितना दम है ये तो तीन जुलाई को सामने आएगा, लेकिन सपा की सक्रियता ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। पहले जो भाजपा र्निविरोध निर्वाचन की उम्मीद पाल रही थी। अब ऐसा नहीं है। अब मतदान होना लगभग तय हो गया है।
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सपा के समर्थक सदस्यों को रविवार को मिठाई देकर मनाया गया और उनको बाहर चलने के लिए भी कहा गया। सपाई खेमा ऐसा इसलिए भी कर रहा है कि कहीं सत्ता के दबाव में उसके सदस्यों को परेशान न किया जाए। ऐसा होने पर पार्टी मतदान नहीं करा पाएगी, जबकि पार्टी हर हाल में मतदान कराकर अपनी इज्जत बचाना चाहती है। जिससे जनता के बीच ये संदेश जा सके कि वह भाजपा से मुकाबला करने में सक्षम में है।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम ने नामांकन नहीं करा पाने वाले जिलाध्यक्षों की छुट्टी कर स्पष्ट संदेश दिया है कि जहां भी टीम कमजोर पड़ी वहां सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे में सपाई हरहाल में इस चुनाव में दमखम दिखाने में जुट गए हैं।
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सपा नेताओं की मानें तो वह रालोद के साथ मिल कर लगभग 22 सदस्यों का समर्थन जुटा रहे हैं। कुछ निर्दलीय भी उनके साथ हैं। ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी 24 सदस्य उनके पास भी हो जाएंगे। जिसके बाद वह चुनाव जीतेंगे। सपा नेताओं के इस दावे में कितना दम है ये तो तीन जुलाई को सामने आएगा, लेकिन सपा की सक्रियता ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। पहले जो भाजपा र्निविरोध निर्वाचन की उम्मीद पाल रही थी। अब ऐसा नहीं है। अब मतदान होना लगभग तय हो गया है।