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विवादित बयान देने में पूजा शकुन को सशर्त अग्रिम जमानत मिली

Fri, 24 Jun 2022 01:06 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 01:06 AM IST
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Pooja Shakun gets conditional anticipatory bail for making controversial statement
जुमे की नमाज पर प्रतिबंध को लेकर विवादित बयान देने के मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ डॉ. पूजा शकुन पांडेय को सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने उनके अग्रिम जमानत आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि वे बिना अनुमति भारत नहीं छोड़ सकेंगी। विवेचना में सहयोग करेंगी और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई उत्प्रेरणा, धमकी या वचन नहीं देंगी। इधर, जिस पुराने मुकदमे में पुलिस ने जमानत निरस्त कराने की अर्जी दायर की है, उसमें सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख नियत है।
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अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव डॉ. पूजा शकुन पांडेय पर आरोप है कि 5 जून को उन्होंने अपने कार्यालय पर खून से लिखा ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम एसीएम को सौंपा था, जिसमें उन्होंने कानपुर सहित देश में अब तक हुईं घटनाओं का जिक्र करते हुए जुमे की नमाज पर पाबंदी की आवाज उठाई। इस दौरान मीडिया को दिए बयान में उन्होंने जुमे की नमाज को लेकर विवादित बातें कहीं, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में उनकी ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी सशर्त स्वीकार की गई है। इस मामले में पूजा शकुन की और से पैरवी अधिवक्ता प्रदीप माहेश्वरी ने दी। इधर, उन पर विचाराधीन 2019 के एक मुकदमे में थाना पुलिस द्वारा जमानत निरस्त करने संबंधी अर्जी पर शुक्रवार की तारीख नियत है।
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- आवेदक ने जुमे की नमाज पर होने वाली भीड़ को रोकने के लिए ज्ञापन दिया था। उसी ज्ञापन को मीडिया के समक्ष पढ़कर सुनाया था, जिसमें किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को आहत करने का उद्देश्य न था। राजनीतिक द्वेष व उनके प्रार्थी को परेशान करने की नियत से तथ्यविहीन मुकदमा लिखा गया। साथ में, धारा 144 के उल्लंघन की भी कार्रवाई की गई, जबकि ज्ञापन आवास पर दिया गया था जो कि सार्वजनिक स्थल नहीं है। इन सभी तर्कों को समझते हुए न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दी।
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- प्रदीप माहेश्वरी, अधिवक्ता पूजा शकुन पांडेय
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