AMU: वीएम हॉल के पास पुलिस चेकिंग के दौरान मिली पिस्टल, बिना नंबर प्लेट की थार सहित आरोपी दबोचा
पुलिस ने 1 मई रात वीएम हॉल के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीएम हॉल के पास थार गाड़ी को चेकिंग के दौरान रोका गया। बिना नंबर की गाड़ी में जमालपुर नवी नगर का कासिम मलिक सवार था। उसके पास से एक .32 बोर पिस्टल मय कारतूस बरामद हुई। गाड़ी व पिस्टल सहित कासिम को थाने लाया गया।
विस्तार
एएमयू का एक छात्र पिस्टल सप्लाई के आरोप में बिना नंबर प्लेट की थार सहित गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान उसे गिरफ्तार कर पिस्टल भी बरामद की है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। उसने बरामद पिस्टल जीवनगढ़ के युवक से खरीदी थी। उसे बेचने के इरादे से घूम रहा था। पुलिस अब उसके मूल सप्लायर व आगे वाले खरीदार तक पहुंचने के प्रयास में जुटी है। इधर, उसके छात्र होने को लेकर 2 मई देर रात तक एएमयू स्तर से जांच की जा रही थी।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार चुनाव के मद्देनजर चलाए जा रहे अभियान के क्रम में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस राजीव कुमार की अगुवाई वाली टीम 1 मई रात वीएम हॉल के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीएम हॉल के पास थार गाड़ी को चेकिंग के दौरान रोका गया। बिना नंबर की गाड़ी में जमालपुर नवी नगर का कासिम मलिक सवार था। उसके पास से एक .32 बोर पिस्टल मय कारतूस बरामद हुई। गाड़ी व पिस्टल सहित कासिम को थाने लाया गया।
पूछताछ में उसने स्वीकारा कि यह पिस्टल उसने जीवनगढ़ के आसिफ नाम के युवक से खरीदी है। इंस्पेक्टर के अनुसार वह उसे बेचने के इरादे से घूम रहा था। बरामद गाड़ी को लेकर जांच में उजागर हुआ कि गाड़ी कई बार बिकी है और इस युवक ने खरीदी है। सिर्फ पुलिस को धोखा देने के इरादे से उसने नंबर प्लेट हटा रखी थी।
इंस्पेक्टर के अनुसार पकड़े गए युवक ने खुद को परास्नातक का एएमयू का छात्र भी बताया। उस पर पहले से देहली गेट में एक मुकदमा दर्ज है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। वहीं एएमयू प्रॉक्टर का कहना है कि पकड़ा गया युवक छात्र है या नहीं, इसके लिए वे दस्तावेज खंगलवा रहे हैं। जानकारी होने पर ही अवगत कराया जाएगा।
पिस्टल सप्लाई का गढ़ रहा अलीगढ़
पिस्टल सप्लाई के मामले में जिला पहले से बदनाम है। यहां मध्य प्रदेश व बिहार से पिस्टल लाकर सप्लायर बेचते हैं और नक्सलियों तक को हथियार सप्लाई होते रहे हैं। ये पहला मामला नहीं है।
जिले में पिस्टल सप्लाई के रिकार्ड की करें तो कभी गोंडा व टप्पल थाना क्षेत्र में सप्लायर मशहूर थे। ये सप्लायर मध्य प्रदेश व बिहार से सप्लाई लाकर बेचा करते थे। एटीएस स्तर से इन पर शिकंजा कसा गया तो फिर खैर व चंडौस क्षेत्र में कुछ सप्लायर सक्रिय हुए। इनके द्वारा झारखंड के नक्सलियों तक को हथियार सप्लाई किए। पिछले दिनों गोंडा पुलिस ने भी एक युवक को पकड़ा। वह भी एएमयू से जुड़ा रहा था। एएमयू से पिस्टल सप्लायरों का नाम जुड़ने पर तरह तरह की चर्चाएं हैं।