Kailash Kher: पद्मश्री कैलाश खेर ने की बेबाकी से बातचीत, बोले-ईश्वर की तरफ ले जाता है संगीत
उन्होंने कहा कि संगीत ईश्वर की ओर ले जाता है। हालांकि, इन दिनों सुर्खियों में चल रहे लॉरेंस बिश्नोई के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।
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अमर उजाला कैलाश खेर नाइट में 23 अक्तूबर को प्रस्तुति देने पहुंचे पद्मश्री कैलाश खेर ने संगीत से लेकर आध्यात्म तक पर खुलकर बातें कीं। उनकी बातचीत में कभी नसीहत तो कभी स्नेह दिखा। उन्होंने कहा कि संगीत ईश्वर की ओर ले जाता है। हालांकि, इन दिनों सुर्खियों में चल रहे लॉरेंस बिश्नोई के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।
अमर उजाला : संगीत को रोजगार के बजाय शौक का माध्यम क्यों माना जा रहा है?
जवाब : देखिए, जहां तक रोजी-रोटी की बात है, तो यह ईश्वर निश्चित करता है, कोई इंसान नहीं करता है। इसके लिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि परमात्मा का सर्वर फेल नहीं होता है। ईश्वर ने सबके हिस्से में पुण्य, कर्म, भाग्य सबकुछ पहले से ही लिख रखा है। इंसान चतुराई करके पैसा तो कमा लेता है, लेकिन जब वह तनाव में होता है, तो यही संगीत उसके तनाव को कम करता है। भागम-भाग जिंदगी जीने वाले लोगों को शांत रखना और उनके परिवार में शांति, अमन और चैन का काम संतों के जरिये होता है। संतों के समकक्ष गायक होते हैं।
अमर उजाला : पॉप सांग के बजाय आध्यात्मिक संगीत की तरफ युवाओं का रुझान क्यों बढ़ रहा हैं?
जवाब : अभी कुछ दिनों पहले ही कोविड नाम के देवता जमीन पर उतरे थे। उन्होंने ठहरे हुए पानी में थोड़ा सा कंकड़ डाल दिया। अचानक तिलमिलाहट हुई और संसार को बताया कि दुनिया इस तरह से नहीं चलेगी, जिस तरह चल रही है। इसी से समझ में आ गया कि जीना कैसे है, इसलिए आध्यात्मिक संगीत की ओर युवाओं का रुझान बढ़ रहा है। संगीत ईश्वर की तरफ ले जाता है।
अमर उजाला : 20 भाषाओं में सैकड़ों गीत गाए हैं?
जवाब : बहुत सी भाषाओं में गाना गया है। संगीत मर्मस्पर्शी होता है। इसके लिए भगवान ने मुझे चुना है। मुझे केवल मनोरंजन ही नहीं करना, बल्कि ईश्वर की आराधना करना है। हम गाते नहीं, बल्कि जगाते हैं। ईश्वर ने मनुष्यों को जगाने के लिए मुझे धरती पर भेजा है।
अमर उजाला : मायानगरी में लॉरेंस बिश्नोई का दबदबा है?
जवाब : इसके बारे में हमें कोई अंदाजा नहीं है, क्योंकि पिछले एक महीने से विदेश में हैं। पहले इस बारे में अध्ययन करेंगे, फिर बोलेंगे। बिना अध्ययन के बोलना, सही नहीं है।
अमर उजाला : संगीत में आगे बढ़ने के लिए गॉड फादर की जरूरत है?
जवाब : अपनी गुणवत्ता, मेहनत, परमार्थ पर पूरा भरोसा होना चाहिए। जब हम किसी भी उपलब्धि की तरफ भागते हैं, तो हमें कोई नहीं रोक सकता है। संगीत साधकों, गायकों अगर आप में तैयारी अच्छी है तो आपको गॉड फादर की जरूरत नहीं है।
अमर उजाला : आप अलीगढ़ कई बार आ चुके हैं, अमर उजाला के बारे में क्या कहना है?
जवाब : देखिए, अमर उजाला हमारे परिवार का ही एक हिस्सा है। वह मेरुदंड है। हमारे क्षेत्र में अमर उजाला के आसपास कोई नहीं है। अलीगढ़ बहुत ऐतिहासिक जगह है। अलीगढ़ शहर भले ही तालों के लिए मशहूर है, लेकिन मुझे ताले नहीं, तालियां चाहिए।