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ऑनलाइन भुगतान लेने के चक्कर में गवां ने बैठें अपने खाते की राशि
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अगर आप भी सोशल मीडिया पर कोई सामान बेचने की पोस्ट डाल रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि अनजाने में की गई गलती से आप अपने खाते की राशि को खो सकते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने से साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। वह फोन कर पोस्ट वाला सामान खरीदने के लिए कहते हैं। रुपये भेजने से पहले एक रुपये की अनुमति मांगते हैं। इसकी अनुमति देने की गलती बड़े नुकसान में डाल देगी।
जी हां, हाल ही में सोशल मीडिया पर फ्रीज, मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन आदि को लोग बेच रहे हैं। ऐसे में कुछ साइबर अपराधी फोन कर पोस्ट डालने वाले व्यक्ति से सामान खरीदने का आश्वासन देते हैं। वहीं कुछ राशि अग्रिम भेजकर पोस्ट को डिलीट करने की कहते हैं। इस बीच बातों में लगाकर वह एक रुपये की राशि की अनुमति मांगते हैं, जबकि कहते हैं कि एक रुपये आपके डिजिटल पर्स में आ गया है। इस एक रुपये को यूपीआई के जरिए अपने खाते में डाल सकते हैं। एक रुपये के चक्कर में अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि एक रुपये की अनुमति आपके यूपीआई को साझा करने की होती है। ऐसे में अगर यूपीआई डालते हैं तो संबंधित के पास आपकी सारी जानकारी चली जाएगी। फिर वह मन चाही रकम आपके खाते से निकाल सकता है। इसीलिए अगर आप भी सोशल मीडिया पर कोई सामान बेच रहे हैं और कोई खाते की राशि को हस्तांरण के लिए कहता है तो यह एक जालसाजी है। क्योंकि अगर उसे भुगतान ही करना है तो सीधे खाते में कर सकता है।
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जी हां, हाल ही में सोशल मीडिया पर फ्रीज, मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन आदि को लोग बेच रहे हैं। ऐसे में कुछ साइबर अपराधी फोन कर पोस्ट डालने वाले व्यक्ति से सामान खरीदने का आश्वासन देते हैं। वहीं कुछ राशि अग्रिम भेजकर पोस्ट को डिलीट करने की कहते हैं। इस बीच बातों में लगाकर वह एक रुपये की राशि की अनुमति मांगते हैं, जबकि कहते हैं कि एक रुपये आपके डिजिटल पर्स में आ गया है। इस एक रुपये को यूपीआई के जरिए अपने खाते में डाल सकते हैं। एक रुपये के चक्कर में अधिक ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि एक रुपये की अनुमति आपके यूपीआई को साझा करने की होती है। ऐसे में अगर यूपीआई डालते हैं तो संबंधित के पास आपकी सारी जानकारी चली जाएगी। फिर वह मन चाही रकम आपके खाते से निकाल सकता है। इसीलिए अगर आप भी सोशल मीडिया पर कोई सामान बेच रहे हैं और कोई खाते की राशि को हस्तांरण के लिए कहता है तो यह एक जालसाजी है। क्योंकि अगर उसे भुगतान ही करना है तो सीधे खाते में कर सकता है।
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