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Aligarh News: कर वसूली की आड़ में धन वसूली में जुटे अफसर
Mon, 03 Apr 2023 01:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 03 Apr 2023 01:15 AM IST
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भाजपा के निवर्तमान पार्षदों ने रविवार को संपत्ति/गृहकर मामले में नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ अधिकारी तो इसकी आड़ में धन वसूली में जुटे हैं। आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी बिल जारी नहीं किए जा रहे। इसे लेकर चेतावनी जारी की गई है और 20 फीसदी की छूट जारी रखने की मांग उठाते हुए कहा है कि अधिकारी आज भी बसपा व सपा की मानसिकता से काम कर रहे हैं, जिससे भाजपा की छवि खराब हो रही।
भाजपा स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के महानगर संयोजक डाॅ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा गया कि नगर निगम के आरआई व कुछ अन्य अधिकारियों की मनमानी के कारण आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो रहा। जिनका निस्तारण हुआ है, उनके बिल जारी नहीं किए जा रहे। बिल जारी नहीं होने से नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है और करदाताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। निवर्तमान पार्षद दिनेश गुप्ता ने कहा कि कवर्ड एरिया के क्षेत्रफल पर एआरवी पर निर्माण के हिसाब से छूट नहीं दी जा रही है।
कुलदीप पांडेय ने कहा कि 2022-23 के बिल नहीं बंटे हैं। आपत्तियों का निस्तारण केवल उन करदाताओं का हुआ, जो स्वयं बिल निकलवाने पहुंचे हैं। सचेतक दिनेश गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2018-19-, 2019-20 से 2017 से कर निर्धारित कर दिया गया था और उनके बिलों से एरियर नहीं हटाया है, जबकि एरियर हटाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। सामूहिक रूप से गृह कर जमा करने पर 20 फीसदी की छूट आगे भी जारी रखने की मांग उठाई। चेतावनी दी गई कि सात दिन में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री से मामले को अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर लतेश चौधरी, वीरेंद्र सिंह, दिनेश गुप्ता, कुलदीप पांडेय मौजूद रहे।
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भाजपा स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ के महानगर संयोजक डाॅ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा गया कि नगर निगम के आरआई व कुछ अन्य अधिकारियों की मनमानी के कारण आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो रहा। जिनका निस्तारण हुआ है, उनके बिल जारी नहीं किए जा रहे। बिल जारी नहीं होने से नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है और करदाताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। निवर्तमान पार्षद दिनेश गुप्ता ने कहा कि कवर्ड एरिया के क्षेत्रफल पर एआरवी पर निर्माण के हिसाब से छूट नहीं दी जा रही है।
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कुलदीप पांडेय ने कहा कि 2022-23 के बिल नहीं बंटे हैं। आपत्तियों का निस्तारण केवल उन करदाताओं का हुआ, जो स्वयं बिल निकलवाने पहुंचे हैं। सचेतक दिनेश गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2018-19-, 2019-20 से 2017 से कर निर्धारित कर दिया गया था और उनके बिलों से एरियर नहीं हटाया है, जबकि एरियर हटाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। सामूहिक रूप से गृह कर जमा करने पर 20 फीसदी की छूट आगे भी जारी रखने की मांग उठाई। चेतावनी दी गई कि सात दिन में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री से मामले को अवगत कराया जाएगा। इस मौके पर लतेश चौधरी, वीरेंद्र सिंह, दिनेश गुप्ता, कुलदीप पांडेय मौजूद रहे।
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