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एएमयू की वेबिनॉर में तुर्की की प्रोफेसर को आमंत्रित करने पर एतराज
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एएमयू में एक वेबिनॉर में तुर्की की गिरेसुन विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हिलाल साहिन को आमंत्रित किए जाने पर भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा ने एतराज जताया है। उनका कहना है कि वह एएमयू की शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं गृह मंत्रालय से करेंगे।
डॉ. निशित शर्मा का कहना है कि 13 अगस्त को एएमयू द्वारा वेबिनॉर का आयोजन किया गया था, जिसमें तुर्की की प्रोफेसर को आमंत्रित किया गया था। वेबिनॉर का विषय ‘तुर्की, भारत और महात्मा गांधी : खिलाफत आंदोलन के आलोक में’ था। इसमें एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर भी उपस्थित थे। डॉ. निशित शर्मा का कहना है कि तुर्की ने इस्लामिक आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का समर्थन किया। अनुच्छेद 370 हटने का विरोध किया और पाकिस्तान का समर्थन किया।
भाजपा नेता का कहना है कि जिस खिलाफत आंदोलन पर चर्चा हुई, वह भारत एवं विश्व के इतिहास में नरसंहार के लिए जाना जाता है। केरल के कोलाबर और आर्मेनिया आदि में दंगे भड़के और गैर मुसलमानों का नरसंहार हुआ। उन्होंने कहा कि एएमयू प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि यह वेबिनॉर क्यों आयोजित हुई।
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डॉ. निशित शर्मा का कहना है कि 13 अगस्त को एएमयू द्वारा वेबिनॉर का आयोजन किया गया था, जिसमें तुर्की की प्रोफेसर को आमंत्रित किया गया था। वेबिनॉर का विषय ‘तुर्की, भारत और महात्मा गांधी : खिलाफत आंदोलन के आलोक में’ था। इसमें एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर भी उपस्थित थे। डॉ. निशित शर्मा का कहना है कि तुर्की ने इस्लामिक आतंकवादी संगठन आईएसआईएस का समर्थन किया। अनुच्छेद 370 हटने का विरोध किया और पाकिस्तान का समर्थन किया।
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भाजपा नेता का कहना है कि जिस खिलाफत आंदोलन पर चर्चा हुई, वह भारत एवं विश्व के इतिहास में नरसंहार के लिए जाना जाता है। केरल के कोलाबर और आर्मेनिया आदि में दंगे भड़के और गैर मुसलमानों का नरसंहार हुआ। उन्होंने कहा कि एएमयू प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि यह वेबिनॉर क्यों आयोजित हुई।
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