फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Now the AMU has a Mahasangram on SC-ST reservation

अब एएमयू में एससी-एसटी आरक्षण को लेकर महासंग्राम

Tue, 03 Jul 2018 01:40 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Tue, 03 Jul 2018 01:40 AM IST
विज्ञापन
Now the AMU has a Mahasangram on SC-ST reservation
अलीगढ़ युनिवर्सिटी - फोटो : ANI
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के आरक्षण को लेकर महासंग्राम शुरू हो गया है। पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर खत लिखने वाले सांसद सतीश कुमार गौतम ने एक बार फिर एएमयू वीसी को खत लिखकर पूछा है कि उनके लोकसभा क्षेत्र में स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय (एएमयू) में एससी, एसटी एवं ओबीसी के छात्रों को प्रवेश में आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है। यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि एएमयू में वंचित वर्ग को आरक्षण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक क्या प्रयास किया गया है। आज अलीगढ़ में इस मसले पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बात करने वाले हैं।
विज्ञापन



चंद रोज पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एएमयू एवं जामिया मिल्लिया इस्लामिया में दलितों को आरक्षण आदि का मुद्दा उठाया था। उसके बाद से यह मामला गरमाता नजर आ रहा है। एससी, एसटी आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया दो बार आरक्षण एवं अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला उठा चुके हैं।
विज्ञापन


मंगलवार को वह अलीगढ़ पहुंच रहे हैं और इस मसले पर बातचीत के लिए एएमयू के अधिकारियों को बुलाया है। इसी बीच एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में जोधपुर गए सांसद सतीश गौतम ने ई-मेल के माध्यम से एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को खत लिखकर पूछा है कि एससी, एसटी एवं ओबीसी के आरक्षण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक क्या प्रयास किये गये हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कौन से तर्कों के आधार पर आरक्षण को लागू करने से रोकने के प्रयास किये जा रहे हैं। वर्तमान समय में सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आरक्षण का प्रावधान है तो एएमयू में इसे लागू करने से संबंधित प्रयास क्यों नहीं किये गये। इस संबंध में विश्वविद्यालय के अधिकारी उच्चतम न्यायालय में मामला विचाराधीन होने का हवाला देकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। 

एएमयू मेरे लोकसभा क्षेत्र में स्थित है। जब देश के तमाम दूसरे यूनिवर्सिटी में एससी, एसटी एवं ओबीसी छात्रों को प्रवेश में आरक्षण दिया जा रहा है तो इसमें क्यों नहीं। मेरे लोकसभा क्षेत्र में छात्र आरक्षण से क्यों वंचित रहेंगे। मैने वीसी को खत लिखकर पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
- सतीश गौतम, सांसद, अलीगढ़

आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। न्यायालय का फैसला आने तक कुछ कहना उचित नहीं है। कुलपति अभी बाहर हैं। इसलिए सांसद के खत की जानकारी नहीं है। एससी, एसटी आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया के पास एएमयू के अधिकारी जाएंगे और यूनिवर्सिटी का पक्ष रखेंगे। 
- प्रो. शाफे किदवई, एमआईसी, पीआरओ आफिस 

चुनाव में सांसद सतीश गौतम का टिकट कटने वाला है। चाहे एएमयू वीसी के पास जितना लेटर लिख लें। आरक्षण का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर कुछ भी टिप्पणी करना न्यायालय का अपमान है। सांसद को संविधान पढ़ लेना चाहिए। कम पढे़ लिखे जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण का इंतजाम होना चाहिए।
- मशकूर अहमद उस्मानी, पूर्व अध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ

हेडिंग
सांसद को पिछले पत्र का एएमयू ने नहीं दिया जवाब 
अलीगढ़। अप्रैल महीने के आखिरी दिनों में सांसद सतीश गौतम ने वीसी प्रो. तारिक मंसूर को पत्र लिखकर एएमयू में पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर के औचित्य पर सवाल उठाया था। इस पत्र के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मामला उठा था। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ और कई दिनों तक यह मुद्दा देश एवं दुनिया की मीडिया में छाया रहा। दिलचस्प बात यह है कि करीब दो महीन गुजरने के बाद भी सांसद सतीश गौतम को उनके पत्र का जवाब एएमयू प्रशासन द्वारा नहीं दिया गया है। अब सांसद ने एएमयू में आरक्षण को लेकर पत्र लिखा है। देखना दिलचस्प होगा कि एएमयू प्रशासन उसका जवाब देना उचित समझता है या नहीं।


आयोग के अध्यक्ष के समक्ष पक्ष रखेंगे एएमयू के अधिकारी
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष राम शंकर कठेरिया मंगलवार को अलीगढ़ आ रहे हैं। सर्किट हाउस में वह जिला एवं मंडल के अधिकारियों की मौजूदगी में एएमयू के अधिकारियों से बात करेंगे। बातचीत के लिए उन्होंने एएमयू के रजिस्ट्रार को लिखा है। एएमयू के अधिकारियों ने कहा कि पत्र आ गया है और एएमयू के रजिस्ट्रार, कंट्रोलर या कोई दूसरा अधिकारी यूनिवर्सिटी का पक्ष आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed