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Aligarh News: अब ऑटो के सफर पर भी महंगाई की मार
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सीएनजी के अभाव में खड़े ऑटो। संवाद
पेट्रोलियम पदार्थों और सीएनजी के दामों में हुई बढ़ोतरी का असर अब शहर की रफ्तार पर भी दिखने लगा है। माल ढुलाई महंगी होने के बाद अब स्थानीय परिवहन यानी ऑटो का सफर भी आम जनता की जेब पर भारी पड़ने वाला है। शहर के सीएनजी ऑटो चालकों ने अब किराया बढ़ाने पर विचार करना शुरू कर दिया है। अगर, ऐसा हुआ तो 26 साल बाद ऐसा होगा।
अलीगढ़ शहर में इस समय लगभग 12 हजार ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें सात हजार ऑटो पूरी तरह सीएनजी चलित हैं। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण इन चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
सासनी गेट से इगलास रूट पर ऑटो चलाने वाले चालक रिंकू कुमार ने बताया कि वर्ष 1999 में जब ऑटो डीजल से चलते थे, तब इस रूट का किराया पांच रुपये था। साल 2000 में इसे बढ़ाकर 10 रुपये किया गया था। तब से लेकर आज तक किराया नहीं बढ़ा है।
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इसी रूट के एक अन्य ऑटो चालक अंकित का कहना है कि अब बिना किराया बढ़ाए गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। अगर ऑटो संचालन जारी रखना है, तो किराया बढ़ाना ही एकमात्र रास्ता बचा है। यदि ऑटो चालकों का यह फैसला लागू होता है, तो रोजाना सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
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अलीगढ़ शहर में इस समय लगभग 12 हजार ऑटो सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इनमें सात हजार ऑटो पूरी तरह सीएनजी चलित हैं। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण इन चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
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सासनी गेट से इगलास रूट पर ऑटो चलाने वाले चालक रिंकू कुमार ने बताया कि वर्ष 1999 में जब ऑटो डीजल से चलते थे, तब इस रूट का किराया पांच रुपये था। साल 2000 में इसे बढ़ाकर 10 रुपये किया गया था। तब से लेकर आज तक किराया नहीं बढ़ा है।
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इसी रूट के एक अन्य ऑटो चालक अंकित का कहना है कि अब बिना किराया बढ़ाए गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। अगर ऑटो संचालन जारी रखना है, तो किराया बढ़ाना ही एकमात्र रास्ता बचा है। यदि ऑटो चालकों का यह फैसला लागू होता है, तो रोजाना सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।