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एनजीटी नियमों की खुलेआम अनदेखी: दिल्ली-एनसीआर में सख्ती, अलीगढ़ में धूल के बीच जारी है निर्माण कार्य
Thu, 05 Nov 2026 03:19 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:19 PM IST
सार
पानी का छिड़काव जरूरी है। निर्माण सामग्री को ढककर रखना और मलबे का उचित निस्तारण भी आवश्यक है। धूल रोकने के लिए बड़े निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट सहित अन्य उपाय महत्वपूर्ण हैं।
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रामघाट रोड पर चल रहे सड़क निर्माण के दौरान उड़ती धूल
- फोटो : संवाद
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण निर्माण गतिविधियों पर सख्ती की जा रही है। इसके विपरीत, अलीगढ़ में सरकारी प्रोजेक्ट पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। शहर में निर्माण कार्य बदस्तूर जारी हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
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बुधवार को रामघाट रोड पर सड़क निर्माण के चलते दिन भर धूल के गुबार उठते रहे। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। रामघाट रोड, तालानगरी, पीएसी, क्वार्सी, जीटी रोड, मेडिकल रोड, एटा चुंगी से बौनेर बाईपास तक कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर, नाला और सीएम ग्रिड के तहत सड़कें शामिल हैं। इन स्थलों पर न ग्रीन नेट है और न ही धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव हो रहा है। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है और भारी वाहनों की आवाजाही से धूल हवा में घुल रही है।
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धूल नियंत्रण के आवश्यक उपाय
पानी का छिड़काव जरूरी है। निर्माण सामग्री को ढककर रखना और मलबे का उचित निस्तारण भी आवश्यक है। धूल रोकने के लिए बड़े निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट सहित अन्य उपाय महत्वपूर्ण हैं। नगर निगम, निर्माण एजेंसियों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग को निगरानी बढ़ानी चाहिए। यह विकास कार्यों के साथ लोगों की सेहत और स्वच्छ हवा के लिए जरूरी है।
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नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि वायु प्रदूषण न फैले, इसके लिए संबंधित संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें एनजीटी के नियमों का पालन करते हुए कार्य पूरा करने को कहा गया है। नियमों का पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों को नोटिस जारी होंगे। उन्होंने ट्रैफिक जाम को भी वायु गुणवत्ता प्रभावित करने वाला प्रमुख कारण बताया।