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नरसिंहानंद सरस्वती के बोल : हिंदुओं को पैदा करना चाहिए अधिक बच्चे, कहा- सनातन धर्म खतरे में
Tue, 06 Jul 2021 02:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 06 Jul 2021 02:45 AM IST
सार
- विश्व जनसंख्या दिवस के पहले संत परिषद के संयोजक ने दिया बयान
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यति नरसिंहानंद सरस्वती
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि हिंदुओं को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि उनका और उनके परिवार का अस्तित्व केवल नेताओं के भरोसे न रह जाए।
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नरसिंहानंद सरस्वती ने यह बयान उस वक्त दिया है, जब विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) में चंद दिन शेष है और भारत सरकार जनसंख्या नियंत्रण को लेकर गंभीर है। 11 जुलाई को वनखंडेश्वर महादेव रामघाट रोड में सनातन वैदिक राष्ट्र की स्थापना व सनातन धर्म की रक्षा के लिए मां बगलामुखी का पांच दिवसीय महायज्ञ आरंभ किया जाएगा। इस सिलसिले में नरसिंहानंद सरस्वती यहां आए हैं।
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उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अस्तित्व खतरे में है। एक धर्म विशेष की बढ़ती हुई भयावह और नाजायज आबादी ने न केवल भारतवर्ष अपितु संपूर्ण विश्व के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या अनुपात ने यह तय कर दिया है कि 2029 में भारत का प्रधानमंत्री एक धर्म विशेष का होगा।
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उन्होंने कहा कि ऐसे में सनातन धर्म के सभी धर्मगुरुओं को सभी हिंदुओं को विजय और सद्बुद्धि की देवी मां बगलामुखी और महादेव की साधना करनी चाहिए। सद्बुद्धि प्राप्त होने से ही हिंदू अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर सकेगा और सनातन धर्म, अपने परिवार और अपने अस्तित्व की रक्षा में सक्षम बन सकेगा।
नरसिंहानंद सरस्वती ने धर्म को लेकर अन्य कई विवादित बयान दिए। इस अवसर पर कथाकार आचार्य देवेंद्र शास्त्री, हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती (डॉ. पूजा सकुन), आचार्य आदित्यनारायण अवस्थी, कपिल वशिष्ठ, अनुराग राय आदि मौजूद थे।