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खतौनी में दर्ज होंगे निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम

Mon, 23 May 2022 01:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 01:12 AM IST
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Names of undisputed successors will be recorded in Khatauni
शासन ने खातेदार किसान की मौत के बाद खतौनी में उत्तराधिकारी के तौर पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए भटक रहे लोगों को राहत देने का निर्णय लिया है। इसके तहत निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में विरासत के रूप में दर्ज कराने के लिए 20 मई से 20 जून तक अभियान चलेगा। जिले में इसकी शुरूआत हो गई है और सभी राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई हैं।
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इस अभियान को नौ श्रेणियों में बांटा गया है। मंडल स्तर पर मंडलायुक्त इस अभियान की निगरानी करेंगे और राजस्व गांवों में खतौनियों के पढ़े जाने तथा अविवादित उत्तराधिकारियों की विरासत को दर्ज करने की कार्यवाही का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। जिला स्तर पर अभियान के संचालन व निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारी पर होगी। तहसीलों में उप जिलाधिकारी व तहसीलदार प्रत्येक राजस्व गांव के लिए भ्रमण कार्यक्रम तय करते हुए संबंधित राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों के साथ मौजूद रहेंगे। जिन गांवों में ज्यादातर काश्तकार अन्य स्थानों पर रहते हैं, उन गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजस्व अधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि राजस्व निरीक्षकों की ओर से उपलब्ध कराए गए सभी प्रपत्र जल्दी कंप्यूटरीकृत खतौनी में निर्विवाद उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज हों। इसे भूलेख सॉफ्टवेयर पर भी अपडेट कराया जाएगा और खतौनी की नकल भी जारी की जाएगी।
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गांव-गांव चलेगा अभियान
तहसील के राजस्व अधिकारी गांवों में जाकर भ्रमण करेंगे। यहां राजस्व खतौनियों को ग्रामीणों के बीच पढ़ा जाएगा। लेखपाल विरासत के लिए प्रार्थना पत्र प्राप्त कर उन्हें ऑनलाइन कराएंगे। इसके बाद ऑनलाइन जांच की प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
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देना होगा प्रमाण पत्र
अभियान समाप्त होने पर डीएम प्रत्येक लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार व एसडीएम से यह प्रमाणपत्र लेंगे कि उनके क्षेत्र में निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई भी मामला नहीं बचा है। इसकी मंडलायुक्त मंडल पर व डीएम जिला स्तर पर प्रत्येक पखवाड़े में समीक्षा करेंगे। अभियान की जांच भी करायी जाएगी कि विरासत से जुड़ा कोई मामला तो नहीं बचा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान में किसी तरह की लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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