{"_id":"63dec2f5b1b9a23a8500066b","slug":"municipal-corporation-has-no-answer-to-3146-objections-aligarh-news-c-2-ali1009-37060-2023-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: नगर निगम में 3146 आपत्तियों का जवाब नहीं, 35 नए सवाल और उठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: नगर निगम में 3146 आपत्तियों का जवाब नहीं, 35 नए सवाल और उठे
Sun, 05 Feb 2023 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Feb 2023 02:11 AM IST
सार
अलीगढ़ नगर निगम में पिछले वर्षों की 3146 ऑडिट आपत्तियों का आज तक निस्तारण कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गई है। ऐसे में इन ताजा आपत्तियों का क्या होगा, ये आने वाला समय ही बताएगा।
विज्ञापन
अलीगढ़ नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नगर निगम द्वारा 2019-20 व 2020-21 में किए गए कार्यों पर स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने 35 आपत्तियां लगाई हैं। इन आपत्तियों में दो वर्ष में कुल पांच अरब से ज्यादा की चपत का उल्लेख है। मगर हैरान करने वाली बात ये है कि कुल आपत्तियों में 35वें नंबर पर जो सबसे बड़ी आपत्ति है, वह यह इशारा कर रही है कि ये ऑडिट आपत्तियां शायद रद्दी की टोकरी की शोभा बढ़ाने के सिवाय कुछ नहीं। क्योंकि 35वें नंबर की आपत्ति में स्पष्ट उल्लेख है कि पिछले वर्षों की 3146 ऑडिट आपत्तियों का आज तक निस्तारण कर अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गई है। ऐसे में इन ताजा आपत्तियों का क्या होगा, ये आने वाला समय ही बताएगा।
जी हां, यह सच स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के उपनिदेशक अलीगढ़ मंडल की ओर से नगर आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेखित है। क्रमवार 35 आपत्तियों का उल्लेख है। जिसमें एक एक कर उन कार्यों में अनियमितता, मितव्ययता का उल्लेख है, जिस पर ऑडिट आपत्ति है। सबसे आखिर में 35वें नंबर की आपत्ति में साफ लिखा है कि पिछले वर्षों की 3146 आपत्तियां अनुपालन आख्या के अभाव में अभी तक अनिस्तारित चल रही हैं। निकाय के द्वारा उनके निस्तारण की आख्या पेश नहीं की गई है।
ताजा आपत्तियों पर 102 पेज की रिपोर्ट
अब जो रिपोर्ट दी गई है, वह 102 पेज की है। इसमें मेयर मो.फुरकान, नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल, प्रेमरंजन सिंह व लेखाधिकारी राजेश गौतम के कार्यकाल में यह अनियमिताएं होना उजागर किया गया है। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने कहा कि ऑडिट नियमित प्रक्रिया है। प्रदेश भर में निकायों व प्राधिकरण के कार्यों का लेखा परीक्षा विभाग द्वारा ऑडिट किया जाता है। वह अपने अनुसार ऑडिट में कार्यों का आंकलन करते हैं और जिन पर आपत्तियां लगती हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को दी जाती हैं। उसका जवाब दिया जाता है। अब जो भी आपत्तियां आई हैं, उनके विषय में संबंधित विभागों से ब्योरा तलब किया जा रहा है। विस्तृत रिपोर्ट अपने अनुसार दी जाएगी। रहा सवाल पूर्व की 3146 आपत्तियों का आज तक निराकरण न होने या जवाब न दिए जाने के विषय में तो ऐसा पुराने कार्यकाल का विषय है। उसे भी दिखवाया जाएगा।
विज्ञापन
प्रमुख आपत्तियां
विज्ञापन
जी हां, यह सच स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के उपनिदेशक अलीगढ़ मंडल की ओर से नगर आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेखित है। क्रमवार 35 आपत्तियों का उल्लेख है। जिसमें एक एक कर उन कार्यों में अनियमितता, मितव्ययता का उल्लेख है, जिस पर ऑडिट आपत्ति है। सबसे आखिर में 35वें नंबर की आपत्ति में साफ लिखा है कि पिछले वर्षों की 3146 आपत्तियां अनुपालन आख्या के अभाव में अभी तक अनिस्तारित चल रही हैं। निकाय के द्वारा उनके निस्तारण की आख्या पेश नहीं की गई है।
विज्ञापन
ताजा आपत्तियों पर 102 पेज की रिपोर्ट
अब जो रिपोर्ट दी गई है, वह 102 पेज की है। इसमें मेयर मो.फुरकान, नगर आयुक्त सत्यप्रकाश पटेल, प्रेमरंजन सिंह व लेखाधिकारी राजेश गौतम के कार्यकाल में यह अनियमिताएं होना उजागर किया गया है। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने कहा कि ऑडिट नियमित प्रक्रिया है। प्रदेश भर में निकायों व प्राधिकरण के कार्यों का लेखा परीक्षा विभाग द्वारा ऑडिट किया जाता है। वह अपने अनुसार ऑडिट में कार्यों का आंकलन करते हैं और जिन पर आपत्तियां लगती हैं, उनकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को दी जाती हैं। उसका जवाब दिया जाता है। अब जो भी आपत्तियां आई हैं, उनके विषय में संबंधित विभागों से ब्योरा तलब किया जा रहा है। विस्तृत रिपोर्ट अपने अनुसार दी जाएगी। रहा सवाल पूर्व की 3146 आपत्तियों का आज तक निराकरण न होने या जवाब न दिए जाने के विषय में तो ऐसा पुराने कार्यकाल का विषय है। उसे भी दिखवाया जाएगा।
विज्ञापन
प्रमुख आपत्तियां
- निगम की संपत्तियों के दुर्विनियोग व अवैध कब्जों से आर्थिक क्षति।
- बजट व संशोधित बजट में प्रस्तावित आय के सापेक्ष कम आय।
- 22 किराए की गाडिय़ां लगाकर दो करोड़ से ज्यादा का भुगतान।
- बिना टेंडर अधिक दरों पर किराए पर गाडिय़ां लेकर चलाना।
- आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 26 दिन के स्थान पर पूरे माह की मजदूरी।
- मानक से अधिक कूड़ा टिपिंग चार्जेज के बिल बनाकर एटूजेड को भुगतान।
- जलमूल्य की दरों में वृद्धि न किए जाने के कारण राजस्व की क्षति।
- नाला निर्माण कार्य में मानक से अधिक स्टील का प्रयोग दर्शाया।
- प्रोजेक्शन टैक्स की अनियमित रूप से समाप्त किए जाने से क्षति।
- अनावश्यक स्थानों पर गार्ड व गनमैनों की सेवाएं लेकर अनियमित व्यय।
- यूजर चार्जेज की वसूली न किए जाने के बावजूद एटूजेड फर्म से कार्य लिया।
- मात्र एक निविदा पर एक करोड़ की लागत का नाला निर्माण टेंडर स्वीकृत।
- 50 लाख से अधिक के नालों का निर्माण नगर निगम ठेकेदारों से कराना।
- स्वीकृत पदों से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती किया जाना।
- नगर निगम की सीमा से बाहर नाला सिल्ट सफाई दिखाया जाना।
- बिना निविदा व बिना दरों के पोकलैंड मशीन से सफाई दिखाया जाना।
- ई रिक्शा वाहनों में डीजल के प्रयोग का भुगतान दिखाया जाना गलत।
- 14वें वित्त के कई निर्माण कार्यों में इंटर लॉकिंग में अनियमितताएं।
- कई जगह नाला निर्माण में निर्धारित रकम से अधिक का भुगतान भी।
- नगर निगम ठेकेदारों से नियमानुसार अर्थदंड न वसूल किया जाना भी।
- निर्माण बिलों में लेबर सेस जोड़कर अधिक भुगतान किया जाना भी।
- वाणिज्यिक वाहनों के कम लाइसेंस जारी होने के कारण राजस्व क्षति।
- नाला सफाई के नाम पर डीजल आदि के भुगतान में।