Aligarh News: विवादित जमीन पर बनाए मस्जिद एवं मदरसा, जेसीबी पहुंची तो पूर्व विधायक ने कराया समझौता
अलीगढ़ के रोरावर अंतर्गत मकदूम नगर में बैनामे से खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद एवं मदरसा बना लिए जाने की शिकायत पर पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से अवैध कब्जे को हटवाते हुए खाली कराई गई जमीन पर कब्जा दिला दिया।
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अलीगढ़ के थाना रोरावर अंतर्गत मकदूम नगर में बैनामे से खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद एवं मदरसा बना लिए जाने की शिकायत पर प्रशासन ने सोमवार को कार्रवाई की। मुख्यमंत्री से की गई शिकायत के बाद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से हो रहे अवैध कब्जे को हटवाते हुए खाली कराई गई जमीन पर काबिज करा दिया। मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान ने प्रकरण की जानकारी कर दोनों पक्षों से बातचीत कर सांप्रदायिक सद्भाव कायम रखते हुए समझौता करा दिया। इस दौरान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी रोक दी गई।
थाना बन्नादेवी क्षेत्र के पृथ्वीराज नगर निवासी दीपिका वार्ष्णेय पत्नी प्रदीप कुमार वार्ष्णेय ने थाना रोरावर क्षेत्र के मकदूम नगर निवासी शंकरलाल से 2613 वर्ग मीटर भूमि में से 668.89 वर्ग मीटर जमीन का 16 जुलाई 2007 को बैनामा कराया था। वर्ष 2015 में इस जमीन को गिरवी रखकर उन्होंने एसडीएफसी बैंक से ऋण लिया था। दीपिका वार्ष्णेय के अनुसार इसी जमीन में से शंकरलाल ने अपने हिस्से से करीब 583 वर्ग मीटर अधिक जमीन का बैनामा बन्नादेवी क्षेत्र के ही सैफी कॉलोनी सराय हकीम के अफजल सैफी, मुकेश और उसकी पत्नी मछला के नाम पर कर दिया। आरोप है कि अफजल सैफी ने बैनामे के अलावा दीपिका वार्ष्णेय के बैनामे के हिस्से में आयी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा जमाकर मस्जिद एवं मदरसे का निर्माण कर लिया।
दीपिका वार्ष्णेय ने इस प्रकरण में तहसील के अलावा कलेक्ट्रेट में अधिकारियों से शिकायत की। सुनवाई न होने पर उन्होंने लखनऊ में जाकर मुख्यमंत्री से शिकायत की। इस पर जांच के आदेश दिए गए। कोल तहसील प्रशासन ने जांच कर अपनी रिपोर्ट को शासन को भेज दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस प्रकरण में जांच एवं अवैध कब्जे को हटवाने को ध्वस्तीकरण कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इस मामले में दीपिका वार्ष्णेय की ओर से एक मुकदमा भी कायम कराया गया है।

थाना रोरावर के मखदूम नगर में मस्जिद और मदरसा पर कब्जा हटवाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम साथ में ज?- फोटो : CITY OFFICE
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को एसडीएम कोल संजीव ओझा, तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह एवं राजस्व विभाग की टीम के अलावा रोरावर समेत पांच थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी एवं जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच गए। जहां पैमाइश के बाद कब्जाई गई जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को ध्वस्त कराना शुरू कर दिया।
इस बीच मस्जिद एवं मदरसा से कब्जा हटवाया जाने लगा तभी पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान आ गए। उन्होंने दीपिका वार्ष्णेय एवं अफजल सैफी पक्ष के लोगों से प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में बातचीत की। उन्हें जानकारी हुई कि विवादित जमीन पर बनी मस्जिद एवं मदरसा अवैध जमीन पर बने हुए है। इस पर उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए पीड़ित पक्ष को जमीन के बदले मुआवजे देने की पेशकश की।
विवादित जमीन की कीमत दस लाख रुपये आंकी गई। मौके पर ही दस लाख की धनराशि का चेक दीपिका वार्ष्णेय को सौंप दिया गया। दीपिका वार्ष्णेय ने भी समझौता मानते हुए प्रशासनिक अफसरों से मस्जिद एवं मदरसा के निर्माण कार्य को न तुड़वाने का आग्रह किया तो अफसर मान गए। एसडीएम संजीव ओझा के अनुसार दीपिका वार्ष्णेय को मजिस्द एवं मदरसे की जमीन को छोड़कर उनके हिस्से में बची जमीन पर काबिज करा दिया गया है।