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40 से अधिक बच्चे पटाखों से झुलसे, एक गंभीर
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दिवाली की रात्रि में 40 से अधिक बच्चे एवं युवा पटाखों से झुलस गए हैं। बसई गांव का 9 साल का एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसकी आंख में गंभीर जख्म हैं। ऑपरेशन की बात चिकित्सक कर रहे हैं।
दिवाली के दिन आतिशबाजी के दौरान बसई गांव निवासी 9 वर्षीय अभय पुत्र प्रदीप कुमार गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आंख में गंभीर चोट लगी है। ऑपरेशन कराना पड़ सकता है। परिजन बच्चे को लेकर गांधी नेत्र चिकित्सालय पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त इगलास की संध्या, अतरौली का मोहित, जिरौली का 9 वर्षीय ललित, गभाना का 16 वर्षीय बृज, हाथरस का 13 वर्षीय विशाल, न्यू अवतारनगर का 18 वर्षीय शिवम, कुलदीप बिहार का 15 वर्षीय वंश, भगवाननगर का 8 वर्षीय गंगदीप, कासगंज के 10 वर्षीय मयंक को लेकर परिजन गांधी नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया। मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 25 लोग दिवाली की रात उपचार के लिए पहुंचे थे। पटाखों से घायल करीब 6 लोग जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भी पहुंचे।
दिवाली के खतरों को देखते हुए इमरजेंसी सेवा जारी है। शनिवार रात्रि से लेकर रविवार 12 बजे तक 10 लोग उपचार कराने पहुंचे। अधिकतर बच्चे थे। मंगलवार तक इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी।
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- मधुप लहरी, गांधी नेत्र चिकित्सालय
शासन की गाइड लाइन के कारण इस बार पटाखों से दुर्घटना के बहुत कम मामले सामने आए हैं। यह अच्छी बात है। कुछ लोग रात्रि में आए थे। दो लोग रविवार को सुबह में आए। बेहद गंभीर मामले नहीं आए हैं।
- डॉ. एहतेशाम अहमद, सीएमओ, जेएन मेडिकल कॉलेज
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दिवाली के दिन आतिशबाजी के दौरान बसई गांव निवासी 9 वर्षीय अभय पुत्र प्रदीप कुमार गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आंख में गंभीर चोट लगी है। ऑपरेशन कराना पड़ सकता है। परिजन बच्चे को लेकर गांधी नेत्र चिकित्सालय पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त इगलास की संध्या, अतरौली का मोहित, जिरौली का 9 वर्षीय ललित, गभाना का 16 वर्षीय बृज, हाथरस का 13 वर्षीय विशाल, न्यू अवतारनगर का 18 वर्षीय शिवम, कुलदीप बिहार का 15 वर्षीय वंश, भगवाननगर का 8 वर्षीय गंगदीप, कासगंज के 10 वर्षीय मयंक को लेकर परिजन गांधी नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया। मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 25 लोग दिवाली की रात उपचार के लिए पहुंचे थे। पटाखों से घायल करीब 6 लोग जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भी पहुंचे।
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दिवाली के खतरों को देखते हुए इमरजेंसी सेवा जारी है। शनिवार रात्रि से लेकर रविवार 12 बजे तक 10 लोग उपचार कराने पहुंचे। अधिकतर बच्चे थे। मंगलवार तक इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी।
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- मधुप लहरी, गांधी नेत्र चिकित्सालय
शासन की गाइड लाइन के कारण इस बार पटाखों से दुर्घटना के बहुत कम मामले सामने आए हैं। यह अच्छी बात है। कुछ लोग रात्रि में आए थे। दो लोग रविवार को सुबह में आए। बेहद गंभीर मामले नहीं आए हैं।
- डॉ. एहतेशाम अहमद, सीएमओ, जेएन मेडिकल कॉलेज