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Aligarh News: पानी की तरह बहाया रुपया, अब 24 गोशालाएं कर दीं बंद

Tue, 24 Mar 2026 02:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Tue, 24 Mar 2026 02:51 AM IST
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Money was wasted, now 24 cow shelters have been closed.
बंद पड़ी नगला पदम की गोशाला  - फोटो : samvad
चंडौस ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में बनवाई गईं 36 गोशालाओं में 24 बंद कर दी गई हैं। कारण यहां 50 से कम गोवंश बताए गए हैं। यहां मौजूद गोवंश को दूसरी गोशालाओं में भेज दिया गया है। वर्ष 2019 में साढ़े चार लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक प्रति गोशाला निर्माण पर खर्च किया गया ग्राम पंचायतों का यह धन पानी में बहने जैसा हो गया।
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अब ब्लॉक क्षेत्र में नौ गोशालाएं बची हैं। इनमें एक-एक गोशाला नगर पंचायत चंडौस और नगर पंचायत पिसावा में शामिल हो गई हैं।
62 ग्राम पंचायतों वाले चंडौस ब्लॉक में वर्ष 2019 में सर्वाधिक 36 ग्राम पंचायतों में गोशालाओं का निर्माण कराया गया था। तब इन 2000 से अधिक छुट्टा गोवंश को सड़क, खेत-खलिहानों से पकड़कर इन गोशालाओं में रखा गया था। इनमें सबसे बड़ी गोशाला गांव ओगर नगला राजू में बनी थी।
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अब संचालित कुल नौ गोशालाओं में 1600 गोवंश बचे हैं, जिनमें गांव ओगर नगला राजू में 500 से ज्यादा गोवंश हैं। अन्य में 50 अथवा उससे कुछ अधिक गोवंश ही बचे हैं। उधर बंद की गईं 24 गोशालाएं जर्जर हेा गई हैं। किसी अन्य कार्य में उनका उपयोग भी होता तो ग्राम पंचायतों का धन किसी काम आ सकता था।
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ये गोशालाएं ही संचालित
नगला ओगर राजू, अमृतपुर, भोजपुर गैयनपुर, भोगपुर भगतपुर, ऊमरी नगला जैत, गंगेई रामनगर, ख्यामई, गौरना रसीदपुर, वीरपुरा।


बंद हुईं ये गोशालाएं

चीमनपुर, सूरजपुर जरारा, टीकरी, बाहरपुर, किन्हुआ, जहराना, नगला पदम, ओगीपुर, सहजपुरा, डेटा सैदपुर, हसनपुर, पहावटी, लालपुर, गभाना, बरका, बिसारा, भीमपुर खेमपुर, नूपरपुर भगवानपुर, दौरऊ चांदपुर, सबलपुर।




-50 से कम गोवंश वाली गोशालाएं बंद कर वहां के गाेवंश दूसरी गोशालाओं में स्थानांतरित कराए गए हैं। अब ब्लॉक क्षेत्र में नौ गोशालाएं संचालित हैं, जिनमें मौजूद 1600 गोवंश पूरी तरह स्वस्थ हैं। -डॉ. ललित कुमार, पशु चिकित्साधिकारी चंडौस।
-बंद गोशालाओं का कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। शासन से यदि किसी तरह का निर्देश आएगा, उसी के अनुसार बंद गोशालाओं को उपयोग में लाया जाएगा। -विजय तिवारी, खंड विकास अधिकारी, चंडौस


इनकी बातें भी महत्वपूर्ण
-वर्ष 2019 में मेरे कार्यकाल में गांव में आठ से दस लाख रुपये खर्च कर गोशाला बनवाई गई थी। कुछ धनराशि अपने पास भी लगाई थी।आज यह गोशाला बंद है, जिसे संचालित रखना चाहिए था। -स्नेहलता चौहान, पूर्व प्रधान ओगीपुर।
-करीब चार लाख रुपये से वर्ष 2019 में बनी गांव की गोशाला बंद पड़ी है। बंद गोशाला का उपयोग किसी अच्छे कार्य के लिए किया जाए तो बेहतर रहेगा। इस पर ध्यान देना चाहिए।-मालती चौहान, पूर्व प्रधान, नगला पदल।

-मेरे कार्यकाल में वर्ष 2019 में जहराना में गोशाला का निर्माण कराया गया था। करीब चार लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की गई थी। यह गोशाला अब बंद कर दी गई है। -अमर सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान जहराना।
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