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Aligarh News: अतरौली ब्लॉक के 17 गांवों में मनरेगा हाजिरी में गड़बड़ी
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मनरेगा लोकपाल ने अतरौली ब्लॉक के 17 गांवों में मनरेगा हाजिरी में गड़बड़ी पकड़ी है। भारी बारिश के रेड अलर्ट के दिन भी काम दिखाया गया है। लोकपाल ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला मानते हुए सात दिन में जांच पूरी करने को कहा है।
लोकपाल मनरेगा विकास वार्ष्णेय ने बीडीओ अतरौली को पत्र लिखा है कि एक सितंबर को जनपद में भारी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के भारी वर्षा के रेड अलर्ट के बाद उपायुक्त श्रम रोजगार की ओर से सभी को वाट्एसएप ग्रुप पर मैसेज भी डाला गया था कि इस दिन पूरे जनपद में कहीं भी मनरेगा की हाजिरी नहीं दर्शाई जाएगी।
इसके बाद भी ग्राम पंचायत औरेनी दलपतपुर, बढ़ौली, भवीगढ़, चकाथल, चैंडौला सुजानपुर, फजलपुर, गनेशपुर गोविंदपुर, गोवली, हरवंशपुर, खेड़िया बहादुरगढ़ी, लोहगढ़, सिमथला, मीरगढ़ी, सहनोल, पैंडरा, रजातऊ, इज्जतपुर गांवों में मनरेगा मजदूरो की हाजिरी लगाई गई है। लोकपाल ने बीडीओ से कहा है कि एप का दुरुपयोग कर यह सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास है। अत: एक सितंबर से 30 सितंबर तक मनरेगा मजदूराें की मस्टरोल व अन्य अभिलेखों की जांच सात दिन में पूरी की जाए।
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गांव खेड़ा में मनरेगा मजदूरों की फर्जी मस्टरोल की शिकायत
वहीं अतरौली के ही गांव खेड़ा में मनरेगा मजदूरों की फर्जी मस्टरोल डालकर भुगतान करने के प्रयास की शिकायत ग्रामीणों ने बीडीओ से की है। गांव के विजय कुमार ने बताया कि गांव खेड़ा में मनरेगा योजना के तहत चकमार्ग पर मिट्टी कार्य दिखाकर भुगतान कराने के लिए मजदूरों की हाजिरी के लिए 30 अक्तूबर से 13 नवंबर तक की मस्टरोल निकलवाई गई है। जबकि इस चकमार्ग पर मिट्टी कार्य एक सप्ताह पहले हो चुका है। आरोप है कि मस्टरोल में कई नाम ऐसे हैं जो मजदूर नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ वेदप्रकाश ने बताया कि शिकायत मिली है इस मामले की जांच की जा रही है।
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लोकपाल मनरेगा विकास वार्ष्णेय ने बीडीओ अतरौली को पत्र लिखा है कि एक सितंबर को जनपद में भारी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के भारी वर्षा के रेड अलर्ट के बाद उपायुक्त श्रम रोजगार की ओर से सभी को वाट्एसएप ग्रुप पर मैसेज भी डाला गया था कि इस दिन पूरे जनपद में कहीं भी मनरेगा की हाजिरी नहीं दर्शाई जाएगी।
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इसके बाद भी ग्राम पंचायत औरेनी दलपतपुर, बढ़ौली, भवीगढ़, चकाथल, चैंडौला सुजानपुर, फजलपुर, गनेशपुर गोविंदपुर, गोवली, हरवंशपुर, खेड़िया बहादुरगढ़ी, लोहगढ़, सिमथला, मीरगढ़ी, सहनोल, पैंडरा, रजातऊ, इज्जतपुर गांवों में मनरेगा मजदूरो की हाजिरी लगाई गई है। लोकपाल ने बीडीओ से कहा है कि एप का दुरुपयोग कर यह सरकारी धन के दुरुपयोग का प्रयास है। अत: एक सितंबर से 30 सितंबर तक मनरेगा मजदूराें की मस्टरोल व अन्य अभिलेखों की जांच सात दिन में पूरी की जाए।
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गांव खेड़ा में मनरेगा मजदूरों की फर्जी मस्टरोल की शिकायत
वहीं अतरौली के ही गांव खेड़ा में मनरेगा मजदूरों की फर्जी मस्टरोल डालकर भुगतान करने के प्रयास की शिकायत ग्रामीणों ने बीडीओ से की है। गांव के विजय कुमार ने बताया कि गांव खेड़ा में मनरेगा योजना के तहत चकमार्ग पर मिट्टी कार्य दिखाकर भुगतान कराने के लिए मजदूरों की हाजिरी के लिए 30 अक्तूबर से 13 नवंबर तक की मस्टरोल निकलवाई गई है। जबकि इस चकमार्ग पर मिट्टी कार्य एक सप्ताह पहले हो चुका है। आरोप है कि मस्टरोल में कई नाम ऐसे हैं जो मजदूर नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ वेदप्रकाश ने बताया कि शिकायत मिली है इस मामले की जांच की जा रही है।