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Aligarh News: दुभिया के ग्राम प्रशासक की शिकायत पर अधिकारियों पर भड़के विधायक
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सेवा सेतु अभियान के तहत अकराबाद ब्लॉक परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे विधायक रवेंद्रपाल सिंह ग्राम पंचायत दुभिया के ग्राम प्रशासक अजय पाराशर की शिकायत सुनकर अधिकारियों पर भड़क उठे। खंड विकास अधिकारी, एसडीओ पंचायत और ग्राम सचिव को बुलाकर उनसे मामले की जानकारी ली और डीपीआरओ को फोन किया।
दरअसल, गांव दुभिया के प्रशासक अजय पाराशर ने विधायक को बताया कि आठ अक्तूबर को दुभिया में पंचायत राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का आगमन होने जा रहा है। अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं कि मंत्री के आने से पहले गांव की उस गली की सड़क बन जानी चाहिए, जहां से होकर मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। पाराशर ने आगे कहा कि गांव में विकास कार्य कराने में उनकी जेब से पहले ही करीब 3:50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह भुगतान अभी तक उन्हें नहीं मिला है और अब फिर से अधिकारियों द्वारा उन पर 23 लाख रुपये की लागत से होने वाले कार्य को निजी खर्च से कराये जाने का दबाव बनाया जा रहा है। दबाव के चलते उनका पूरा परिवार परेशान है।
विधायक ने डीपीआरओ से फोन पर कहा कि जब पंचायत के खाते में रकम नहीं है तो क्या जनप्रतिनिधि अपनी जमीन व मकान बेचकर काम कराएगा। अगर आपको काम कराना है तो पंचायत के खाते से काम कराएं। इस तरह किसी भी जनप्रतिनिधि पर दबाव बनाना गलत है।
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दरअसल, गांव दुभिया के प्रशासक अजय पाराशर ने विधायक को बताया कि आठ अक्तूबर को दुभिया में पंचायत राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर का आगमन होने जा रहा है। अधिकारी उन पर दबाव बना रहे हैं कि मंत्री के आने से पहले गांव की उस गली की सड़क बन जानी चाहिए, जहां से होकर मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। पाराशर ने आगे कहा कि गांव में विकास कार्य कराने में उनकी जेब से पहले ही करीब 3:50 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह भुगतान अभी तक उन्हें नहीं मिला है और अब फिर से अधिकारियों द्वारा उन पर 23 लाख रुपये की लागत से होने वाले कार्य को निजी खर्च से कराये जाने का दबाव बनाया जा रहा है। दबाव के चलते उनका पूरा परिवार परेशान है।
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विधायक ने डीपीआरओ से फोन पर कहा कि जब पंचायत के खाते में रकम नहीं है तो क्या जनप्रतिनिधि अपनी जमीन व मकान बेचकर काम कराएगा। अगर आपको काम कराना है तो पंचायत के खाते से काम कराएं। इस तरह किसी भी जनप्रतिनिधि पर दबाव बनाना गलत है।
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