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यूपी: दबंगों ने की किशोर की हत्या, विरोध में जाम-बवाल

Fri, 19 Jul 2019 04:50 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो जवां (अलीगढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो जवां (अलीगढ़) Published by: Abhishek Singh Updated Fri, 19 Jul 2019 04:50 AM IST
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Man murder adolescent in Aligarh UP
अलीगढ़ में हत्या के बाद गुस्साई भीड़ - फोटो : Amar ujala

अनूपशहर रोड स्थित बुलंदशहर जिले की सीमा पर बसे जवां क्षेत्र के गांव भोजपुर में गुरुवार शाम साथियों संग दबंग अपराधी ने बंजारा समाज के किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के विरोध में गुस्साए ग्रामीण जवां नहर पर आ गए और शव अनूपशहर रोड पर रखकर जाम लगाते हुए उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सीओ और एसओ की गाड़ियों सहित कई प्राइवेट वाहनों पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बीच एसओ जवां और यूपी-100 के स्टाफ ने वहां से दौड़कर अपनी जान बचाई। भीड़ ने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सांसद-विधायक विरोधी जबरदस्त नारेबाजी भी की।

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उग्र भीड़ तत्काल हत्यारोपी दबंग की गिरफ्तारी, सांसद और विधायक को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ी थी। उससे पहले जाम खोलने को तैयार नहीं थी। देर रात एसएसपी सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने भीड़ को समझाकर जाम खुलवाने के प्रयास किए, तब करीब रात साढ़े दस बजे जाम खुला।
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इस हत्या के मूल में दोपहर में तेजपुर स्थित शराब ठेके पर विवाद होना बताया गया है। इसी के प्रतिशोध में दबंग गांव में हमलावर होकर गए थे। थाना क्षेत्र का गांव भोजपुर नगला में बंजारा समाज का बाहुल्य है। यहां के रहने वाले मजदूर घूरेलाल के चार बेटों में सबसे बड़ा 17 वर्षीय अरुण सिंह मुंबई में रहकर मेहंदी लगाने का काम करता है।
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परिवार में किसी बेटी की शादी के चलते वह 10 जुलाई को मुंबई से गांव आ गया था। परिवार में शादी के चलते रिश्तेदार ठहरे हुए हैं। इसलिए दोपहर करीब दो बजे अरुण और परिवार के ही विनोद आदि अनूपशहर रोड स्थित तेजपुर गांव के ठेके पर शराब लेने गया था।आरोप है कि यहां पड़ोसी गांव गढ़िया का रहने वाला दबंग अपराधी भोलू ठाकुर अपने साथियों अजीत आदि संग शराब पी रहा था। वहां उसकी विनोद से कहा सुनी  हो गई।

आरोप है कि इस दौरान भोलू ने उनके साथ मारपीट कर दी। मगर उस समय अन्य लोगों की मध्यस्थता के चलते विवाद शांत हो गया। इसके बाद शाम करीब 6 बजे भोलू अपने साथ दर्जन भर युवकों को लेकर भोजपुर पहुंच गया और वहां अरुण और विनोद के दरवाजे पर पहुंचकर गालियां देते हुए उन्हें धमकाने लगा। इस दौरान पब्लिक ने विरोध किया और जब बात बढ़ी तो भोलू ने अपने पास मौजूद हथियार से फायरिंग कर दी। इस पर पब्लिक ने इन हमलावरों को पथराव कर दौड़ाया। इस बीच एक गोली अरुण की गर्दन में लग गई और वह मौके पर ही गिर पड़ा। आनन-फानन ग्रामीण अरुण को छेरत स्थित नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। मगर वहां पहुंचते ही उसे मृत घोषित कर दिया। 

यह खबर जैसे ही गांव में पहुंची तो भीड़ उग्र हो गई और हाथों में लाठी-डंडे लेकर भीड़ जवां नहर पर पहुंच गई। जहां जाम लगा दिया। इसी बीच ग्रामीण अरुण की लाश भी लेकर वहां पहुंच गए और वहीं शव रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी बीच एसओ और यूपी-100 की गाड़ियां पहुंचीं, जिन पर पथराव कर दिया और एसओ को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। पीछे से सीओ तृतीय की गाड़ी पहुंची तो उस पर भी पथराव कर दिया। इसके अलावा अन्य आधा दर्जन से अधिक प्राइवेट वाहनों और एक बाइक को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

इस सूचना पर बाद में एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी सिटी अभिषेक, एसपी देहात मणीलाल पाटीदार के अलावा एसडीएम अतरौली, एसडीएम कोल, शहर और देहात के आधा दर्जन से अधिक थानेदार, पीएसी आदि पहुंच गई। ग्रामीण शुरुआत में अधिकारियों से बात करने का तैयार न थे। वह पुलिस प्रशासन और सांसद, विधायक विरोधी नारेबाजी करते हुए तत्काल मुख्य आरोपी भोलू की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बाद में जैसे तैसे अधिकारियों ने भीड़ को समझाया। तब रात साढ़े दस बजे जाम खुला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हत्या शराब के ठेके पर हुए मामूली से विवाद को लेकर दबंग अपराधी भोलू ठाकुर द्वारा की गई है। उसके और कुछ अन्य के खिलाफ तहरीर मिल गई है। पहली प्राथमिकता भोलू की गिरफ्तारी है। रहा सवाल लोगों के गुस्से का तो उन्हें समझाकर शांत किया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है - आकाश कुलहरि एसएसपी

राजनीतिक संरक्षण में हर दिन की दबंगई और उत्पीड़न की इंतिहा पर फूटा गुस्सा गांव भोजपुर में बंजारा समाज के युवक की हत्या के बाद फूटा गुस्सा यूं ही नहीं था। जिस दबंग अपराधी पर हत्या का आरोप है उसकी दबंगई के किस्से क्षेत्र में चर्चा-ए-आम हैं। यह बात अलग है कि अब तक थाना पुलिस उन किस्सों को लेकर आंखें मूंदे बैठी रही। वजह क्या थी, यह तो थाना पुलिस ही जान सकती है। मगर लोगों को बेवजह पीटना, रंगदारी मांगना यह इन दबंगों का आम किस्सा था। अब तक लोग कहते थे कि यह सब राजनीतिक संरक्षण के चलते हो रहा है। 

मगर गुरुवार देर शाम हत्या हो गई तो उत्पीड़न की इंतिहा पर लोगों का गुस्सा फूटा पड़ा। राजनीतिक संरक्षण की वजह से ही सांसद और विधायक विरोधी नारेबाजी भी की गई। लोग यही जिद कर रहे थे कि अब सांसद और विधायक यहां आकर इन दबंगों की करतूत तो देख लें। 

बहरहाल जैसे तैसे पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को समझाकर शांत किया है और क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सहित पुलिस की चार टीमों को भोलू ठाकुर के पीछे लगाया है। ताकि जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी हो सके। पुलिस का देरी से पहुंचना बना गुस्सा की दूसरी वजह दोपहर 2 बजे शराब के ठेके पर हुए विवाद के शांत हो जाने के बाद सब कुछ सामान्य हो गया था।

चूंकि यह आरोपियों का आए दिन का किस्सा था, इसलिए किसी ने पंगा लेने के बजाय शांत हो जाना ही बेहतर समझा। मगर उन्हें नहीं मालूम था कि यह लोग शाम को हमलावर होकर गांव में आ जाएंगे। शाम करीब 6 बजे यह लोग गांव पहुंच गए और फायरिंग करते हुए अरुण की हत्या के बाद जब चले गए और अरुण को छेरत नर्सिंग होम में मृत घोषित कर दिया। इस बीच पुलिस को सूचना भी दे दी गई। बावजूद इसके पुलिस समय से नहीं पहुंची तो लोगों में गुस्सा और भड़क गया। इस बीच जब एसओ गाड़ी लेकर पहुंचे तो उन्हें पथराव कर दौड़ा दिया गया।

बसपा नेता-बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में जेल गया था भोलू ठाकुर जवां के गांव गढ़िया का सुनील सिंह उर्फ भोलू ठाकुर इससे पहले जवां क्षेत्र में ही एक हत्या में और वर्ष 2015 में बसपा के तत्कालीन अतरौली प्रत्याशी और बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी की शहर के बन्नादेवी इलाके में गोली मारकर हत्या के मुकदमे में जेल गया था। हालांकि उस मुकदमे में गवाही टूटने के कारण भोलू सहित सभी आरोपी छूट गए। इसके अलावा भोलू पर अन्य भी मुकदमे जवां थाने में दर्ज हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहा मजदूर परिवारजिस मजदूर परिवार का युवक अरुण इस घटना में मारा गया है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। 

परिवार में वह इकलौता मुंबई जाकर कमाने लग गया था। मगर उसे या उसके परिवार को नहीं मालूम था कि यहां लौटना उसकी जान पर बन आएगा। उसकी इस तरह मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट टूट पड़ा है। मृतक के पिता ने तीन नामजद और पांच अज्ञातों के खिलाफ दी तहरीरदबंगों की फायरिंग में जान गंवाने वाले मृतक अरुण के पिता घूरेलाल ने देर रात को जवां थाने में तीन नामजद और पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बेटे की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। आरोप है कि पड़ोसी गांव गढ़िया का भोलू उर्फ सुनील, अजीत और वीरेश (प्रधान) अपने नाजायज हथियारों से गोलीबारी करते हुए गांव में आ गए थे और वह लोगों को धमका रहे थे। इसी बीच उनका बेटा अरुण और उसके साथी उनके सामने आ गए। 

हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस दौरान गर्दन पर गोली मारकर उसके बेटे की हत्या कर दी। बेटे के साथ चार-पांच गांव के अन्य लोग भी थे। वह अपनी जान बचाकर अपने-अपने घरों की ओर भाग गए। घूरेलाल का आरोप है कि गोली लगने के बाद बेटा एक घंटे तक तड़पता रहा और हमलावर तांडव मचाते रहे। उन्होंने अरुण की हत्या के बाद कई दर्जन राउंड फायरिंग कर दहशत का माहौल पैदा किया और जाते-जाते वह एलान करके गए कि अगर किसी ने इस बारे में मुंह खोला तो उसे परिवार सहित जान से मार देंगे।

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