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हे प्रभु.. महिला कोचों की संख्या बढ़ाओ, किराया घटाओ
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 25 Feb 2016 02:02 AM IST
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गुरुवार को आने वाले रेल बजट को लेकर महिलाओं को भी काफी उम्मीद लगी हुई है। उन्हें रेल मंत्री सुरेश प्रभु से उम्मीद है कि इस बार के बजट में ट्रेनों में महिला कोच बढ़ाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कोचों में महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जाए, जिससे महिला यात्री सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सकें। महिला सुरक्षा कर्मी होंगी तो कोच में कोई भी पुरुष नहीं आ सकेगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कुछ ट्रेनों का ठहराव के साथ-साथ सौंदर्यीकरण के लिए इस बजट में स्थानीय रेलवे स्टेशन के लिए पैसा भी आवंटित हो सकता है।
‘महिला कोचों में अक्सर पुरुष सवार हो जाते हैं और सीटों पर कब्जा कर लेते हैं। इससे महिलाएं खड़ा होकर ही यात्रा करने को मजबूर होती है। ईएमयू पैसेंजर ट्रेन के महिला कोच में अक्सर पुरुष सवार हो जाते है। महिला सुरक्षा कर्मी होंगी तो पुरुष उन कोचों में नहीं चढ़ सकेंगे।’ रेहाना शाहीन
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‘ विक्रमशीला, कानपुर शताब्दी आदि ट्रेनों का ठहराव स्थानीय रेलवे स्टेशन पर हो तो एएमयू, के साथ-साथ कारोबारी और अन्य लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।’
-दीवा अबरार
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कोचों में महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती की जाए, जिससे महिला यात्री सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सकें। महिला सुरक्षा कर्मी होंगी तो कोच में कोई भी पुरुष नहीं आ सकेगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कुछ ट्रेनों का ठहराव के साथ-साथ सौंदर्यीकरण के लिए इस बजट में स्थानीय रेलवे स्टेशन के लिए पैसा भी आवंटित हो सकता है।
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‘महिला कोचों में अक्सर पुरुष सवार हो जाते हैं और सीटों पर कब्जा कर लेते हैं। इससे महिलाएं खड़ा होकर ही यात्रा करने को मजबूर होती है। ईएमयू पैसेंजर ट्रेन के महिला कोच में अक्सर पुरुष सवार हो जाते है। महिला सुरक्षा कर्मी होंगी तो पुरुष उन कोचों में नहीं चढ़ सकेंगे।’ रेहाना शाहीन
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‘ विक्रमशीला, कानपुर शताब्दी आदि ट्रेनों का ठहराव स्थानीय रेलवे स्टेशन पर हो तो एएमयू, के साथ-साथ कारोबारी और अन्य लोगों को भी काफी राहत मिलेगी।’
-दीवा अबरार