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लॉकडाउन में फंसे एएमयू छात्र अपने घर पहुंचे तो मोहल्ले वालों ने रोका
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
- फोटो : CITY OFFICE
लॉकडाउन के चलते एएमयू के छात्रावासों में फंसे विद्यार्थी जब अपने-अपने घर पहुंचे हैं तो वहां पर उनको कॉलोनी और मोहल्ले वालों ने रोक दिया। इस बात की जानकारी विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को मिली, जिसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों के जिलों के प्रशासन से संपर्क कर उनको घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया।
चार दिन पहले ही एएमयू प्रशासन ने अपने दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को उनके राज्यों, शहरों में बसों के माध्यम से भिजवाया है। छात्रों को रवाना करने से पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी और डॉक्टर द्वारा सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया था। बसों को भी रवाना करने से पहले सैनिटाइज किया गया था। इसके बाद भी बताया जाता है कि जब ये छात्र दूसरे राज्यों में अपने शहरों में पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने कॉलोनी और मोहल्ले की सीमा में प्रवेश से रोक दिया। उन्हें आशंका थी कि कहीं बाहर से आए इन विद्यार्थियों से कोरोना वायरस संक्रमण न फैल जाए।
विद्यार्थियों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली को दी। उन्होंने पूरी स्थिति से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस को अवगत कराया। इसके बाद रजिस्ट्रार ने वह विद्यार्थी जिनके समक्ष इस तरह की समस्या आ रही थी, उनके शहरों के प्रशासन को संपर्क कर विद्यार्थियों को घर तक पहुंचाया। जिला ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर व अन्य अधिकारियों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित करने का फैसला लिया गया है।
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चार दिन पहले ही एएमयू प्रशासन ने अपने दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को उनके राज्यों, शहरों में बसों के माध्यम से भिजवाया है। छात्रों को रवाना करने से पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी और डॉक्टर द्वारा सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया था। बसों को भी रवाना करने से पहले सैनिटाइज किया गया था। इसके बाद भी बताया जाता है कि जब ये छात्र दूसरे राज्यों में अपने शहरों में पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने कॉलोनी और मोहल्ले की सीमा में प्रवेश से रोक दिया। उन्हें आशंका थी कि कहीं बाहर से आए इन विद्यार्थियों से कोरोना वायरस संक्रमण न फैल जाए।
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विद्यार्थियों ने तुरंत इसकी जानकारी प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली को दी। उन्होंने पूरी स्थिति से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएस को अवगत कराया। इसके बाद रजिस्ट्रार ने वह विद्यार्थी जिनके समक्ष इस तरह की समस्या आ रही थी, उनके शहरों के प्रशासन को संपर्क कर विद्यार्थियों को घर तक पहुंचाया। जिला ओलंपिक एसोसिएशन द्वारा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर व अन्य अधिकारियों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित करने का फैसला लिया गया है।
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