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Aligarh News: पति के कत्ल में पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद

Wed, 01 Mar 2023 01:28 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Mar 2023 01:28 AM IST
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Life imprisonment to wife and her lover for husband's murder
पिसावा के गांव धर्मपुर में प्रेम संबंधों में बाधक पति की हत्या में दोषी पत्नी व उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-७ ज्ञानेंद्र सिंह द्वितीय की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि इस मुकदमे में घटना की चश्मदीद मृत किसान की बेटी बनी और उसने अदालत में गवाही दी। उसी गवाही के आधार पर न्यायालय ने दोनों को सजा सुनाई है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी तरुण वर्मा के अनुसार घटना 22 जुलाई 2021 की रात 12 बजे करीब की है।
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वादी मुकदमा धर्मपुर निवासी देवराज सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे में आरोप लगाया कि शाम करीब आठ बजे वह अपने छोटे भाई नीरज संग खेतों से काम कर लौटा। दोनों अपने-अपने घर चले गए। रात में सोते समय नीरज के घर से उसकी पत्नी देवेंद्री के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। इस पर वह मौके पर पहुंचे तो पाया कि घर के आंगन में नीरज का शव खून से लाथपथ मृत अवस्था में पड़ा था। उसकी अज्ञात लोगों ने फुंकनी से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी।
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इस सूचना पर पुलिस भी आई और मुकदमा आदि दर्ज कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया हुई। अगले दिन पुलिस विवेचना व परिजनों के बयानों के आधार पर मामले में पुलिस ने मृत नीरज की देवेंद्री व उसके प्रेमी गांव के ही आशू उर्फ कालू को गिरफ्तार किया। जांच में उजागर हुआ कि 36 वर्षीय देवेंद्री के गांव के ही 22 वर्षीय आशू से संबंध थे।
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जिनका नीरज विरोध करता था। इसी के चलते यह हत्या की गई। चार्जशीट के बाद न्यायालय में सत्र परीक्षण हुआ। जहां साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोनों को दोषी करार दिया गया और उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने के 50-50 हजार रुपये मृत नीरज की बेटी व बेटा को दिए जाएं। वह अपने ताऊ के पास रहते हैं।
बेटी ने खुलकर दी गवाही
एडीजीसी तरुण वर्मा के अनुसार इस घटना में कुल 7 गवाह पेश किए गए। जिनमें पहले वादी मृतक के भाई, दूसरी घटना के समय नवीं कक्षा में पढऩे वाली बेटी, फिर पड़ोसी श्यौराज, एसआई मनीष, डा.अभिषेक, मुकदमा लेखक रंजीत, एसआई जितेंद्र भदौरिया, शामिल हैं। इस दौरान सभी गवाह अपने बयान पर कायम रहे। सबसे ज्यादा कारगर गवाही बेटी की रही। उसने अदालत में बताया कि वह सातवीं कक्षा में पढऩे वाले अपने छोटे भाई संग आंगन में चारपाई पर सोयी हुई थी।
पिता बगल के कमरे में बैड पर सोये थे। रात में जब पिता के चीखने की आवाज आई तो वह भाई के साथ अंदर गई। अंदर मां ने पिता के हाथ पकड़े हुए थे और आशू फूंकनी से उनके सिर पर प्रहार कर रहा था। इसके बाद दोनों ने पिता के शव को आंगन में डाला और आशू ने दोनों बच्चों को किसी को कुछ न बताने की धमकी दी। इसके बाद मां ने खून से सने कपड़े व फुंकनी को छिपाया। तब शोर मचाया। इसी बीच आसू मौके से भाग गया। बेटी ने बताया कि अक्सर आशू घर आता जाता था। जिसका पिता विरोध करते थे।
पहले नशीली गोलियां भी खिलाई थीं
पुलिस विवेचना में यह भी उजागर हुआ कि मौके से नशीली गोलियों का एक पत्ता बरामद हुआ, जिसमें 3 गोलियां कम थीं। पूछताछ में आरोपियों द्वारा नीरज को नशीली गोलियां हत्या से पहले खिलाना स्वीकारा।

महिला की पैरवी को नहीं आए परिजन
इस मुकदमे में सबसे खास बात यह रही कि महिला की पैरवी को मायके या ससुराल पक्ष से कोई नहीं आया। अदालत में अधिवक्ता न होने के कारण अदालत स्तर से अधिवक्ता नियत किए गए।
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