Aligarh: परिवार की मदद के बहाने किशोरी से बालिग होने तक घर-होटलों में किया दुष्कर्म, मिले 34 वीडियो, ताउम्रकैद
दोषी किशोरी के दिव्यांग भाई को दवा देने घर आने लगा। फिर उसे डरा धमकाकर होटलों में लेकर गया, जहां दुष्कर्म किया। कई बार घर में भी दुष्कर्म किया। इस बीच उसके कई वीडियो बनाए। पुलिस ने दिलशाद के मोबाइल से कुल 34 वीडियो बरामद किए, जिन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
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अलीगढ़ के बन्नादेवी इलाके के अनुसूचित जाति के परिवार की 16 वर्षीय किशोरी संग कई वर्ष तक दुष्कर्म के दोषी दिलशाद को ताउम्रकैद (शेष प्राकृत जीवनकाल) की सजा से दंडित किया गया है। साथ में 65 हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया है। यह निर्णय एडीजे विशेष पॉक्सो अभिषेक कुमार बगड़िया के न्यायालय ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मामला बन्नादेवी थाने में पीड़िता की मां ने 30 सितंबर 2024 को दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि शहंशाहबाद क्वार्सी का दिलशाद उनकी बेटी को स्कूल आते-जाते छेड़ता था। एक दिन बेटी ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरन संबंध बनाए हैं। वीडियो बनाकर अब उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता है। कहता है कि अगर शारीरिक संबंध नहीं बनाए तो बदनाम कर देगा। शादी नहीं होने देगा। भाई को मार देगा। पिछले दो वर्ष से अधिक समय से यह ऐसा कर रहा है। 11 सितंबर को घर आकर बेटी को उठा ले जाने, घर में आग लगा देने व परिवार को जान से मारने तक की धमकी दी। परिवार दहशत में है।
रिपोर्ट में बेटी की उम्र 18 वर्ष बताई गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मेडिकल परीक्षण आदि की प्रक्रिया के बाद बयान दर्ज किए, जिसके आधार पर चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दिलशाद को लगातार कई वर्ष तक दुष्कर्म के आरोप में दोषी करार देकर दंडित किया है। साथ में अर्थदंड की राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
नाबालिग से बालिग होने तक दुष्कर्म
इस मामले में मजिस्ट्रेट के समक्ष व न्यायालय में बयान व पीड़ित के शिक्षा दस्तावेजों के आधार पर घटना की शुरुआत उस समय हुई। जब पीड़िता 16 वर्ष की थी। हालांकि घटना दर्ज होने के समय उसकी उम्र 18 हो गई। पीड़िता ने यह बात न्यायालय में अपने बयानों में भी बताई। साथ में साक्ष्यों के आधार पर भी साबित हुआ।
घर-होटलों में दुष्कर्म, मिले 34 वीडियो
पीड़िता ने बयानों में बताया कि वह 10वीं पास है। 11वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। पिता की करीब 17 वर्ष पहले मृत्यु हो गई। बड़ी बहनों की शादी हो गई। खुद उसकी शादी उसकी मां ने तय कर दी। शादी तय होने पर ही दिलशान ने उसे धमकी देना शुरू किया कि जो बारात लेकर आएगा, उसे मार देगा। तभी उसने डर से पूरी बात मां को बताई।
पीड़िता के अनुसार दिलशान की उसकी मां से मुलाकात किसी शादी में हुई। उसके बाद वह उसके दिव्यांग भाई को दवा देने घर आने लगा। फिर उसे डरा धमकाकर खेरेश्वर के होटलों में लेकर गया। जहां दुष्कर्म किया। कई बार घर में भी दुष्कर्म किया। इस बीच उसके कई वीडियो बनाए। पुलिस ने दिलशाद के मोबाइल से कुल 34 वीडियो बरामद किए, जिन्हें न्यायालय में पेश किया गया। इन्हीं तमाम साक्ष्यों व बयानों के आधार पर यह सजा सुनाई है।
एक वर्ष में पूरा हुआ ट्रायल
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट पर 21 जनवरी 2025 को संज्ञान लेकर ट्रायल शुरू किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से ट्रायल पूरा कराकर एक वर्ष में सजा सुनाई है। सभी साक्ष्यों व गवाहों की गंभीरता के आधार पर घटना के बाद से जेल गए दिलशाद को आज तक जमानत नहीं मिली।