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RMPSU: विवि में हुआ व्याख्यान का आयोजन, ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’की ऐतिहासिकता को किया गया याद
Sun, 10 Aug 2025 05:19 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 10 Aug 2025 05:19 PM IST
सार
व्याख्यान में डॉ. शिवम कुमार मिश्रा ने कहा कि काकोरी सिर्फ एक ट्रेन डकैती नहीं थी, यह एक आदर्श, विचार और संकल्प की प्रतीक थी। जिसमें युवाओं ने अपने जीवन की परवाह किए बिना देश की आज़ादी के लिए कदम बढ़ाया।
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष के पूर्ण होने पर व्याख
- फोटो : विवि
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विस्तार
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष के पूर्ण होने पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी अध्याय ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ की ऐतिहासिकता को याद किया गया। इतिहास विभाग के डॉ. शिवम कुमार मिश्रा ने काकोरी और उसके आगे: राष्ट्रवाद की क्रांतिकारी भावना का पुनरावलोकन विषय पर व्याख्यान दिया।
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डॉ. शिवम कुमार मिश्रा ने कहा कि काकोरी सिर्फ एक ट्रेन डकैती नहीं थी, यह एक आदर्श, विचार और संकल्प की प्रतीक थी। जिसमें युवाओं ने अपने जीवन की परवाह किए बिना देश की आज़ादी के लिए कदम बढ़ाया। काकोरी एक्शन सिर्फ इतिहास का पन्ना नहीं है, यह आज भी युवाओं को राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश देता है।
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राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. केशव शर्मा ने कहा कि काकोरी घटना ने अंग्रेजी शासन की नींव को हिला दिया था और यह साबित कर दिया कि क्रांतिकारी केवल हिंसा नहीं करते, वे विचारशील योजनाकार भी होते हैं। राजनीति विज्ञान विभाग के गगन प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक घटनाओं को केवल किताबों तक सीमित करना इतिहास के साथ अन्याय है। उन्हें जीवंत परंपरा में बदलना होगा। जब छात्र इन घटनाओं को मनाते हैं, तो वे उनसे जुड़ते हैं और आत्मबोध विकसित करते हैं। डॉ. गगन ने विश्वविद्यालयों में संवेदनशील इतिहास शिक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा की, जिससे छात्र केवल तथ्यों को नहीं, बल्कि घटनाओं के सामाजिक, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव को भी समझ सकें।
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