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Aligarh: लंगूर गार्ड की सेवा समाप्त, वन विभाग ने कराया आजाद, बंदर भगाने के लिए मिलती थी हर महीने 12 हजार सैलरी
Sat, 25 Apr 2026 12:32 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:32 PM IST
सार
अलीगढ़ के डीएस कॉलेज में बंदरों को भगाने के लिए लंगूर गोल रखा हुआ था। उसके काम के बदले 12 हजार रुपये दिए जाते थे। सोशल मीडिया पर लंगूर गोलू गार्ड की वीडियो वायरल होते ही वन विभाग कॉलेज पहुंचा और गोलू को आजाद कराया।
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गोलू लंगूर को आजाद कराने के बाद केला खिलाते वन विभाग के कर्मचारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
गोलू के साथ अब सेल्फी नहीं मिल पाएगी। धर्म समाज कॉलेज से लंगूर गार्ड की सेवा समाप्त हो चुकी है। 14 अप्रैल को वन विभाग की टीम ने कॉलेज पहुंचकर गोलू लंगूर को यह कहते हुए आजाद कर दिया कि इसे रस्सी से बांधकर रखना गैरकानूनी है।
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कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं को लंबे समय से बंदरों की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इससे बचाव के लिए कॉलेज प्रशासन ने करीब छह माह पहले खेरेश्वर निवासी लव के पास मौजूद गोलू नामक लंगूर को बंदरों को भगाने के लिए बतौर गार्ड के रूप में तैनात किया। इसके एवज में 12 हजार रुपये मासिक भुगतान किया जा रहा था।
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गोलू रोज सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक ड्यूटी करता था और फिर कॉलेज परिसर में ही एक पेड़ पर बने अपने घर में आराम करता। उसकी मौजूदगी से बंदर परिसर में कम नजर आते थे और छात्राओं को राहत मिली थी। 24 अप्रैल को वन विभाग के अधिकारी कॉलेज पहुंचे और लंगूर को रस्सी से बांधकर रखने पर आपत्ति जताई। वन विभाग की ओर से जीव जंतु संरक्षक पुत्तूलाल कॉलेज पहुंचे और उन्होंने गोलू को आजाद कराया।
विभाग के मुताबिक, वन्यजीवों को इस तरह बंधन में रखकर उपयोग नहीं किया जा सकता। जब गोलू को कॉलेज से ले जाया जा रहा था तो वहां मौजूद छात्राओं ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ छात्राओं ने पूछा कि अब बंदरों से कौन बचाएगा। इस पर पुत्तूलाल ने कहा कि नगर निगम की मदद से बंदरों को पकड़वाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।