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बस में सफर करें तो छाता रखें पास: छतों से टपकता है बारिश का पानी, खिड़की-दरवाजों के शीशे हैं टूटे

Thu, 27 Jun 2024 01:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 27 Jun 2024 01:11 PM IST
सार

बुद्धविहार डिपो की बस संख्या यूपी 85 एटी 7137 की छत बेहद जर्जर मिली। इसमें अनगिनत छेद रोडवेज की व्यवस्थाओं को बताने के लिए पर्याप्त थे। बस में सीटें, खिड़की, दरवाजे भी जर्जर हालात में थे। वाइपर भी नहीं लगा हुआ था। ऐसे ही कई बसों का हाल बेहाल है।

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Keep an umbrella handy if you travel by bus
यूपी रोडवेज बस - फोटो : संवाद

विस्तार

बारिश के दिनों में यदि आप रोडवेज की बसों में सफर कर रहे हैं तो साथ में छाता जरूर रखें। आपको इसकी जरूरत कभी भी बस के अंदर पड़ सकती है। क्योंकि रोडवेज की अधिकतर बसों की छतें जर्जर हैं, उनसे बारिश का पानी टपकता है। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं।

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रोडवेज सीएमडी ने दिए हैं निर्देश
मानसून सत्र के दौरान रोडवेज बस संचालन को लेकर रोडवेज की सीएमडी श्रेया गुहा ने निर्देश दिए हैं कि डिपो और कार्यशाला की छत, नाली की पूरी तरह सफाई की जाए। बस की छतों, खिड़कियों व दरवाजों से बारिश का पानी आने की संभावना रहती है, इसलिए सभी बसों का निरीक्षण कर उन्हें दुरुस्त किया जाए। बसों में लगी वाइपर मशीन को चेक करा कर कार्य योग्य बनाएं। प्रत्येक बस सेल्फ स्टार्ट होनी चाहिए। भारी बारिश के समय बसों को सड़क से पानी वाली जगह पर न उतारा जाए।
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मसूदाबाद रोडवेज बस स्टैड पर मौजूद रोडवेज बस की छत में हो रहे छेद
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पड़ताल में सामने आई हकीकत
अमर उजाला ने 26 जून शाम तीन बजे से चार बजे तक मसूदाबाद बस स्टैंड पर रोडवेज की बसों में बारिश से निपटने के उपायों की पड़ताल की। इस दौरान बुद्धविहार डिपो की बस संख्या यूपी 85 एटी 7137 की छत बेहद जर्जर मिली। इसमें अनगिनत छेद रोडवेज की व्यवस्थाओं को बताने के लिए पर्याप्त थे। बस में सीटें, खिड़की, दरवाजे भी जर्जर हालात में थे। वाइपर भी नहीं लगा हुआ था। बुद्धविहार डिपो की बस संख्या यूपी 87 टी- 1988, यूपी 77 एएन- 2393 में भी वाइपर नहीं लगा था। बसें भी जर्जर हालत में थीं। इसी तरह अतरौली डिपो की बस संख्या यूपी 81 बीटी -0548 में खिड़की टूटी थी व वाइपर नहीं था।

बस चालकों के अलावा सुपरवाइजर एवं एआरएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे डिपो से बसें निकालने से पहले सुनिश्चित कर लें कि वाइपर लगा है, शीशे टूटे तो नहीं, खिड़की, दरवाजे सही हैं। छतों को भी चेक कर लें। यदि इस कार्य में लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज, अलीगढ़ परिक्षेत्र

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