फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Kanwar of disabled devotee of Shiva, Dhirendra Sikarwar

सच्ची श्रद्धा-मन में भक्ति: दोनों पैर खराब, 125 किमी तक चार लीटर कांवड़ लेकर जा रहे धीरेंद्र, करेंगे जलाभिषेक

Fri, 13 Feb 2026 01:35 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 13 Feb 2026 01:35 AM IST
सार

धीरेंद्र के दोनों पैर खराब हैं। वह रामघाट से 125 किमी दूर मथुरा तक चार लीटर की कांवड़ लेकर बम-बम भोले बोलते हुए आगे बढ़ते नजर आए। वह एक दिन में करीब 20-24 किलोमीटर का सफर तय कर लेते हैं। रास्ते में जहां भी मंदिर पड़ता है, वहां कांवड़ की कट्टियों को टांगकर रात्रि विश्राम करते हैं।

विज्ञापन
Kanwar of disabled devotee of Shiva, Dhirendra Sikarwar
शिवभक्त दिव्यांग धीरेंद्र सिकरवार कांवड़ लेकर जाते हुए - फोटो : संवाद

विस्तार

जब ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा हो और मन में भक्ति का संकल्प तो कोई भी बाधा रास्ते में आड़े नहीं आती। इसका उदाहरण मथुरा की तहसील महावन के गांव आंगई दाऊजी निवासी शिवभक्त दिव्यांग धीरेंद्र सिकरवार हैं। दोनों पैर न होने के बाद भी वह राजघाट से मथुरा तक कांवड़ लेकर जा रहे हैं। गले में गंगाजल की दो कट्टी लटकाए धीरेंद्र को जो देखता है वह नमन ही करता है।

विज्ञापन

कांवड़िया धीरेंद्र आंगई निवासी किसान सत्यवीर सिंह के चार बेटे एक बेटी में दूसरे नंबर के धीरेंद्र जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनके बड़े भाई जितेंद्र सिकरवार दिल्ली में इंजीनियर हैं। धीरेंद्र ने बताया कि वह बल्देव पब्लिक स्कूल में हाईस्कूल तक पढ़े हैं। दिव्यांग होने के कारण वह घर से पांच किमी दूर बस से स्कूल पढ़ने जाते थे। माता-पिता और भाई-बहन उनकाे हमेशा सहयोग करते हैं। वह अकेले ही बिना किसी अन्य व्यक्ति के सहारे कांवड़ लेने निकले हैं। वह अविवाहित हैं। वह बस द्वारा रामघाट पहुंचे और वहां स्नान कर बुधवार को रामघाट से चले थे। बृहस्पतिवार को अतरौली पहुंचे।
विज्ञापन


एक दिन में तय करते हैं 14 किलोमीटर सफर
उन्होंने बताया कि वह एक दिन में करीब 20-24 किलोमीटर का सफर तय कर लेते हैं। रास्ते में जहां भी मंदिर पड़ता है, वहां कांवड़ की कट्टियों को टांगकर रात्रि विश्राम करते हैं। खाने में हल्का खाना जो भी मिल जाए खाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले भी दो लीटर की कांवड़ ले जा चुके हैं
धीरेंद्र ने बताया कि वह पिछले वर्ष दो लीटर जल लेकर गए थे। इस बार चार लीटर जल लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की प्रति उनकी आस्था है। ईश्वर की भक्ति के लिए परिवार के सदस्य भी उनका सहयोग करते हैं। समाजसेवी मंगल गुप्ता, भुवेंद्र उपाध्याय, दुष्यंत आदि कहते हैं कि इस तरह के भक्तों के जज्बे को देखकर हर कोई बेहद प्रभावित हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed